Monday, July 30, 2012

'विदेह' ११० म अंक १५ जुलाइ २०१२ (वर्ष ५ मास ५५ अंक ११०)- PART II



आशीष अनचिन्हार

मैथिली गजलकार परिचय श्रृंखला

भाग-1

जीवन झा

आधुनिक मैथिलीक पहिल गजलकार।

परिचय----स्व.जीवन झा जन्म हरिपुर गाम ( प्रखंड-सरायरंजन, समस्तीपुर ) 1856 ई.मृत्यु काशीमे 1920 , प्रेमशंकर सिंह हिनकर जन्म आ मृत्यु 1848-1912 लिखै छथि, काशीराजक दानाध्यक्ष पदपर बहुत दिन रहथि, हिनक चारिटा नाटक सुन्दर संयोग, नर्मदा सट्टक, मैथिली सट्टक आ सामवती पुनर्जन्म।सामाजिक विषयपर मैथिली नाटक लिखबाक प्रारम्भ ईएह केलनि, संस्कृत परम्परा रखैत फारसीसँ प्रभावित हिनकर नाटक अछि, नाटकक बीचमे ई गीत-गजल दै छला।
जन्मक कोनो तिथि नै अछि। हिनक मृत्यु इ.1912 केर बैशाख शुक्ल सप्तमीकेँ भेलन्हि। हिनक गजल प्रस्तुत अछि| प्रस्तुत गजल हिनक सुन्दर संयोग नाटकसँ लेल गेल अछि जे की 1905 इ. मे लिखल गेल छल।


कविवर जीवन झाक नाटक सुन्दर संयोगसँ लेल मैथिलीक पहिल गजल

सुन्दर संयोग चतुर्थ अंकमे लेखक स्वयं (गजल) कहि एकरा सम्बोधित कएने छथि।
(गजल)
आइ भरि मानि लिअऽ नाथ ने हट जोर करू।
देहरी ठाढ़ि सखी हो न एखन कोर करू ॥१॥

हाय रे दैव! इ ककरासँ कहू क्यो न सुनै।
सैह खिसिआइए जकरा कनेको सोर करू ॥२॥

लाथ मानै ने क्यो सभ लोक करैए हँसी।
बाजऽ भूकऽ ले जँ कनेक जकर सोझ ओठ करू ॥३॥

जाइ एखन ने धनी एक कहल मोर करू।
आन संगोर करू एहि ठाम भोर करू ॥४॥


( मैथिली गजल शास्त्र आलेख भाग-९सँ साभार )

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-2


आरसीप्रसाद सिंह


मानलजाइत अछि जे जीवन झा केर बादमैथिलीमे आरसी प्रसाद सिंहगजल लिखला। हिनक जन्म इ 19अगस्त1911मे समस्तीपुरक "एरौत" नामकगाममे भेल। मैथिलीमे लिखबासँपहिने ई हिन्दीमे ख्यातिप्राप्त भए चुल छलाह। हिन्दीमेहिनक "कागजकी नाव,मधु-सन्देश,बसंतकोकिल,याद,अभेद,वर्षा-गीत,क्योंप्यार करता हूँ,मनारहा हूँ उन्हें,मौनरहने दो,उल्टीनगरी,स्वर्णकिरण,आरसी"" नन्ददास"आ"संजीवनी"नामककाव्य ग्रंथ अछि तँ मैथिलीमे"माटिकदीप "" पूजाकफूल "आ"सूर्यमुखी"काव्यग्रंथ अछि। इ.1984मे"सूर्यमुखीलेल हिनका मैथिली लेल साहित्यअकादेमी पुरस्कार भेटल। हिनकमृत्यु इ.15नवम्बर1996मेभेल। इहो जीवने झा जकाँ एक-दूटागजल लिखला। प्रस्तुत अछि हिनक"गुलाबीगजल "|



