Sunday, January 27, 2013

'विदेह' १२३ म अंक ०१ फरबरी २०१३ (वर्ष ६ मास ६२ अंक १२३)- PART I


                     ISSN 2229-547X VIDEHA
'विदेह' १२३ म अंक ०१ फरबरी २०१३ (वर्ष ६ मास ६२ अंक १२३)India Flag Nepal Flag

 

अंकमे अछि:-

. संपादकीय संदेश


. गद्य










. पद्य











...http://www.videha.co.in/BindeshwarNepali.jpgबिन्देश्वर ठाकुर "नेपाली"-प्रेमक फल/ पिया अहाँक यादमे  .http://www.videha.co.in/kishankarigar.jpg किशन कारीगर- मनुक्ख बनब कोना?


गद्य-पद्य भारती:.मूल तेलुगु कविता:http://www.videha.co.in/PASUPULETI_GEETHA.jpgपसुपुलेटि गीता; तेलुगुसँ हिंदी अनुवाद:http://www.videha.co.in/santhasundari.jpgआर.शांता सुंदरी; हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद: विनीत उत्पल (दिल्लीक बलात्कारक घटनापर)- दुमर्जा . मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्ग- http://www.videha.co.in/HARISHANKAR_SRIVASTAVA_SHALABHA.jpgहरिशंकर श्रीवास्तवशलभ"- (हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद http://www.videha.co.in/Vinit_Utpal.jpgविनीत उत्पल)


 

बालानां कृते-.http://www.videha.co.in/JagdanandJha.jpgजगदानन्द झा 'मनु'- बाल गजल२.http://www.videha.co.in/AmitMishra.jpgअमित मिश्र- बाल गजल -

 http://www.videha.co.in/img/VIDEHA_LOGO.jpgविदेह मैथिली पोथी डाउनलोड साइट
http://www.videha.co.in/img/VIDEHA_LOGO.jpgVIDEHA MAITHILI BOOKS FREE DOWNLOAD SITE

विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक ( ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी मे ) पी.डी.एफ. डाउनलोडक लेल नीचाँक लिंकपर उपलब्ध अछि। All the old issues of Videha e journal ( in Braille, Tirhuta and Devanagari versions ) are available for pdf download at the following link.

http://www.videha.co.in/img/VIDEHA_LOGO.jpgब्लॉग "लेआउट" पर "एड गाडजेट" मे "फीड" सेलेक्ट कए "फीड यू.आर.एल." मे http://www.videha.co.in/index.xml टाइप केलासँ सेहो विदेह फीड प्राप्त कए सकैत छी। गूगल रीडरमे पढ़बा लेल http://reader.google.com/ पर जा कऽ Add a  Subscription बटन क्लिक करू आ खाली स्थानमे http://www.videha.co.in/index.xml पेस्ट करू आ Add  बटन दबाउ।


http://www.videha.co.in/img/VIDEHA_LOGO.jpgविदेह रेडियो:मैथिली कथा-कविता आदिक पहिल पोडकास्ट साइट



मैथिली देवनागरी वा मिथिलाक्षरमे नहि देखि/ लिखि पाबि रहल छी, (cannot see/write Maithili in Devanagari/ Mithilakshara follow links below or contact at ggajendra@videha.com) तँ एहि हेतु नीचाँक लिंक सभ पर जाउ। संगहि विदेहक स्तंभ मैथिली भाषापाक/ रचना लेखनक नव-पुरान अंक पढ़ू।
http://devanaagarii.net/
http://kaulonline.com/uninagari/  (एतए बॉक्समे ऑनलाइन देवनागरी टाइप करू, बॉक्ससँ कॉपी करू आ वर्ड डॉक्युमेन्टमे पेस्ट कए वर्ड फाइलकेँ सेव करू। विशेष जानकारीक लेल ggajendra@videha.com पर सम्पर्क करू।)(Use Firefox 4.0 (from WWW.MOZILLA.COM )/ Opera/ Safari/ Internet Explorer 8.0/ Flock 2.0/ Google Chrome for best view of 'Videha' Maithili e-journal at http://www.videha.co.in/ .) 

Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Book/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ (उच्चारण, बड़ सुख सार आ दूर्वाक्षत मंत्र सहित) डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ।
 VIDEHA ARCHIVE विदेह आर्काइव

example

ज्योतिरीश्वर पूर्व महाकवि विद्यापति। भारत आ नेपालक माटिमे पसरल मिथिलाक धरती प्राचीन कालहिसँ महान पुरुष ओ महिला लोकनिक कर्मभमि रहल अछि। मिथिलाक महान पुरुष ओ महिला लोकनिक चित्र 'मिथिला रत्न' मे देखू।

example

गौरी-शंकरक पालवंश कालक मूर्त्ति, एहिमे मिथिलाक्षरमे (१२०० वर्ष पूर्वक) अभिलेख अंकित अछि। मिथिलाक भारत आ नेपालक माटिमे पसरल एहि तरहक अन्यान्य प्राचीन आ नव स्थापत्य, चित्र, अभिलेख आ मूर्त्तिकलाक़ हेतु देखू 'मिथिलाक खोज'


मिथिला, मैथिल आ मैथिलीसँ सम्बन्धित सूचना, सम्पर्क, अन्वेषण संगहि विदेहक सर्च-इंजन आ न्यूज सर्विस आ मिथिला, मैथिल आ मैथिलीसँ सम्बन्धित वेबसाइट सभक समग्र संकलनक लेल देखू "विदेह सूचना संपर्क अन्वेषण"
विदेह जालवृत्तक डिसकसन फोरमपर जाउ।
"मैथिल आर मिथिला" (मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय जालवृत्त) पर जाउ।

 

. संपादकीय

[नो एण्ट्री: मा प्रविश २००८ ई. मे छपल आ साहित्य अकादेमी पुरस्कार लेल एकर चयन २०१०, २०११ बा २०१२ मे नै भऽ सकलै। आब ई पोथी मैथिली साहित्य लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार लेल उपलब्ध नै रहत। ऐ तरहक आनो उदाहरण रहल अछि। नो एण्ट्री: मा प्रविश क मैथिली साहित्य आ विश्व साहित्य मध्य स्थान नीचाँक आलेखमे निरूपित कएल जा रहल अछि। ई शृंखला आगाँ सेहो जारी रहत।]

चारिटा उत्तर आधुनिक नाटक: सैमुअल बैकेटक फ्रेंच नाटक वेटिंग फॉर गोडो”, हैरोल्ड पिंटरक अंग्रेजी नाटक द बर्थडे पार्टी”, बादल सरकारक बांग्ला नाटक एवम् इन्द्रजीतआ उदय नारायण सिंह नचिकेताक मैथिली नाटक नो एण्ट्री: मा प्रविश
.......................................
http://www.videha.co.in/SamuelBeckett.jpeg"वेटिंग फॉर गोडोदू अंकीय ट्रेजी-कॉमेडी अछि। सैमुअल बैकेट द्वारा ई 1952 . मे फ्रेंच भाषामे लिखल गेल आ एकर पहिल प्रदर्शन पेरिसमे 1953 . मे भेल। एकर अंग्रेजी संस्करणक प्रदर्शन लंदनमे 1955 . मे भेल आ अंग्रेजी संस्करण 1956 . मे प्रकाशित भेल।
http://www.videha.co.in/HaroldPinter.jpegहैरोल्ड पिंटरक अंग्रेजी नाटक द बर्थडे पार्टी कैम्ब्रिजमे 1958 . मे मंचित भेल आ 1960 . मे प्रकाशित भेल।

http://www.videha.co.in/BadalSircar.jpegबादल सरकारक बांग्ला नाटक एवम् इन्द्रजीत1962 . मे लिखल गेल आ ई 1965 . मे कलकत्तामे मंचित भेल।

http://www.videha.co.in/Udaya%20at%20Frankfurt-2.jpgउदय नारायण सिंह नचिकेतानो एण्ट्री: मा प्रविश2008 . मे ई-प्रकाशित आ फेर ओही बर्ख प्रकाशित भेल। 19 फरबरी 2011 केँ कुणालक निर्देशनमे कालिदास रंगालय, पटनामे ई डेढ़ घण्टाक नाटक मंचित भेल।

फ्रेंच, अंग्रेजी, बांग्ला आ मैथिलीक ई चारू नाटक पोस्ट-मॉडर्न नाटकक श्रेणीमे गानल जाइत अछि। जखन सैमुअल बैकेटक वेटिंग फॉर गोडोदेखि कलोक सभ घुरल रहथि तँ हुनका लोकनिकेँ एकटा विचित्र अनुभवसँ साक्षात्कार भेल छलन्हि। ऐ नाटकमे मात्र पाँचटा पात्र अछि- एस्ट्रागोन, व्लादीमीर, लकी, पोजो आ एकटा छौड़ा। एकटा कण्ट्री रोडपर साँझमे एकटा गाछ लग एस्ट्रागोन एकटा ढिमकापर बैसल अछि आ अपन जुत्ता दुनू हाथसँ निकालबाक प्रयास करहल अछि आ अपस्याँत अछि, आ थाकि जाइए। व्लादीमीर संगे ओ गपक प्रारम्भ होइ छै, एम्हर ओम्हरक फुसियाँहीक नमगर गपशप होइ छै। पोजो आ लकी अबैए। पोजो बुझाइए मालिक अछि आ लकी दास। दासो तेहेन जकरा गर्दनिमे नमगर रस्सा पोजो लगेने अछि। पहिने लकी अबैए, फेर रस्सा पकड़ने पोजो। लकी बड़का बैग, एकटा फोल्डिंग स्टूल, एकटा पिकनिक बास्केट आ ग्रेटकोट उघने अछि। पोजो लग चाबुक छै। लकी आदेशपालक अछि। मालिकक गप मानि फेर सभ बोझ उठा कठाढ़ भजाइए। एस्ट्रागोन आ व्लादीमीरकेँ ओकर बोझा उघनाइ नीक नै लगै छै। मुदा पोजो जखन कहै छै जे ओ ओहिने छै तँ एस्ट्रागोन पोजोकेँ आततायी बुझै छै। एस्ट्रागोन लकीक नोर पोछैए तखन ओकरा लकी मुक्का मारै छै। पोजो कहै छै जे तोरा कहलियौ ने जे लकीकेँ अनचिन्हार लोक पसिन्न नै छै।  आ एस्ट्रागोन आ व्लादीमीर ओत की करहल अछि? ओ दुनू गोटे कोनो गोडो नाम्ना व्यक्तिक बाट जोहि रहल अछि।
पोजो आ लकी चलि जाइए। एस्ट्रागोन आ व्लादीमीर लग एकटा छौड़ा अबै छै आ कहै छै जे गोडो आइ नै आबि सकता, काल्हि एता। फेर एम्हर ओम्हरक फुसियाँहीक गपशप होइए आ ओहो छौड़ा चलि जाइए। तखने मंचपर सँ बिजली चलि जाइ छै आ फेर राति भजाइ छै, चन्द्रमा उगल छै। व्लादीमीर आ एस्ट्रागोनक गपशप शुरू होइ छै। फुसियाँहीक गपमे किछु अर्थपूर्ण गपशप सेहो होइ छै। दुनू गोटे जेबाक निर्णय करै छथि मुदा हिलै नै छथि। पहिल अंकक पर्दा खसैए।
दोसर अंक, वएह समए आ स्थान। व्लादीमीरकेँ सभ किछु मोन छै मुदा एस्ट्रागोन बिसरि गेल अछि। एस्ट्रागोन कहैए जे ओ सभ किछु तुरत्ते बिसरि जाइए बा कहियो नै बिसरैए। ओकरा किछु-किछु मोनो पड़ै छै। पोजो आ लकी अबैए। पोजो आन्हर भगेल अछि, लकी ओहिना बोझा उघने अछि। रस्सा सेहो छै मुदा किछु छोट। पोजो आ लकी खसि पड़ैए। पोजो सहायता लेल कहैए मुदा एस्ट्रागोन आ व्लादीमीर गपशप करैए।
एस्ट्रागोन व्लादीमीरकेँ पहिल अंक जेकाँ दीदीकहैए। व्लादीमीर बाजैए जे हमरा सभकेँ फुसियाँहीक गपशपमे समय नै बर्बाद करबाक चाही।पोजोक सहायताक आर्तनाद नियत अंतरालपर बेर-बेर होइ छै। मुदा तइपर एस्ट्रागोन आ व्लादीमीर ध्यान नै दैए। पोजो आब सहायता लेल सए फ्रैंक फेर दू सए फ्रैंकक लालच दैए। व्लादीमीर ओकरा उठबैले जाइए, प्रयासमे अपनो खसि पड़ैए आ सहायताक पुकार करैए। फेर किछु गपशपक बाद व्लादीमीरकेँ उठेबाक प्रयासमे एस्ट्रागोन खसि पड़ैए। व्लादीमीर पोजोकेँ मारैए, पोजो घुसकुनिया दैए। तखन व्लादीमीर ओकरा ताकैए, कहैए- आबि जो, तोरा नोकसान नै पहुँचेबौ।
एस्ट्रागोन आ व्लादीमीर उठबाक प्रयास करबाक सोचैए आ उठि जाइए। एस्ट्रागोन कहैए- उठनाइ बच्चाक खेल सन हल्लुक अछि आ व्लादीमीर बजैए- ई मात्र आत्मशक्तिक प्रश्न अछि। पोजो सहायता लेल कहैए। दुनू पोजोकेँ उठबैए, फेर छोड़ैए, पोजो खसि पड़ैए। फेर दुनू ओकरा उठबैए आ पकड़ने रहैए। किछु कालमे कने छोड़ि कजाँचैए मुदा जखन पोजो खसलगैए तँ पकड़ि लैए। पोजो सेहो बुझा पड़ैए जे काल्हिक घटना बिसरल सन अछि। ओ कहैए जे ओ एक दिन सुति कउठल तँ अपनाकेँ आन्हर देखलक, ओ कहैए जे ओकरा लगै छै जे ओ अखनो सुतले तँ नै अछि। ओ लकीक विषयमे पूछैए। लागैए जे कोना ओ दुनू खसल, से ओकरा मोन नै छै। पोजो कहैए जे लकीक गर्दनिक रस्साकेँ जोरसँ खीचू बा मुँहपर जूतासँ मारू तँ ओ उठि जाएत। व्लादीमीर एस्ट्रागोनकेँ कहैए जे ओकरा लेल बदला लेबाक नीक अवसर छै। एस्ट्रागोन पुछैए (ओकर स्मृति घुरै छै!) जे जँ लकी अपन रक्षा करए तखन? तइपर पोजो बाजैए जे लकी कखनो अपन रक्षा नै करैए। मुदा एस्ट्रागोन नै व्लादीमीर लकीकेँ पएरसँ मारलगैए मुदा अपने ओकरा चोट लागि जाइ छै। घटनाक्रमसँ लगै छै जे पोजो आब अपनासँ ठाढ़ भगेल अछि।
पोजो जे लकीकेँ कोनो हाटमे बेचैले लजा रहल अछि, केँ ने काल्हिक किछु मोन छै आ नहिये काल्हि आजुक किछु मोन रहतै। ओ लकीकेँ उठैले कहैए आ लकी उठि जाइए आ अपन बोझ उठा लैए। पोजो अपन चाबुक मांगैए। लकी सभ बोझ राखैए, आ चाबुक पोजोक हाथमे दसभ बोझ उठा लैए। पोजो रस्सा मांगैए, लकी सभ बोझ राखि रस्सा पोजोकेँ पकड़ा कसभ बोझ उठा लैए!
लकी आ पोजो चलि जाइए। ओ छौंड़ा अबैए। ओ व्लादीमीरकेँ अल्बर्ट कहि सम्बोधित करैए। व्लादीमीर पुछै छै जे की ओ ओकरा नै चिन्हलक, की ओ काल्हि नै आएल छल। छौड़ा कहैए जे आइ ओ पहिल बेर आएल अछि। संदेश वएह छै, गोडो आइ नै आएत मुदा काल्हि अवश्य आएत। व्लादीमीर पुछैए जे गोडोकरैए की? तँ छौड़ा कहैए जे गोडो किछु नै करैए। व्लादीमीर पुछैए जे छौड़ाक भाए केहन छै। तँ उत्तर भेटै छै , ओ दुखित छै। व्लादीमीर पुछैए जे की काल्हि ओकर भाए आएल छलै- तँ से छौड़ाकेँ नै बुझल छै। छौड़ा उत्तर दैत कहैए जे गोडोकेँ दाढ़ी छै आ ओ कारी नै गोर छै। छौड़ा (पहिल अंक जकाँ) पुछैए जे ओ गोडोकेँ की जा ककहतै। व्लादीमीर कहैए- जा ककहू जे तोरा हमरा सभसँ भेँट भेलउ। व्लादीमीर छौड़ापर छड़पैए मुदा ओ पड़ा जाइए। सूर्यास्त होइ छै। चन्द्रमा देखा पड़ै छै।
एस्ट्रागोन कहैए जे जँ दुनू गोटे अलग भजाए तँ ई दुनू लेल नीक हेतै। जँ काल्हि गोडो नै एतै तँ ओ दुनू गोटे रस्सासँ लटकि जाएत (व्लादीमीर कहैए) आ जँ एतै तँ बचि जाएत। व्लादीमीर लकीक हैटमे ताकैए, हिलबैए, फेर पहिरैए। दुनू जेबाक निर्णय करैए मुदा कियो नै हिलैए। पर्दा खसैत अछि।
............
हैरोल्ड पिंटरक तीन अंकीय नाटक द बर्थडे पार्टी
पीटे, मेग, स्टैनले, लुलु, गोल्डबर्ग आ मैककान एकर पात्र छथि।
 पहिल अंक- मेग पीटेकेँ जलखै दैए, पुछैए जे स्टेनली उठलै आकि नै। स्टेनली अबैए, ओकरो मेग जलखै दैए। पीटे काजपर चलि जाइए। मेग आ स्टैनलेमे अंतरंग गप होइए, हँसी मजाक होइए। पीटे मेगसँ कहने रहै जे दू गोटे एतै आ किछु दिन ओकरा घरमे रहतै। ओकर घर सूची (बोर्डिंग हाउस)मे छै। स्टैनली ई सुनि पूछ-पाछ करै छै, ओ चिंतित भजाइए। स्टैनली कहैए जे ओकरा पेरिसमे नाइट क्लबमे पियानो बजेबाक नोकरीक ऑफर आएल छै। फेर एथेंस, कॉंन्सटेनटिनोपल, जाग्रेब, व्लादीवोस्टक सेहो। ई सम्पूर्ण विश्वक दर्शनबला नोकरी अछि। पुछलापर ओ कहैए जे ओ संपूर्ण विश्व, संपूर्ण देशमे पियानो बजेने अछि। एक बेर ओ कंसर्ट सेहो केने रहए। फेर ओ कहैए जे पहिल कंसर्ट मे ओ स्थानक पता हरा देलक आ नै पहुँचि सकल। दोसर कंसर्टमे जखन ओ पहुँचल तँ स्थलपर ताला लागल रहै। मेगक इच्छा नै छै जे स्टेनली कतौ जाए।