गुलाबीगजल-आरसीप्रसादसिंह

अहाँकआइ कोनो आने रंग देखइ छी
बगएअपूर्व कि‍छु वि‍शेष ढंग देखइछी


चमत्‍कारकहू, आइकोन भेलऽ छि‍ जग मे
कोनोवि‍लक्षणे ऊर्जा-उमंगदेखइ छी


बसातलागि‍ कतहु की वसन्‍तक गेलऽि‍छ,
फुललगुलाब जकाँ अंग-अंगदेखइ छी


फराकेआन दि‍नसँ चालि‍ मे अछि‍ मस्‍ती
मि‍जाजि‍दंग, कीबजैत जेँ मृंदग देखइ छी


कमान-तीरचढ़ल, आओरकान धरि‍ तानल
नजरि‍पड़ैत ई घायल,वि‍हंगदेखइ छी


नि‍सासवार भऽ जाइछ बि‍ना कि‍छु पीने
अहाँकआँखि‍मे हम रंग भंग देखइ छी

मयूरप्राण हमर पाँखि‍ फुला कऽ नाचय
बनलवि‍ऽजुलता घटाक संग देखइ छी।।


लगैछरूप केहन लहलह करैत आजुक,
जेनाकि‍ फण बढ़ौने भुजंग देखइ छी


उदारपयर पड़त अहाँक कोना एहि‍ ठाँ
वि‍शालभाग्‍य मुदा,धऽरेतंग देखइ छी


कतहुने जाउ,रहूभरि‍ फागुन तेँ सोझे
अनंगआगि‍ लगो,हमअनंग देखइ छी


ई गजल शिव कुमार झा जीक सौजन्यसँअछि जे की एकरा अनचिन्हार आखरपर दू साल पहिने प्रस्तुत केने रहथि।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-3


मायानंदमिश्र




मैथिली गजलक चर्चित आ कुख्यात दूनू रूपमे स्थान। मायानंद मिश्रक ई कथन जे मैथिलीमे गजल नै लिखल जा सकैए, अनघोल मचेने रहए। मुदा मैथिली गजलक पहिल अरूजी मने गजल शास्त्रकारश्री गजेन्द्र ठाकुर मतें "मायानंद मिश्रक मात्र एतबा अभिमत रहन्हि जे वर्तमानमे मैथिलीमे बहरयुक्त गजल नै लिखल जा सकैए। तँए ओ स्वयं अपने गीतल नामसँ गजल रचना केलन्हि ( ऐठाम मोन राखू जे माया बाबू मैथिलीमे गजलकेँ नाम गीतल देने छलखिन्ह जे कि अस्वीकार्य छल ) मुदा आन-आन गजलकार सभ एकरा दोसर रूपमे लेलक आ परचारित केलक जे मायाबाबूक कथन थिक जे मैथिलीमे गजल लिखले नै जा सकैए। गजेन्द्रजी आगू लिखै छथि जे ई माया बाबूजँ ई कहबो केलखिन्ह जे मैथिलीमे गजल नै लिखल जा सकैए तँ ई कथन हुनकर सीमाक संग-संगओहि समय सभ गजलकारक सीमा छल।कारण ओहि समय एकौटा गजलकार मैथिलीमे बहरयुक्त गजल नै लीखि सकलाह आ माया बाबूक उक्तिकेँ सत्य करैत रहलाह।मुदा बाद मे इ. 2008मे अनचिन्हार आखरक आगमन होइते माया बाबूक सभ मत-अभिमत धवस्त भए गेल।

हिनक जन्म 17अगस्त 1934 ई.केँ सुपौल जिलाक बनैनियाँ गाममे भेलनि।भाङ्क लोटा, आगिमोम आपाथर आओर चन्द्र-बिन्दु-हिनकरकथा संग्रह सभ छन्हि। बिहाड़िपात पाथर , मंत्र-पुत्र,खोताआचिडै आसूर्यास्त हिनकर उपन्यास सभ अछि॥ दिशांतर हिनकर कविता संग्रह अछि। एकर अतिरिक्त सोने की नैय्या माटी के लोग,प्रथमंशैल पुत्री च,मंत्रपुत्र,पुरोहित आस्त्री-धन हिनकर हिन्दीक कृति अछि।1988- हिनका(मंत्रपुत्र,उपन्यास)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित कए गेलन्हि।

प्रबोध सम्मान 2007सँ सम्मानित।


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-4


गंगेशगुंजन 1942

जन्मस्थान- पिलखबाड़,मधुबनी।श्रीगंगेश गुंजन मैथिलीक प्रथमचौबटिया नाटक बुधिबधियाकलेखक छथि आ हिनका उचितवक्ता(कथासंग्रह) कलेल साहित्य अकादमी पुरस्कारभेटल छन्हि। एकर अतिरिक्त्तमैथिलीमे हम एकटा मिथ्यापरिचय, लोकसुनू (कवितासंग्रह), अन्हार-इजोत (कथासंग्रह), पहिललोक (उपन्यास),आइ भोर (नाटक)दुखकदुपहरियामे (गजलसन किछु) प्रकाशित।हिन्दीमे मिथिलांचल की लोककथाएँ, मणिपद्मकनैका- बनिजाराकमैथिलीसँ हिन्दी अनुवाद आशब्द तैयार है (कवितासंग्रह)।१९९४-गंगेश गुंजन(उचितवक्ता,कथा)पुस्तकलेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँसम्मानित ।

जहाँधरि गजलक गप्प छै तँ ई मैथिलीमे" गजलसन किछु " लिखलाआ ओहो मात्र दस-पनरहटा।हिनक पोथी " दुखकदुपहरियामे " एकरबानगी देखल जा सकैए।


मैथिलीकपहिल अरूजी गजेन्द्र ठाकुरकमतें.......मायानन्दमिश्र गीतलकहि आ गंगेशगुंजन गजल सन किछु मैथिलीमेकहि जे गलत परम्पराकेँ जारीरखबाक निर्णय लेने छथि तकराबाद मुन्ना जी आ आशीष अनचिन्हारजँ बिना छन्द/ बहरकगजल लिखै छथि तँ एकरा हम मायानन्दमिश्र, गंगेशगुंजन आ लालकिलावादी अ-गजलकारलोकनिक दुष्प्रभावे बुझै छी।

गजलकार परिचय श्रृंखला भाग-5


श्रीमती शेफालिका वर्मा जी मैथिलीक पहिल महिला गजलकार छथि। किछुए ( दसक भीतर ) गजल लिखने छथि।


जन्म:९ अगस्त, १९४३,जन्म स्थान : बंगाली टोला, भागलपुर । शिक्षा:एम., पी-एच.डी. (पटना विश्वविद्यालय), ए. एन. कालेज, पटना मे हिन्दीक प्राध्यापिका पदसँ सेवानिवृत्त । नारी मनक ग्रन्थिकेँ खोलि:करुण रससँ भरल अधिकतर रचना। प्रकाशित रचना:झहरैत नोर, बिजुकैत ठोर; विप्रलब्धा (कविता संग्रह), स्मृति रेखा (संस्मरण संग्रह), एकटा आकाश (कथा संग्रह), यायावरी (यात्रा-वृत्तान्त), भावाञ्जलि (काव्य-प्रगीत) , किस्त-किस्त जीवन (आत्मकथा)। ठहरे हुए पल (हिन्दी) । २००४ ई.मे- डॉ. श्रीमती शेफालिका वर्माकेँ, पटना;यात्री-चेतना पुरस्कार भेटलन्हि।



ऐ फोटोमे श्रीमती शेफालिका वर्मा जी बिहारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमारसँ पुरस्कार ग्रहण करैत।

गजलकार परिचय श्रृंखला भाग-6

हिनक एक-दूटा गजल अछि आ गजलक संबंधमे हिनक एक-दूटा लेख १९८४-८५केँ बीचमे प्रकाशित भेल।


कथाकर, समीक्षक, अनुवादक, ग्रंथ सम्पादक । साहित्य अकादेमीक मूल एवं अनुवाद पुरस्कार प्राप्त कर्त्ता ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगाक मैथिली विभागक पूर्व प्राचार्य । प्रकाशन: पसिझैत पाथर, (अनु.) आदि । १९९१- रामदेव झा (पसिझैत पाथर, एकांकी)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।१९९४- रामदेव झा (सगाइ- राजिन्दर सिंह बेदी, उर्दू) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-7

प्रस्तुत अछि किछु एहन गजलकारक सूची जे कि छिटपुट गजल लिखला आ अन्यविधामे महारत हासिल केलाह। ई सूची शुरूसँ एल क' एखनधरिक अछि। संगे-संग भारत आ नेपाल दुन्नू मिला कए अछि। जँ ऐमे कोनो नाम छूटि गेल हुअए तँ ओ अहाँ सभ तुरंत सूचित करी से हमर आग्रह।ऐ सूचीकेँ आलवे बादमे एकटा आर एहने सूची आएत जाहिमे ओहन नव गजलकारक नाम रहत।---------