स्टेनलीकेँ लागै छै जे ओ दुनू गोटे ककरो खोजमे अछि। लुलुक अबाज अबैए। मेग खरीदारीक झोरा लबहरा जाइए, कियो ओकरासँ मिसेज बोल्स सम्बोधित कगप करै छै। लुलु अबैए आ स्टैनलीसँ गप करैए। लुलु बहराइए तँ गोल्डबर्ग आ मैककेन अबैए। मैककेन गोल्डबर्गकेँ नैट कहि सम्बोधित करैए। स्टैनली चोरा कपहिनहिये बहरा जाइए। मेग अबैए, गोल्डबर्ग ओकरा मिसेज बोल्स कहि सम्बोधित करैए आ अपनाकेँ गोल्डबर्ग आ संगीकेँ मैककेन कहि परिचय दैए। गपशपक क्रममे गोल्डबर्ग पुछै छै जे ओइ रहनिहारक नाम की छै आ ओ की करैए। मेग कहैए जे ओकर नाम स्टैनले वेबर छै आ ओ एक बेर कंसर्ट देलक मुदा केयरटेकरक गलतीसँ रातिमे ओ ओतै बन्द रहि गेल आ भोर धरि बन्द रहल। आ फेर टिप ट्रेन पकड़ि एतआबि गेल। तखने मेग कहैए जे आइ ओकर बर्थडेछिऐ। आ फेर बर्थडे पार्टीनिर्धारित होइ छै 9 बजे। लुलुकेँ सेहो बेरू पहर नोति देल जेतै। तीनू बहराइए आ स्टैनली खिड़कीसँ ताकैए। मेग अबैए। स्टैनली ओइ दुनूसँ आशंकित अछि। नाम पुछैए तँ मेग नाम बिसरि जाइए आ ओकरा गोल्ड.. मोन पड़ै छै तँ स्टैनली मोन पाड़ै छै- गोल्डबर्ग। मेग पुछैए जे की स्टेनली ओकरा चिन्हैए तँ स्टैनली गुम्म रहैए। फेर स्टैनली कहैए जे आइ ओकर बर्थडे नै छिऐ। मेग ओकरा लेल बच्चाक ड्रम उपहारमे अनने अछि आ तकर बदलामे ओ स्टैनलीसँ चुम्मा मांगैए।
अंक 2 मे स्टैनली आ मैक्कानक गपशप भरहल छै। स्टैनली बाहर जाए चाहैए। ओ मैक्कानकेँ कहै छै जे ई बोर्डिंग हाउस नै छी, नहिये कहियो रहै। पीटे आ गोल्डबर्ग अबैए। गोल्डबर्ग पीटेकेँ मिस्टर बोल्स कहि सम्बोधित करैए। पीटेक गेलाक बाद स्टैनली कहैए जे ऐ घरक लोकक सुंघबाक शक्ति चलि गेल छै तेँ ओ गोल्डबर्ग आ मैक्कानक खतरा नै चीन्हि पाबि रहल छथि, हुनका सभक प्रति ओकर (स्टैनलीक) जिम्मेवारी छै।
मैक्कान ओकरासँ चश्मा छीनि लैए। मैक्कान आ गोल्डबर्ग ओकरासँ पुछैए जे ओ किए अपन पत्नीक हत्या केलक। ओ नाम बदलने अछि आ चरित्रहीन अछि, स्त्रीकेँ दूषित करैए।
झगड़ा शुरू होइ छै। मुदा झगड़ा रुकलाक बाद (प्रायः मेगकेँ नै बुझल छै) मेग पार्टी ड्रेसमे अबैए। सामान्य गप होइ छै।
लुलु अबैए, गोल्डबर्ग ओकरा कोरामे बैसबैए। लुलुक पुछलापर जे ओकरा तँ होइ छलै जे ओ नैटछी, गोल्डबर्ग कहै छै जे ओकर पत्नी ओकरा सिमे कहि बजबै छै।
पार्टीमे खेल शुरू होइए, आँखिमे पट्टी बान्हि क। मिसेज बोल्सकेँ लुलु स्कार्फसँ आँखि बान्हैए। ओ जकरा छू देत तकरा आँखिपर पट्टी बान्हल जाएत। ओ मैक्केनकेँ छुबैए। फेर स्टैनली छुआइए। ओकर चश्मा लेल जाइ छै। स्टेनलीकेँ पट्टी बान्हल जाइ छै। मैक्केन स्टेनलीक चश्मा तोड़ि दैए। मैक्केन ड्रमकेँ स्टेनलीक रस्तामे राखैए, ओ खसि पड़ैए आ मेगक गर्दनि दबब चाहैए, मैक्केन आ गोल्डबर्ग बचबै छै।
अन्हार पसरैए।
स्टैनलीकेँ अबैत देखि लुलु बेहोश भजाइए। स्टैनले लुलुकेँ टेबुलपर राखैए। मैक्कानकेँ टॉर्च भेटै छै। ओ टेबुल आ स्टैनलीपर टॉर्च बाड़ैए।
अंक 3: पीटे आ मेगमे गप होइ छै। मेग स्टैनलीक विषयमे पीटेसँ पुछैए। लुलु अबैए, गोल्डबर्गसँ पुछैए जे ओकर पिता बा एडी (ओकर पहिल प्रेमी) की सोचत जँ ओ ई सुनत। ओ कहैए जे गोल्डबर्ग अपन दुष्ट पियास तृप्त केलक, ओ लुलुकेँ से सभ सिखेलक जे एकटा युवती तीन बेर बियाहल जेबाक बादे सीखत। गोल्डबर्ग कहैए जे ओ ई केलक कारण लुलु ओकरा ई करदेलक।
लुलु जाइए।
मेगक अनुपस्थितिमे गोल्डबर्ग आ मैक्कान स्टेनलीकेँ लजाइए। पीटे ओकरा छोड़ैले कहैए। गोल्डबर्ग आ मैक्कान पीटेकेँ सेहो संगमे चलैले कहैए, कारमे जगह छै। पीटे स्थिर रहैए। पीटे असगरे रहि जाइए, मेग अबैए। पुछैए, ओ सभ गेल? पीटे कहैए- हँ। स्टेनलीक विषयमे मेग पुछैए- ओ सुतले अछि? पीटे कहैए- ओ सुतल अछि।
-सुतदियौ।
मेग पुछैए- की ई नीक पार्टी नै छल तँ पीटे कहैए- ओ बादमे आएल।
पर्दा खसैए।
.......
बादल सरकारक एवम् इन्द्रजीत
एवम् इन्द्रजीतमे लेखक, काकी, मानसी, अमल, विमल, कमल, इन्द्रजीत आ इन्द्रजीतक पत्नी ( नाटकमे बादमे) दोसर मानसी पात्र अछि।
अंक 1- लेखक एकटा नाटकक खोजमे अछि। ओकर काकी ओकर खेनाइ-पिनाइ छोड़ि लिखैत रहबापर तमसाएल छै। मानसी पुछैए जे ओ पढ़त जे किछु ओ लिखलक। लेखक कहैए, ओ किछु नै लिखलक। मानसी ओकरा प्रयास करैले कहै छै। लेखक दर्शकमेसँ चारिटा बादमे आबैबलाकेँ स्टेजपर बजबैए, अमल, विमल, कमल। चारिम अपन नाम निर्मल कुमार कहैए। लेखक कहैए- ई नै भसकै छै, अपन असली नाम बताउ। ओ कहैए- इन्द्रजीत राय। अमल, विमल, कमल एवम् इन्द्रजीत। मानसी (असली नाम दोसर मुदा लेखक कहैए मानसीये) ओकर ममियौत बहिन छिऐ। ओ ओकरासँ प्रेम करैए, परम्परा तोड़चाहैए
अंक 2: बादमे ओकरा लागै छै जे की जँ ई प्रेम सफल भइयो जेतै तँ ओकरा उत्तर भेटतै? नै ने। ओ लंदन सेहो जाएत। मृत्यु चाहैए, नै कपाबैए। लेखक द्वारा नामित इन्द्रजीतक मानसी अविवाहित अछि, हजारीबागमे पढ़बैए।    
मुदा अमल, विमल, कमलक विपरीत इन्द्रजीत लीखपर नै चलैए। अलग किछु करचाहैए। काका, जकरा ओ माए कहैए, खाइले कहै छै आ मानसी लिखैले। मुदा जखन एक बेर मानसी लेखककेँ खाइले कहि दैए तँ लेखक दुखी भजाइए, नै, अहूँ? नै।
मुदा फेर मानसीकेँ गलतीक भान होइ छै, ओ ओकर लेखनक विषयमे पुछैए। लेखक चिंतित अछि, ई इन्द्रजीत वास्तविकताकेँ नै मानैए, कोनो प्रतिबद्धता ओकरामे नै छै। मुदा मानसी से नै मानैए।
ओ सपना तँ देखैए ने।
इन्द्रजीत लंदनसँ कोलकाता घुरैए, एकटा दोसर स्त्रीसँ बियाह करैए, ओकरो नाम मानसी छिऐ (इन्द्रजीत एकरा मानसी कहैए, पहिलुका मानसी जेकरा लेखक मानसी कहैए ओ इन्द्रजीतक ममियौत छिऐ, जकरासँ इन्द्रजीत प्रेम करैए मुदा ओ भाएक रिश्तासँ ओकरासँ बियाह नै करैए जे लोक की कहतै, आ इन्द्रजीत लेखककेँ कहैत रहैए जे ओकर नाम मानसी नै छिऐ। )
इन्द्रजीत बुझलगैए (मानसीकेँ ओ कहैए) जे व्यक्तिक भिन्नताक मात्र भ्रम अछि। स्वप्न स्वप्न अछि ओ वास्तविकता नै बनि सकैए।  मानसी, मानसी, मानसी, सभ मानसी, जेना अमल, विमल, कमल। लेखक पूछैए तँ इन्द्रजीत कहैए- अमल, विमल, कमल एवम् इन्द्रजीत (सेहो!)