मुंशी रघुनंदन दास, यदयनाथ झा यदुवर, बाबू भुवनेश्वर सिंह भुवन, आनंद झा न्यायाचार्य, रमानंद रेणु, फूल चंद्र झा प्रवीण, वैकुण्ठ विदेह, शीतल झा, प्रेमचंद्र पंकज, प.नित्यानंद मिश्र, शारदानंद दास परिमल, तारानंद झा तरुण, रमाकांत राय रमा, महेन्द्र कुमार मिश्र, विनोदानंद, दिलीप कुमार झा दिवाना, वैद्यनाथ मिश्र बैजू, विलट पासवान विहंगम, सारस्वत, कर्ण संजय, अनिल चंद्र ठाकुर, श्याम सुन्दर शशि, अशोक दत्त, कमल मोहन चुन्नू, रोशन जनकपुरी, जियाउर रहमान जाफरी, धर्मेन्द्र विहवल्, सुरेन्द्र प्रभात, अतुल कुमार मिश्र, रमेश रंजन, कन्हैया लाल मिश्र, गोविन्द दहाल, चंद्रेश, चंद्रमणि झा, फजलुर रहमान हाशमी, रामलोचन ठाकुर, विनयविश्व बंधु, रामदेव भावुक, सोमदेव, रामचैतन्य धीरज, महेन्द्र, केदारनाथ लाभ, गोपाल जी झा गोपेश, नंद कुमार मिश्र,देवशंकर नवीन,मार्कण्डेय प्रवासी,अमरेन्द्र यादव।

कुल 51टा
बहुत रास नाम धीरेन्द्र प्रेमर्षि जी द्वारा संपादित गजल विशेषांक पर आधारित अछि।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-8

विभूति आनंद (जन्म-4/10/1955 )

हिनक गजल संग्रह " उठा रहल घोघ तिमिर " ( प्रकाशक-भारती संस्थान (पटना) ) बर्ख JUNE 1981मे आएल। आ ई मैथिलीक पहिल गजल संग्रह बनल। हिनक संबंधमे मैथिली गजलक पहिल पूर्णकालिक आलोचक आ समीक्षक श्री ओम प्रकाश जी कहै छथि.................. " हमरा हिसाबेँ काफियाक दोख पृष्ठ बीस, बाईस, चौबीस, पचीस, अट्ठाईस, उनतीस(संयुक्ताक्षर काफियाक नियमक दोख), बत्तीस आ सैंतीस मे सेहो अछि। एकर सबहक विस्तृत वर्णन देब हम अपेक्षित नै बूझि रहल छी, कियाक तँ इ हमर उद्देश्य कथमपि नै अछि। गजल संग्रहक सब गजलक विषय-वस्तु नीक अछि आ गजलकार अपन भावना नीक जकाँ प्रकट केने छथि।
किछु गजलक काफिया आ रदीफक दोख जँ कात कऽ कऽ देखी, तँ इ गजल-संग्रह एकटा नीक गजल-संग्रह अछि। गजलकारक गजल कहबाक क्षमता सेहो नीक बुझाईत अछि। हमरा ई अचरज लागि रहल अछि जे ऐ संग्रहक बाद गजलकारक दोसर गजल-संग्रह किया नै आएल अछि। एकर कारण तँ गजलकारे केँ पता हेतैन्हि, मुदा अपन अनुभवक आधार पर हम कहऽ चाहै छी जे श्री विभूति आनन्द नीक गजल लिख सकैत छथि। जँ बहरक विचार नै करी, तँ २०१२ मे आएल श्री अरविन्द ठाकुरजीक गजल-संग्रह सँ करीब एकतीस बर्ख पहिने १९८१ मे लिखल गेल एहि संग्रहक गजल सब उम्दा कहल जा सकैत अछि। एकर कारण इ जे एहि संग्रहक गजल सब मे काफियाक नियम-पालनक प्रतिशत वर्तमान समयक संग्रह सब सँ बेसी अछि। कथ्यक मजबूती सेहो नीक कोटिक अछि। खाली कुहरल तुकमिलानी केने गजल नै कहल जा सकैत अछि, इ गप एहि संग्रह केँ पढलाक बाद एखुनका गजलकार सभ केँ सेहो बुझेतन्हि, इ आशा अछि। इहो एकटा अचरजक विषय अछि जे जखन मैथिली मे नीक गजल एतेक साल पहिनो कहल गेल छल, तखन एकर बाद गजलक विकास-यात्रा पचीस-तीस बर्ख धरि कतऽ आ किया ठमकि गेल। बीचक अवधि मे मैथिली गजलक विकासक धार मे बान्ह किया बनि गेल छल, इ विचारणीय गप अछि। ओना आब इ बान्ह टूटि रहल अछि आ आशाक नब जोति मे मैथिली गजलक घोघ उठि रहल अछि। "


श्री आनंद जीक अन्य विवरण एना अछि-----------


जन्म: शिवनगर, मधुबनी, बिहार। चर्चित कवि, कथाकार, संपादक । प्रकाशित कृति टूटा उपन्यास टूटा समीक्षा, तीन टा कथा संग्रह, टूटा गीत-गजल संग्रह ओ चारिटा कथा-संग्रह प्रकाशित।२००६- विभूति आनन्द (काठ, कथा)मैथिली लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार ।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-9


स्व. कलानंद भट्ट

गाम--- उछटी ( दरभंगा)
जन्म----15 मइ 1941, मृत्य----5 अक्टूबर1994
प्रकाशित कृति---------- कान्ह पर लहास हमर( गजल संग्रह)
अप्रकाशित पांडुलिपि--- हिलकोर ( रुबाइ संग्रह)

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-10

अनंत बिहारी लाल दास"इन्दु"1928-2010

प्रकाशित पोथी (मात्रगजलक दए रहल छी एहिकेँ अतिरिक्तोहिनक पोथी सभ छन्हि)
1) नवीन मैथिलीगजल-----शाइर अनन्तबिहारी लाल दस "इन्दु"
2) मधुर मैथिलीगजल------शाइर अनन्तबिहारी लाल दस "इन्दु"
( इन्दु जीक संग्रहकजानकारी हमरा सरस जी द्वाराभेटल अछि हलाकिं हुनको लग दूनूसंग्रह नै छन्हि)
उपल्बधि----
2007मे- अनन्तबिहारी लाल दास इन्दु जीकेँ”(युद्ध आ योद्धा-अगमसिंह गिरि, नेपाली)लेलसाहित्य अकादेमी मैथिली अनुवादपुरस्कार प्राप्त भेलन्हि।


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-11


रवीन्द्र नाथ ठाकुर

रवीन्द्र-महेन्द्र नामक चर्चित जोड़ीक ई रवीन्द्र छथि। हिनक एकटा गजल संग्रह छन्हि---लेखनी एक रंग अनेक ( पूर्वांचल प्रकाशन ( पटना ), वर्ख-१९८५.)

हिनक अन्य विवरण एना अछि--

जन्म पूर्णिञा जिलाक धमदाहा ग्राममे 1936 ई. मे भेलन्हि । नेने अवस्थासँ गीत गएबामे एवं कविता लिखबामे विशेष रुचि । कोनो मंच पर ठाढ़ भेला पर ई सहजहि श्रीताकेँ आह्लादित करैत छथि । हिनक सात गोट मैथिलीक गीत संग्रह, एक मिनी महाकाव्य, एक प्रयोगधर्मी काव्य, एक उपन्यास, एक नाटक एक रातिएवं एक हिन्दी नाटक,आ उपरोक्त गजल संग्रह प्रकाशित भेल छन्हि ।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-12


सियारामझा "सरस" --10 JULY 1948,जन्म स्थान -मेंहथ, मधुबनी बिहार।

गजल संग्रह---
1) शोणिताएल पएरक निशान ( प्रकाशक-सरला प्रकाशन, मेहथ, प्रकाशन साल-1989)
2) लोकवेद आलालकिला ( संपादित) ( प्रकाशक---विद्यापति सेवा संस्थान, प्रकाशन साल-1990)
3) थोड़े आगि थोड़ पानि ( प्रकाशक---नवारम्भ, प्रकाशन साल-2008)