लेखकक यात्राक कोनो लक्ष्य नै, कोनो उद्देश्य नै, फुसियाँहीक यात्रा जकर कोनो कारण नै। लेखक इन्द्रजीतकेँ कहैए, हमरा सभकेँ जीबाक अछि, चलबाक अछि, कोनो धर्मस्थल नै तैयो तीर्थयात्रा करबाक अछि।    

उदय नारायण सिंह नचिकेतानो एण्ट्री: मा प्रविश
   
प्रथम कल्लोल: ई नाटक ज्योतिरीश्वरक परम्परामे कल्लोलमे (हुनकर वर्ण रत्नाकर कल्लोलमे विभक्त अछि जे नाटक नहि छी, धूर्त-समागम जे ज्योतिरीश्वर लिखित नाटक अछि- अंकमे विभक्त अछि) विभाजित अछि। चारि कल्लोलक विभाजनक प्रथम कल्लोल स्वर्ग (वा नरक) केर द्वारपर आरम्भ होइत अछि। ओतए बहुत रास मुइल लोक द्वारक भीतर प्रवेशक लेल पंक्तिबद्ध छथि। क्यो पथ दुर्घटनामे शिकार भेल बाजारी छथि तँ संगमे युद्दमे मृत भेल सैनिक आ चोरि करए काल मारल गेल चोर, उच्चक्का आ पॉकिटमार सेहो छथि। ज्योतिरीश्वरक धूर्तसमागममे जे अति आधुनिक अब्सर्डिटी अछि से नो एण्ट्री: मा प्रविश मे सेहो देखबामे अबैत अछि। प्रथम कल्लोलमे जे बाजारी छथि से, पंक्ति तोड़ि आगाँ बढ़ला उत्तर, चोर आ उचक्का दुनू गोटेकेँ, कॉलर पकड़ि पुनः हुनकर सभक मूल स्थानपर दए अबैत छथि। उचक्का जे बादमे पता चलैत अछि जे गुण्डा-दादा थिक मुदा बाजारी लग सञ्च-मञ्च रहैत अछि, हुनकासँ अंगा छोड़बाक लेल कहैत अछि। मुदा जखन पॉकेटमार बाजारी दिससँ चोरक विपक्षमे बजैत अछि तखन उचक्का चक्कू निकालि अपन असल रूपमे आबि जाइत अछि आ पॉकेटमारपर मारि-मारि कए उठैत अछि। मुदा जखन चोर कहैत छनि जे ई सेहो अपने बिरादरीक अछि जे छोट-छीन पॉकेटमार मात्र बनि सकल, ओकर जकाँ माँजल चोर नहि, आ उचक्का जेकाँ गुण्डा-बदमाश बनबाक तँ सोचिओ नञि सकल, तखन उचक्का महराज चोरक पाछाँ पड़ि जाइत छथि, जे बदमाश ककरा कहलँह। आब पॉकेटमार मौका देखि पक्ष बदलैत अछि आ उचक्काकेँ कहैत छन्हि जे अहाँकेँ नहि हमरा कहलक। संगे ईहो कहैत अछि जे चोरि तँ ई तेहन करए जनैत अछि, जे गिरहथक बेटा आ कुकुर सभ चोरि करैत काल पीटैत-पीटैत एतऽ पठा देलकए आ हमर खिधांश करैत अछि, बड़का चोर भेला हँ। भद्र व्यक्ति चोरक बगेबानी देखि ई विश्वास नहि कए पबैत छथि जे ओ चोर थिकाह। ताहिपर पॉकेटमार, चोर महाराजकेँ आर किचकिचबैत छन्हि। तखन ओ चोर महराज एहि गपपर दुख प्रकट करैत छथि जे नहि तँ ओहि राति एहि पॉकेटमारकेँ चोरिपर लए जएतथि आ ने ओ हुनका पिटैत देखि सकैत। एम्हर बजारी जे पहिने चोर आ उच्क्काकेँ कॉलर पकड़ि घिसिया चुकल छलाह, गुम्म भेल सभटा सुनैत छथि आ दुख प्रकट करैत छथि जे एकरा सभक संग स्वर्गमे रहब, तँ स्वर्ग केहन होएत से नहि जानि। आब बजारी महराज गीतक एकटा टुकड़ी एहि विषयपर पढ़ैत छथि। जेना धूर्तसमागममे गीत अछि तहिना नो एण्ट्री: मा प्रविश मे सेहो, ई एहि स्थलपर प्रारम्भ होइत अछि जे एहि नाटककेँ संगीतक बना दैत अछि। ओम्हर पॉकेटमारजी सभक पॉकेट काटि लैत छथि आ बटुआ साफ कए दैत छथि। आब फेर गीतमय फकड़ा शुरू भए जाइत अछि मुदा तखने एकटा मृत रद्दीबला सभक तंद्राकेँ तोड़ि दैत छथि, ई कहि जे यमालयक बन्द दरबज्जाक ओहि पार, ई बटुआ आ पाइ-कौड़ी कोनो काजक नहि अछि। आब दुनू मृत भद्र व्यक्ति सेहो बजैत छथि, जे हँ दोसर देसमे दोसर देसक सिक्का कहाँ चलैत अछि। आब एकटा रमणीमोहन नाम्ना मृत रसिक भद्र व्यक्तिक दोसर देसक सिक्का नहि चलबाक विषयमे टीप दैत छथि, जे हँ ई तँ ओहिना अछि जेना प्रेयसीक दोसरक पत्नी बनब। आब एहि गपपर घमर्थन शुरू भए जाइत अछि। तखन रमणी मोहन गपक रुखि घुमा दैत छथि जे दरबज्जाक भीतर रम्भा-मेनका सभ हेतीह। भिखमंगनी जे तावत अपन कोरामे लेल एकटा पुतराकेँ दोसराक हाथमे दए बहसमे शामिल भऽ गेल छथि, ईर्ष्यावश रम्भा-मेनकाकेँ मुँहझड़की इत्यादि कहैत छथि। मुदा पॉकेटमार कहैत अछि जे भीतरमे सुख नहि दुखो भए सकैत अछि। एहिपर बीमा बाबू अपन कार्यक स्कोप देखि प्रसन्न भए जाइत छथि। आब पॉकेटमार इन्द्रक वज्र पर रुपैय्याक बोली शुरू करैत अछि। एहि बेर बजारी तन्द्रा भंग करैत अछि आ दुनू भद्र व्यक्ति हुनकर समर्थन करैत कहैत अछि, जे ई अद्भुत नीलामी अछि, जे करबा रहल अछि से पॉकेटमार आ ओहिमे शामिल अछि चोर आ भिखमंगनी, पहिले-पहिल सुनल अछि आ फेर संगीतमय फकड़ा सभ शुरू भए जाइत अछि। मुदा तखने नंदी-भृंगी शास्त्रीय संगीतपर नचैत प्रवेश करैत छथि। आब नंदी-भृंगीक ई पुछलापर जे दरबज्जाक भीतर की अछि, सभ गोटे अपना-अपना हिसाबसँ स्वर्ग-नरक आ अकास-पताल कहैत छथि। मुदा नंदी-भृंगी कहैत छथि जे सभ गोटे सत्य कहैत छी आ क्यो गोटे पूर्ण सत्य नहि बजलहुँ। फेर बजैत-बजैत ओ कहए लगैत छथि, क्यो चोरि काल मारल गेलाह (चोर ई सुनि भागए लगैत छथि तँ दु-तीन गोटे पकड़ि सोझाँ लए अनैत छन्हि!) तँ क्यो एक्सीडेन्टसँ, आ एहि तरहेँ सभटा गनबए लगैत छथि, मुदा बीमा-बाबू कोना बिन मृत्युक एतए आयल छथि से हुनकहु लोकनिकेँ नहि बुझल छन्हि ! बीमा बाबू कहैत छथि जे ओ नव मार्केटक अन्वेषणमे आएल छथि ! से बिन मरल सेहो एक गोटे ओतए छथि ! भृंगी नंदीकेँ ढ़ेर रास बीमा कम्पनीक आगमनसँ आएल कम्पीटिशनक विषयमे बुझबैत छथि ! एम्हर प्रेमी-प्रेमिकामे घोंघाउज शुरू होइत छन्हि, कारण प्रेमी आब घुरि जाए चाहैत छथि। रमणी मोहन प्रेमीक गमनसँ प्रसन्न होइत छथि जे प्रेमिका आब असगरे रहतीह आ हुनका लेल मौका छन्हि। मुदा भृंगी ई कहि जे एतएसँ गेनाइ तँ संभव नहि मुदा ई भऽ सकैत अछि जे दुनू जोड़ी माय-बाप (!) केँ एक्सीडेन्ट करबाए एतहि बजबा लेल जाए। मुदा अपना लेल माए-बापक बलि लेल प्रेमी-प्रेमिका तैयार नहि छथि। तखन नंदी भृंगी दुनू गोटेक विवाह गाजा-बाजाक संग करा दैत छथि आ कन्यादान करैत छथि बजारी।
दोसर कल्लोल: दोसर कल्लोलक आरम्भ होइत अछि एहि आभाससँ, जे क्यो नेता मरलाक बाद आबएबला छथि, हुनकर दुनू अनुचर मृत भए आबि चुकल छथि आ नेताजीक अएबाक सभ क्यो प्रतीक्षा कए रहल छथि, दुनू अनुचर छोट-मोट भाषण दए नेताजीक विलम्बसँ अएबाक (मृत्युक बादो !) क्षतिपूर्ति कए रहल छथि, गीतक योग दए। एकटा गीत चोर नहि बुझैत छथि मुदा भिखमंगनी आ रद्दीबला बुझि जाइत छथि, ताहि पर बहस शुरू होइत अछि। चोरकेँ अपनाकेँ चोर कहलापर आपत्ति अछि आ भिखमंगनीकेँ ओ भिख-मंग कहैत अछि तँ भिखमंगनी ओकरा रोकि कहैत छथि जे ओ सरिसवपाहीक अनसूया छथि, मिथिला-चित्रकार, मुदा दिल्लीक अशोकबस्ती आबि बुझलन्हि जे एहि नगरमे कला-वस्तु क्यो नहि किनैत अछि आ तखन चौबटियाक भिखमंगनी बनि रहि गेलीह। चोर कहैत अछि जे मात्र ओ बदनाम छथि, चोरि तँ सभ करैत अछि। नव बात कोनो नहि अछि, सभ अछि पुरनकाक चोरि। तकर बाद नेताजी पहुँचि जाइत छथि आ लोकक चोर, उचक्का आ पॉकेटमार होएबाक कारण समाजक स्थितिकेँ कहैत छथि। तखने एकटा वामपंथी अबैत छथि आ ओ ई देखि क्षुब्ध छथि जे नेताजी चोर, उचक्का आ पॉकेटमारसँ घिरल छथि। मुदा चोर अपन तर्क लए पुनः प्रस्तुत होइत अछि आ नेताजीक राखल चोर-पुराणनामक आधारपर बजारी जी गीत शुरू कए दैत छथि।