विशेष------श्रीसरस जी अनचिन्हार आखर द्वाराप्रायोजित मैथिलीमे देल जाएबला गजल लेल पहिल सम्मान "गजल कमला-कोसी-बागमती-महानंदासम्मान"क पहिल मुख्य चयनकर्ता छलाह जे किई. 2011मे शुरू भेल छल।

हिनक अन्यविवरण एना अछि---

प्रसिद्ध गीतकार-गजलकार,बादमे कथा लेखन प्रारम्भकेलनि ।

अन्य प्रकाशित कृति---- आँजुर भरि सिंगरहार---कविता---१९८२, गीत रश्मि---गीत ( संपादन)--१९९४, नै भेटतौ खालिस्तान--गीत--१९९४, आखर-आखर गीत ---गीत--१९९९, चन्नाक पहाड़ ( अनूदित उपन्यास, साहित्य अकादेमीसँ प्रकाशित--१९९९), उगैतसूर्यक धम्मक (कथासंग्रह) आ उपरोक्तगजल संग्रह।

गजलकार परिचय श्रृंखला भाग-13



तारानन्द वियोगी 12/5/1966



महिषी, सहरसामे जन्म। पहिल पोथी अपन युद्धक साक्ष्य (गजल संग्रह) १९९१ मे प्रकाशित। अन्य पुस्तक हस्तक्षेप (कविता-संग्रह), अतिक्रमण (कथा-संग्रह), शिलालेख (लघुकथा संग्रह), कर्मधारय( आलोचना )। राजकमल चौधरीक कथाकृति एकटा चंपाकली एकटा विषधर संकलन-स‍पादन। साहित्य अकादेमी मैथिली बाल साहित्य पुरस्कार २०१०-तारानन्द वियोगीकेँ पोथी "ई भेटल तँ की भेटल" लेल। यात्री-चेतना पुरस्कार २०१० ई.मे सेहो प्राप्त भेलन्हि।

" हालचाल " आ " संकल्प " नामक दूटा पत्रिकाक किछु अंकक संपादन।



गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-14


रमेश-1961
गजल संग्रह---नागफेनी---IPSITA PUBLICATION, 1990

ई सियाराम झा सरस जीक छोट भए छथिन्ह आ सरस-रमेश जोड़ीक रमेश छथि।




जन्म स्थान मेंहथ, मधुबनी, बिहार। चर्चित कथाकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: समांग, समानांतर, दखल (कथा संग्रह),संगोर, समवेत स्वरक आगू, कोसी धारक सभ्यता, पाथर पर दूभि (काव्य संग्रह), प्रतिक्रिया (आलोचनात्मक निबंध),आ उपरोक्त गजल संग्रह

गजलकार परिचय श्रृंखला भाग-15


सुरेन्द्र नाथ

प्रकाशित गजल संग्रह- गजल हमर हथियार थिक ( नवारम्भ प्रकाशन, साल 2008)

जन्म-3-2-1951
प्रकाशित पोथी---
१) दृष्टिकोण ( आलोचना आ व्यंग) 2000मे प्रकाशित
२) समय शिला ( कथा) 2008
३) मंडन मिश्र मीमांसा, अद्वैत समागम ( संपादित) 2008

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-16



राजेन्द्र विमल, जनकपुर, नेपाल

प्रकाशित गजल संग्रह----सूर्यास्तसँ पहिने

मैथिली, नेपाली आ हिन्दी भाषाक प्राज्ञ विमल शिक्षाक हकमे विद्यावारिधि (पी.एच.डी.)क उपाधि प्राप्त कएने छथि।कम्मो लिखिकऽ यथेष्ट यश अरजनिहार डा. विमलक लेखनीक प्रशंसा मैथिलीक सङ्गसङ्ग नेपाली आ हिन्दी साहित्यमे सेहो होइत रहलनि अछि। त्रिभुवन विश्वविद्यालयअन्तर्गत रा.रा.ब. कैम्पस, जनकपुरधाममे प्राध्यापन कएनिहार डा. विमलक पूर्ण नाम राजेन्द्र लाभ छियनि। हिनक जन्म २६ जुलाई १९४९ ई. कऽ भेल अछि। साहित्यकारक नव पीढ़ीकेँ निरन्तर उत्प्रेरित करबाक कारणे ई डा.धीरेन्द्रक बाद जनकपुर-परिसरक साहित्यिक गुरुक रूपमे स्थापित भऽ गेल छथि।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-17


अरविन्द ठाकुर

प्रकाशित गजल संग्रह---बहुरुपिया प्रदेश मे। ( नवारम्भ प्रकाशन, साल नवम्बर-2011)


अन्य प्रकाशित कृति---- परती टूटि रहल अछि ( कविता), अन्हारक विरोधमे ( कथा)
जन्म---14 February 1957, सुपौल

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-18



सुधांशु शेखर चौधरी 1922-1990



प्रकाशित गजल संग्रह- गजल ओ गीत ( किछु गीत छै ऐमे आ किछु गजल)

जन्म दरभंगाक मिश्रटोलामे 1922 ई. मे भेलन्हि तथा मृत्यु 1990 ई. मे भेलन्हि । किछु दिन विभिन्न जीविकामे रहि पश्चात् साहित्यकारक जीवन प्रारम्भ कएल । किछु दिन बैदेहीक सम्पादन श्री सुमनजी एवं श्री कृष्णकान्त मिश्रजीक संग कएल तत्पश्चात् 1960 ई. सँ 1982 ई. धरि पटनामे मिथिला मिहिर’’क सफल सम्पादन कएल ।हिनक दू गोट नाट्यकृति-भफाइत चाहक जिनगी’, लेटाइत आँचर’, तथा पहिल साँझहिनक नाटकक नीक व्यावहारिक अनुभवक परिचायक अछि ।छद्मनामसँ हिनक दू गोट उपन्यास मिहिरमे प्रकाशित भेल अछि । हिनक उपन्यास ई वतहा संसारजे मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित भेल आ जाहि पर 1980 क साहित्य अकादमीक पुरस्कार देल गेल ।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-19


जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल"

विशेष---- अनचिन्हार आखर द्वारा प्रयोजित मैथिली गजल लेल देल जाए बला " गजल कमला-कोसी-बागमती-महानंदा सम्मान" लेल हिनका साल २०१२ लेल मुख्य चयन कर्ता बनाएल गेल अछि।

मूल नाम जगदीश चन्द्र ठाकुर, जन्म: 27.11.1950,शंभुआर, मधुबनी । सेवा निवृत बैंक अधिकारी। मैथिलीमे प्रकाशित पोथी-1. तोरा अडनामे -गीत संग्रह-1978; 2. धारक ओइ पार-दीर्घ कविता-1999

संप्रति- धुरझार गजल लीखि रहल छथि।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-20


कालीकांत झा "बूच" 1934-2009

हिनक किछु गजल उपलब्ध अछि |

हिनक जन्म, महान दार्शनिक उदयनाचार्यक कर्मभूमि समस्तीपुर जिलाक करियन ग्राममे 1934 ई. मे भेलनि । पिता स्व. पंडित राजकिशोर झा गामक मध्य विद्यालयक प्रथम प्रधानाध्यापक छलाह । माता स्व. कला देवी गृहिणी छलीह । अंतरस्नातक समस्तीपुर काॅलेज, समस्तीपुरसँ कयलाक पश्चात् बिहार सरकारक प्रखंड कर्मचारीक रूपमे सेवा प्रारंभ कयलनि । बालहिं कालसँ कविता लेखनमे विषेश रूचि छल । मैथिली पत्रिका - मिथिला मिहिर, माटि - पानि, भाखा तथा मैथिली अकादमी पटना द्वारा प्रकाशित पत्रिकामे समय - समय पर हिनक रचना प्रकाशित होइत रहलनि । जीवनक विविध विधाकेँ अपन कविता एवं गीत प्रस्तुत कयलनि । साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा प्रकाशित मैथिली कथाक विकास (संपादक डाॅ बासुकीनाथ झा ) मे हास्य कथा कारक सूची मे डाॅ विद्यापति झा हिनक रचना ‘‘धर्म शास्त्राचार्यक उल्लेख कयलनि । मैथिली अकादमी पटना एवं मिथिला मिहिर द्वारा प्रशंसा पत्र भेजल जाइत छल ।श्रृंगाररस एवं हास्य रसक संग-संग विचार मूलक कविताक रचना सेहो कयलनि । डाॅ दुर्गानाथ झा श्रीश संकलित मैथिली साहित्यक इतिहासमे कविक रूपमे हिनक उल्लेख कएल गेल अछि । प्रकाशित कृति (मृत्योपरांत) : कलानिधि- कविता-संग्रह।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-21