तेसर कल्लोल: आब नेताजी आ वामपंथीमे गठबंधन आ वामपंथी द्वारा सरकारक बाहरसँ देल समर्थनपर  चरचा शुरू भए जाइत अछि। नेताजी फेर गीतमय होइत छथि आकि तखने स्टंट-सीन करैत एकटा मुइल अभिनेता विवेक कुमारक अएलासँ आकर्षण ओम्हर चलि जाइत अछि। टटका-ब्रेकिंग न्यूज देबाक मजबूरीपर नेताजी व्यंग्य करैत छथि। वामपंथी दू बेर दू गोट गप- नव गप कहि जाइत छथि, एक जे बिन अभिनेता बनने क्यो नेता नहि बनि सकैत अछि आ दोसर जे चोर नेता नहि बनि सकैछ (ई चोर कहैत अछि) मुदा नेता सभ तँ चोरि करबामे ककरोसँ पाछाँ नहि छथि। तखने एकटा उच्च वंशीय महिला अबैत छथि आ हुनकर प्रश्नोत्तरक बाद एकटा सामान्य क्यूक संग एकटा वी.आइ.पी.क्यू बनि जाइत अछि। अभिनेता, नेता आ वामपंथी सभ वी.आइ.पी.क्यूमे ठाढ़ भऽ जाइत छथि ! ई पुछलापर जे पंक्ति किएक बनल अछि (?) ताहिपर चोर-पॉकेटमार कहैत छथि जे हुनका लोकनिकेँ पंक्ति बनएबाक (आ तोड़बाक सेहो) अभ्यास छन्हि।
चतुर्थ कल्लोल: यमराज सभक खाता-खेसरा देखि लैत छथि आ चित्रगुप्त ई रहस्योद्घाटन करैत छथि जे एक युग छल जखन सोझाँक दरबज्जा खुजितो छल आ बन्न सेहो होइत छल। नंदी भृंगी पहिनहि सूचित कए देलन्हि जे सोझाँक दरबज्जा स्वप्न नहि, मात्र बुझबाक दोष छल। दरबज्जाक ओहि पार की अछि ताहि विषयमे सभ क्यो अपना-अपना हिसाबसँ उत्तर दैत छथि। चित्रगुप्त कहैत छथि जे सभक वर्णनक सभ वस्तु छै ओहिपार। नंदी-भृंगी सूचित करैत छथि जे एहि गेटमे प्रवेश निषेध छै, नो एण्ट्री केर बोर्ड लागल छै। आहि रे ब्बा! आब की होअए ! नेताजीकेँ पठाओल जाइत छन्हि यमराजक सोझाँ, मुदा हुनकर सरस्वती ओतए मन्द भए जाइत छन्हि। बदरी विशाल मिश्र प्रसिद्ध नेताजी, केर खिंचाई शुरू होइत छन्हि असली केर बदला सर्टिफिकेट बला कम कए लिखाओल उमरिपर। पचपन बरिख आयु आ शश योग कहैत अछि जे सत्तरि से ऊपर जीताह से ओ आ संगमे मृत चारू सैनिककेँ आपिस पठा देल जाइत अछि। दूटा सैनिक नेताजीक संग चलि जाइत छथि आ दू टा अनुचर सेहो जाए चाहैत अछि। मुदा नेताजीक अनुचर सभक अपराध बड़ भारी, से चित्रगुप्तक आदेशपर नंदी-भृंगी हुनका लए, कराहीमे भुजबाक लेल बाहर लए जाइत छथि तँ बाँचल दुनू सैनिक हुनका पकड़ि केँ लए जाइत छथि आ नंदी-भृंगी फेर मंचपर घुरि अबैत छथि। तहिना तर्कक बाद प्रेमी-प्रेमिका, दुनू भद्र पुरुष आ बजारीकेँ सेहो त्राण भेटैत छन्हि ढोल-पिपहीक संग हुनका बाहर लए गेल जाइत अछि। आब नन्दी जखन अभिनेताक नाम विवेक कुमार उर्फ...बजैत छथि तँ अभिनेता जी रोकि दैत छथि, जे कतेक मेहनतिसँ जाति हुनकर पाछाँ छोड़ि सकल अछि, से उर्फ तँ छोड़िए देल जाए। वामपंथी गोष्ठीकेँ अभिनेता द्वारा मदति केर विवरणपर वामपंथी प्रतिवाद करैत छथि। हुनको पठा देल जाइत छनि। वामपंथीक की हेतन्हि, हुनकर कथामे तँ ने स्वर्ग-नर्क अछि आ ने यमराज-चित्रगुप्त। हुनका अपन भविष्यक निर्णय स्वयं करबाक अवसर देल जाइत छन्हि। मुदा वामपंथी कहैत छथि जे हुनकर शिक्षा आन प्रकारक छलन्हि, मुदा एखन जे सोझाँ घटित भए रहल छन्हि ताहिपर कोना अविश्वास करथु? मुदा यमराज कहैत छथि जे- भऽ सकैत अछि, जे अहाँ देखि रहल छी से दुःस्वप्न होअए, जतए पैसैत जाएब ओतए लिखल अछि नो एण्ट्री। आब यमराज प्रश्न पुछैत छथि जे विषम के, मनुक्ख आकि प्रकृति ? वामपंथी कहैत छथि जे दुनू, मुदा प्रकृतिमे तँ नेचुरल जस्टिस कदाचित् होइतो छै मुदा मनुक्खक स्वभावमे से गुन्जाइश कतए ? मुदा वामपंथी राजनीति एकर (समानताक, सुधार केर) प्रयास करैत अछि। ताहिपर हुनका संग चोर-उचक्का आ पॉकेटमारकेँ पठाओल जाइत अछि, ई अवसर दैत जे हिनका सभकेँ बदलू। चोर कनेक जाएमे इतस्तः करैत अछि आ ई जिज्ञासा करैत अछि जे हम सभ तँ जाइए रहल छी मुदा एहिसँ आगाँ ? नंदी-चित्रगुप्त-यमराज समवेत स्वरमे कहैत छथि- नो एण्ट्री। भृंगी तखने अबैत छथि, अभिनेताकेँ छोड़ने। यमराज कहैत छथि - मा प्रविश। भृंगी नीचाँमे होइत चरचाक गप कहैत अछि, जे एतुक्का निअम बदलल जएबाक आ कतेक गोटेकेँ पृथ्वीपर घुरए देल जएबाक चरचा सर्वत्र भए रहल अछि। यमदूत सभ अनेरे कड़ाह लग ठाढ़ छथि क्यो भुजए लेल कहाँ भेटल छन्हि (मात्र दू टा अनुचर छोड़ि)। आब क्यो नहि आबए बला बचल अछि, से सभ कहैत छथि। चित्रगुप्त अपन नमहर दाढ़ी आ यमराज अपन मुकुट उतारि लैत छथि आ स्वाभाविक मनुक्ख रूपमे आबि जाइत छथि! मुदा चित्रगुप्तक मेकप बला नमहर दाढ़ी देखि भिखमंगनी जे ओतए छलीह, हँसि दैत छथि। भृंगी उद्घाटन करैत छथि जे भिखमंगनी हुनके सभ जेकाँ कलाकार छथि ! कोन अभिनय ! तकर विवरण मुहब्बत आ गुदगुदीपर खतम होइत अछि, तँ भिखमंगनी कहैत छथि जे नहि एहि तरहक अभिनय तँ ओतए (देखा कए) भऽ रहल अछि। ओत्तऽ रमणी मोहन आ उच्चवंशीय महिला निभाक रोमांस चलि रहल अछि। मुदा निभाजी तँ बजिते नहि छथि। भिखमंगनी यमराजसँ कहैत छथि जे ओ तखने बजतीह जखन एहि दरबज्जाक तालाक चाभी हुनका भेटतन्हि, बुझतीह जे अपसरा बनबामे यमराज मदति दए सकैत छथि, ई रमणीक हृदय थिक एतहु नो एण्ट्री ! यमराज खखसैत छथि, तँ चित्रगुप्त बुझि जाइत छथि जे यमराज पंचशरसँ ग्रसित भए गेल छथि ! चित्रगुप्तक कहला उत्तर सभ क्यो एक कात लए जाओल जाइत छथि मात्र यमराज आ निभा मंचपर रहि जाइत छथि। यमराज निभाक सोझाँ- सुनू ने निभा... कहि रुकि जाइत छथि। सभक उत्साहित कएलापर यमराज बड़का चाभी हुनका दैत छथि, मुदा निभा चाभी भेटलापर रमणी मोहनक संग तेना आगाँ बढ़ैत छथि जेना ककरो अनका चिन्हिते नहि होथि ! ओ चाभी रमणी मोहनकेँ दए दैत छथि मुदा ओ ताला नहि खोलि पबैत छथि। फेर निभा अपने प्रयास करए लेल आगाँ बढ़ैत छथि मुदा चित्रगुप्त कहैत छथि जे ई मोनक दरबज्जा थिक, ओना नहि खुजत। महिला ठकए लेल चाभी देबाक (!) गप कहैत छथि। सभ क्यो हँसी करैत छनि जे मोन कतए छोड़ि अएलहुँ ? ताहिपर एकबेर पुनः रमणी मोहन आ निभा मोन संजोगि कए ताला खोलबाक असफल प्रयास करैत छथि। नंदी-भृंगी-भिखमंगनी गीत गाबए लगैत छथि जकर तात्पर्य ईएह जे मोनक ताला अछि लागल, मुदा ओतए अछि नो एण्ट्री। मुदा ऋतु वसन्तमे प्रेम होइछ अनन्त आ करेज कहैत अछि मैना-मैना । तँ एतहि नो एण्ट्री दरबज्जापर धरना देल जाए।
  
नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१३ क घोषणा
मुख्य अभिनय-
(1) सुश्री आशा कुमारी सुपुत्री श्री रामावतार यादव, उमेर- १८, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) मो. समसाद आलम सुपुत्र मो. ईषा आलम, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(3) सुश्री अपर्णा कुमारी सुपुत्री श्री मनोज कुमार साहु, जन्‍म ति‍थि‍- १८--१९९८, पता- गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
हास्‍यअभिनय-
(1) श्री ब्रह्मदवे पासवान उर्फ रामजानी पासवान सुपुत्र- स्‍व. लक्ष्‍मी पासवान, पता- गाम+पोस्‍ट- औरहा, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) टाॅसि‍फ आलम सुपुत्र मो. मुस्‍ताक आलम, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- झंझारपुर, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान (मांगनि खबास समग्र योगदान सम्मान)
शास्‍त्रीय संगीत सह तानपुरा :
श्री रामवृक्ष सि‍ंह सुपुत्र श्री अनि‍रूद्ध सि‍ंह, उमेर- ५६, गाम- फुलवरि‍या, पोस्‍ट- बाबूबरही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
मांगनि‍ खबास सम्‍मान: मिथिला लोक संस्कृति संरक्षण:
श्री राम लखन साहु पे. स्‍व. खुशीलाल साहु, उमेर- ६५, पता, गाम- पकड़ि‍या, पोस्‍ट- रतनसारा, अनुमंडल- फुलपरास (मधुबनी)
नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान (समग्र योगदान सम्मान):
नृत्‍य -
(1) श्री हरि‍ नारायण मण्‍डल सुपुत्र- स्‍व. नन्‍दी मण्‍डल, उमेर- ५८, पता- गाम+पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) सुश्री संगीता कुमारी सुपुत्री श्री रामदेव पासवान, उमेर- १६, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- झंझारपुर, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
चि‍त्रकला-
(1) जय प्रकाश मण्‍डल सुपुत्र- श्री कुशेश्वर मण्‍डल, उमेर- ३५, पता- गाम- सनपतहा, पोस्‍ट बौरहा, भाया- सरायगढ़, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2) श्री चन्‍दन कुमार मण्‍डल सुपुत्र श्री भोला मण्‍डल, पता- गाम- खड़गपुर, पोस्‍ट- बेलही, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार) संप्रति‍, छात्र स्‍नातक अंति‍म वर्ष, कला एवं शि‍ल्‍प महावि‍द्यालय- पटना।   
हरि‍मुनि‍याँ / हारमोनियम
(1) श्री महादेव साह सुपुत्र रामदेव साह, उमेर- ५८, गाम- बेलहा, वार्ड- नं. ०९, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री जागेश्वर प्रसाद राउत सुपुत्र स्‍व. रामस्‍वरूप राउत, उमेर ६, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
ढोलक/ ठेकैता/ ढोलकि‍या
(1) श्री अनुप सदाय सुपुत्र स्‍व.   , पता- गाम- तुलसि‍याही, पोस्‍ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2) श्री कल्‍लर राम सुपुत्र स्‍व. खट्टर राम, उमेर- ५०, गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
रसनचौकी वादक-
(1) वासुदेव राम सुपुत्र स्‍व. अनुप राम, गाम+पोस्‍ट- ि‍नर्मली, वार्ड न. ०७  , जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)

शिल्पी-वस्तुकला-

(1) श्री बौकू मल्‍लि‍क सुपुत्र दरबारी मल्‍लि‍क, उमेर- ७०, गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री राम वि‍लास धरि‍कार सुपुत्र स्‍व. ठोढ़ाइ धरि‍कार, उमेर- ४०, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
मूर्तिकला-मृर्तिकार कला-
(1) घूरन पंडि‍त सुपुत्र- श्री मोलहू पंडि‍त, पता- गाम+पोस्‍ट बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री प्रभु पंडि‍त सुपुत्र स्‍व.   , पता- गाम+पोस्‍ट- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
काष्ठ-कला-
(1) श्री जगदेव साहु सुपुत्र शनीचर साहु, उमेर- ३६, गाम- ि‍नर्मली-पुरर्वास, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2) श्री योगेन्‍द्र ठाकुर सुपुत्र स्‍व. बुद्धू ठाकुर उमेर- ४५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
किसानी- आत्मनिर्भर संस्कृति-
(1) श्री राम अवतार राउत सुपुत्र स्‍व. सुबध राउत, उमेर- ६६, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
(2) श्री रौशन यादव सुपुत्र स्‍व. कपि‍लेश्वर यादव, उमेर- ३५, गाम+पोस्‍ट बनगामा, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
अल्हा/महराइ-
(1) मो. जीबछ सुपुत्र मो. बि‍लट मरहूम, उमेर- ६५, पता- गाम- बसहा, पोस्‍ट- बड़हारा, भाया- अन्‍धराठाढ़ी, जि‍ला- मधुबनी, पि‍न- ८४७४०१
जोगि‍रा-

श्री बच्‍चन मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. सीताराम मण्‍डल, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
श्री रामदेव ठाकुर सुपुत्र स्‍व. जागेश्वर ठाकुर, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)

पराती (प्रभाती) गौनि‍हार आ खजरी/ खौजरी वादक-
(1) श्री सुकदेव साफी
सुपुत्र श्री   ,
पता- गाम इटहरी, पोस्‍ट- बेलही, भाया- ि‍नर्मली, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
पराती (प्रभाती) गौनि‍हार - (अगहनसँ माघ-फागुन तक गाओल जाइत)
(1) सुकदेव साफी सुपुत्र स्‍व. बाबूनाथ साफी, उमेर- ७५, पता- गाम इटहरी, पोस्‍ट- बेलही, भाया- ि‍नर्मली, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2) लेल्हु दास सुपुत्र स्‍व. सनक मण्‍डल पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)

झरनी-
(1) मो. गुल हसन सुपुत्र अब्‍दुल रसीद मरहूम, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
(2) मो. रहमान साहब सुपुत्र...., उमेर- ५८, गाम- नरहि‍या, भाया- फुलपरास, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
नाल वादक-
(1) श्री जगत नारायण मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. खुशीलाल मण्‍डल, उमेर- ४०, गाम+पोस्‍ट- ककरडोभ, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री देव नारायण यादव सुपुत्र श्री कुशुमलाल यादव, पता- गाम- बनरझुला, पोस्‍ट- अमही, थाना- घोघड़डीहा, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
गीतहारि‍/ लोक गीत-
(1) श्रीमती फुदनी देवी पत्नी श्री रामफल मण्‍डल, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
(2) सुश्री सुवि‍ता कुमारी सुपुत्री श्री गंगाराम मण्‍डल, उमेर- १८, पता- गाम- मछधी, पोस्‍ट- बलि‍यारि‍, भाया- झंझारपुर, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
खुरदक वादक-
(1) श्री सीताराम राम सुपुत्र स्‍व. जंगल राम, उमेर- ६२, पता- गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री लक्ष्‍मी राम सुपुत्र स्‍व. पंचू मोची, उमेर- ७०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
काँरनेट-
(1) श्री चन्‍दर राम सुपुत्र- स्‍व. जीतन राम, उमेर- ५०, पता- गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) मो. सुभान, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
बेन्‍जू वादक-

(1) श्री राज कुमार महतो सुपुत्र स्‍व. लक्ष्‍मी महतो, उमेर- ४५, गाम- ि‍नर्मली वार्ड नं. ०४, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2) श्री घुरन राम, उमेर- ४३, गाम+पोस्‍ट- बनगामा, भाया- नरहि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)

भगैत गवैया-
(1)  श्री जीबछ यादव सुपुत्र स्‍व. रूपालाल यादव, उमेर- ८०, पता- गाम इटहरी, पोस्‍ट- बेलही, भाया- ि‍नर्मली, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
(2)  श्री शम्‍भु मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. लखन मण्‍डल, पता- गाम- बढि‍याघाट-रसुआर, पोस्‍टमुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, ि‍जला- सुपौल (बि‍हार)
खि‍स्‍सकर- (खि‍स्‍सा कहैबला)-

(1) श्री छुतहरू यादव उर्फ राजकुमार, सुपुत्र श्री राम खेलावन यादव, गाम- घोघरडि‍हा, पोस्‍ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल, पि‍न- ८४७४५२
(2) बैजनाथ मुखि‍या उर्फ टहल मुखि‍या-
(2)सुपुत्र स्‍व. ढोंगाइ मुखि‍या,
पता- गाम+पोस्‍ट- औरहा, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)


मिथिला चित्रकला-
(1) सुश्री मि‍थि‍लेश कुमारी सुपुत्री श्री रामदेव प्रसाद मण्‍डल झारूदारपता- गाम- रसुआर, पोस्‍ट-मुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, ि‍जला- सुपौल (बि‍हार)
(2) श्रीमती वीणा देवी पत्नी श्री दि‍लि‍प झा, उमेर- ३५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
खजरी/ खौजरी वादक-
(2) श्री कि‍शोरी दास सुपुत्र स्‍व. नेबैत मण्‍डल, पता- गाम- रसुआर, पोस्‍ट-मुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, ि‍जला- सुपौल (बि‍हार)
तबला-

श्री उपेन्‍द्र चौधरी सुपुत्र स्‍व. महावीर दास, उमेर- ५५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
श्री देवनाथ यादव सुपुत्र स्‍व. सर्वजीत यादव, उमेर- ५०, गाम- झाँझपट्टी, पोस्‍ट- पीपराही, भाया- लदनि‍याँ, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)

सारंगी- (घुना-मुना)
(1) श्री पंची ठाकुर, गाम- पि‍पराही।
झालि‍- (झलि‍बाह)
(1) श्री कुन्‍दन कुमार कर्ण सुपुत्र श्री इन्‍द्र कुमार कर्ण पता- गाम- रेबाड़ी, पोस्‍ट- चौरामहरैल, थाना- झंझारपुर, जि‍ला- मधुबनी, पि‍न- ८४७४०४
(2) श्री राम खेलावन राउत सुपुत्र स्‍व. कैलू राउत, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
बौसरी (बौसरी वादक)

श्री रामचन्‍द्र प्रसाद मण्‍डल सुपुत्र श्री झोटन मण्‍डल, उमेर- ३०, बौसरी/बौसली/बासुरी बजबै छथि‍।
पता- गाम- रसुआर, पोस्‍ट- मुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, ि‍जला- सुपौल (बि‍हार)
श्री वि‍भूति‍ झा सुपुत्र स्‍व. कनटीर झा, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- कछुबी, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)

लोक गाथा गायक

श्री रवि‍न्‍द्र यादव सुपुत्र सीताराम यादव, पता- गाम- तुलसि‍याही, पोस्‍ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
श्री पि‍चकुन सदाय सुपुत्र स्‍व. मेथर सदाय, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)


मजि‍रा वादक (छोकटा झालि‍...)

श्री रामपति‍ मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. अर्जुन मण्‍डल, पता- गाम- रसुआर, पोस्‍ट- मुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, ि‍जला- सुपौल (बि‍हार)


मृदंग वादक-

(1) श्री कपि‍लेश्वर दास सुपुत्र स्‍व. सुन्नर दास, उमेर- ७०, गाम- लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, पोस्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, थाना- लौकही, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
(2) श्री खखर सदाय सुपुत्र स्‍व. बंठा सदाय, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)

तानपुरा सह भाव संगीत

(1) श्री रामवि‍लास यादव सुपुत्र स्‍व. दुखरन यादव, उमेर- ४८, गाम- सि‍मरा, पोस्‍ट- सांगि‍, भाया- घोघड़डीहा, थाना- फुलपरास, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)

तरसा/ तासा-

श्री जोगेन्‍द्र राम सुपुत्र स्‍व. बि‍ल्‍टू राम, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
श्री राजेन्‍द्र राम सुपुत्र कालेश्वर राम, उमेर- ५८, गाम- मझौरा, पास्‍ट- छजना, भाया- नरहि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार) 

रमझालि‍/ कठझालि‍/ करताल वादक-

श्री सैनी राम सुपुत्र स्‍व. ललि‍त राम, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
श्री जनक मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. उचि‍त मण्‍डल, उमेर- ६०, रमझालि‍/ कठझालि‍/ करताल वादक,  १९७५ ई.सँ रमझालि‍ बजबै छथि‍। पता- गाम- बढि‍याघाट/रसुआर, पोस्‍ट- मुंगराहा, भाया- ि‍नर्मली, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)

गुमगुमि‍याँ/ ग्रुम बाजा

श्री परमेश्वर मण्‍डल सुपुत्र स्‍व. बि‍हारी मण्‍डल उमेर- ४१, १९८० ई.सँ गुमगुि‍मयाँ बजबै छथि‍।
श्री जुगाय साफी सुपुत्र स्‍व. श्री श्रीचन्‍द्र साफी, उमेर- ७५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)

डंका/ ढोल वादक

श्री बदरी राम, उमेर- ५५, पता- गाम इटहरी, पोस्‍ट- बेलही, भाया- ि‍नर्मली, थाना- मरौना, जि‍ला- सुपौल (बि‍हार)
श्री योगेन्‍द्र राम सुपुत्र स्‍व. बि‍ल्‍टू राम, उमेर- ५५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)

डंफा (होलीमे बजाओल जाइत...)

श्री जग्रनाथ चौधरी उर्फ धि‍यानी दास सुपुत्र स्‍व. महावीर दास, उमेर- ६५, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)
श्री महेन्‍द्र पोद्दार, उमेर- ६५, पता- गाम+पोस्‍ट- चनौरागंज, भाया- तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार)
नङेरा/ डि‍गरी-
श्री राम प्रसाद राम सुपुत्र स्‍व. सरयुग मोची, उमेर- ५२, पता- गाम+पोस्‍ट- बेरमा, भाया- तमुरि‍या, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शि‍वि‍र), जि‍ला- मधुबनी पि‍न- ८४७४१० (बि‍हार)


Gajendraगजेन्द्र ठाकुर

ggajendra@videha.com

 

अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ।

No comments:

Post a Comment

"विदेह" प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका http://www.videha.co.in/:-
सम्पादक/ लेखककेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, जेना:-
1. रचना/ प्रस्तुतिमे की तथ्यगत कमी अछि:- (स्पष्ट करैत लिखू)|
2. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो सम्पादकीय परिमार्जन आवश्यक अछि: (सङ्केत दिअ)|
3. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो भाषागत, तकनीकी वा टंकन सम्बन्धी अस्पष्टता अछि: (निर्दिष्ट करू कतए-कतए आ कोन पाँतीमे वा कोन ठाम)|
4. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो आर त्रुटि भेटल ।
5. रचना/ प्रस्तुतिपर अहाँक कोनो आर सुझाव ।
6. रचना/ प्रस्तुतिक उज्जवल पक्ष/ विशेषता|
7. रचना प्रस्तुतिक शास्त्रीय समीक्षा।

अपन टीका-टिप्पणीमे रचना आ रचनाकार/ प्रस्तुतकर्ताक नाम अवश्य लिखी, से आग्रह, जाहिसँ हुनका लोकनिकेँ त्वरित संदेश प्रेषण कएल जा सकय। अहाँ अपन सुझाव ई-पत्र द्वारा ggajendra@videha.com पर सेहो पठा सकैत छी।

"विदेह" मानुषिमिह संस्कृताम् :- मैथिली साहित्य आन्दोलनकेँ आगाँ बढ़ाऊ।- सम्पादक। http://www.videha.co.in/
पूर्वपीठिका : इंटरनेटपर मैथिलीक प्रारम्भ हम कएने रही 2000 ई. मे अपन भेल एक्सीडेंट केर बाद, याहू जियोसिटीजपर 2000-2001 मे ढेर रास साइट मैथिलीमे बनेलहुँ, मुदा ओ सभ फ्री साइट छल से किछु दिनमे अपने डिलीट भऽ जाइत छल। ५ जुलाई २००४ केँ बनाओल “भालसरिक गाछ” जे http://www.videha.com/ पर एखनो उपलब्ध अछि, मैथिलीक इंटरनेटपर प्रथम उपस्थितिक रूपमे अखनो विद्यमान अछि। फेर आएल “विदेह” प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका http://www.videha.co.in/पर। “विदेह” देश-विदेशक मैथिलीभाषीक बीच विभिन्न कारणसँ लोकप्रिय भेल। “विदेह” मैथिलक लेल मैथिली साहित्यक नवीन आन्दोलनक प्रारम्भ कएने अछि। प्रिंट फॉर्ममे, ऑडियो-विजुअल आ सूचनाक सभटा नवीनतम तकनीक द्वारा साहित्यक आदान-प्रदानक लेखकसँ पाठक धरि करबामे हमरा सभ जुटल छी। नीक साहित्यकेँ सेहो सभ फॉरमपर प्रचार चाही, लोकसँ आ माटिसँ स्नेह चाही। “विदेह” एहि कुप्रचारकेँ तोड़ि देलक, जे मैथिलीमे लेखक आ पाठक एके छथि। कथा, महाकाव्य,नाटक, एकाङ्की आ उपन्यासक संग, कला-चित्रकला, संगीत, पाबनि-तिहार, मिथिलाक-तीर्थ,मिथिला-रत्न, मिथिलाक-खोज आ सामाजिक-आर्थिक-राजनैतिक समस्यापर सारगर्भित मनन। “विदेह” मे संस्कृत आ इंग्लिश कॉलम सेहो देल गेल, कारण ई ई-पत्रिका मैथिलक लेल अछि, मैथिली शिक्षाक प्रारम्भ कएल गेल संस्कृत शिक्षाक संग। रचना लेखन आ शोध-प्रबंधक संग पञ्जी आ मैथिली-इंग्लिश कोषक डेटाबेस देखिते-देखिते ठाढ़ भए गेल। इंटरनेट पर ई-प्रकाशित करबाक उद्देश्य छल एकटा एहन फॉरम केर स्थापना जाहिमे लेखक आ पाठकक बीच एकटा एहन माध्यम होए जे कतहुसँ चौबीसो घंटा आ सातो दिन उपलब्ध होअए। जाहिमे प्रकाशनक नियमितता होअए आ जाहिसँ वितरण केर समस्या आ भौगोलिक दूरीक अंत भऽ जाय। फेर सूचना-प्रौद्योगिकीक क्षेत्रमे क्रांतिक फलस्वरूप एकटा नव पाठक आ लेखक वर्गक हेतु, पुरान पाठक आ लेखकक संग, फॉरम प्रदान कएनाइ सेहो एकर उद्देश्य छ्ल। एहि हेतु दू टा काज भेल। नव अंकक संग पुरान अंक सेहो देल जा रहल अछि। विदेहक सभटा पुरान अंक pdf स्वरूपमे देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेल, तीनू लिपिमे, डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि आ जतए इंटरनेटक स्पीड कम छैक वा इंटरनेट महग छैक ओतहु ग्राहक बड्ड कम समयमे ‘विदेह’ केर पुरान अंकक फाइल डाउनलोड कए अपन कंप्युटरमे सुरक्षित राखि सकैत छथि आ अपना सुविधानुसारे एकरा पढ़ि सकैत छथि।
मुदा ई तँ मात्र प्रारम्भ अछि।
अपन टीका-टिप्पणी एतए पोस्ट करू वा अपन सुझाव ई-पत्र द्वारा ggajendra@videha.com पर पठाऊ।

'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. जगदीश प्रसाद मण्‍डलक  दूटा लघु कथा   कोढ़िया सरधुआ  आ  त्रिकालदर ्शी २.२. नन...