धीरेन्द्र प्रेमर्षि

ई मैथिली गजलक पहिल वीर छथि जे अपन पत्रिकाक माध्यमे पहिल गजल विषेशांक निकालथि।

व्यक्तिगत विवरण
पूर्ण नामः धीरेन्द्र झा
प्रचलित नामः धीरेन्द्र प्रेमर्षि
जन्मस्थानः गोविन्दपुर, गा‌.वि.स. वार्ड नं.-१, बस्तीपुर, जिला- सिरहा, नेपाल 
जन्मथितिः वि.सं. २०२४, भादब १८ गते (३ सितम्बर १९६७)
शिक्षाः स्नातक
पिताक नामः पं. कृष्णलाल झा
माताक नामः आनन्दीदेवी झा
मूल वृत्तिः नेपाल सरकारक नोकरिहारा (कृषि विभागअन्तर्गत Plant Protection Officer)
प्रकाशित साहित्यिक कृतिः
समयलाई सलाम (नेपाली गजल-सङ्ग्रह)
प्रकाशकः खेमलाल-हरिकला स्मृति समाज कल्याण प्रतिष्ठान, चितवनः २०६५
मलङ्गियाका मैथिली एकाङ्की (नेपालीमे अनूदित एकाङ्की-सङ्ग्रह), प्रकाशकः खेमलाल-हरिकला स्मृति समाज कल्याण प्रतिष्ठान, चितवनः २०६५
कर्मयोद्धा योगेन्द्र साह नेपाली (सम्पादन),प्रकाशकः मिथिला नाट्यकला परिषद, जनकपुरधामः २०६५
कोन सुर सजाबी ? (मैथिली गीत-सङ्ग्रह),प्रकाशकः नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानः २०६१ अगहन
भगता बेङक देश-भ्रमण (कनक दीक्षितक चर्चित पोथीक मैथिली रूपा झाक सङ्ग सहअनुवाद), प्रकाशकः रातो बङ्गला किताब, पाटनढोका, ललितपुरः २०५९ आसिन
मैथिली कविता-सङ्ग्रह, सं. (आठम शताब्दीसँ बीसम शताब्दीधरिक प्रतिनिधि मैथिली कविसभक कविताक सङ्कलन)
प्रकाशकः नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानः २०५१
स्वप्नकथा चलिरहल अछि (नेपालीसँ मैथिलीमे अनूदित गोविन्द गिरी प्रेरणाक कविता-सङ्ग्रह), प्रकाशकः मैथिली विकास मञ्च, काठमाण्डूः २०५०
फुच्चे सिस्नुपानी धीरेन्द्र प्रेमर्षि विशेष (नेपाली हास्यव्यङ्ग्य रचनासभक सङ्ग्रह),प्रकाशकः सिस्नुपानी नेपाल, सम्पादकः माणिकरत्न शाक्यः २०६२
शैक्षिक कृतिःखिस्सा-पिहानी (मैथिली लोककथासभ सङ्गृहीत बालसन्दर्भ पुस्तक), प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०६३
हमर मिथिला (मैथिली संस्कृतिसम्बन्धी लेखसभ सङ्गृहीत बालसन्दर्भ पुस्तक),प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०६३
मैथिल विभूतिसभ (मैथिल विभूतिसभक जीवनी सङ्गृहीत बालसन्दर्भ पुस्तक),प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०६३
हमर मैथिली पोथी (कक्षा १, , , ४ आ ५ क ऐच्छिक मैथिली विषयक पाठ्यपुस्तक),प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०५४ सँ २०५८ धरि
मैथिली (कक्षा ९ आ १० क ऐच्छिक मैथिली विषयक पाठ्यपुस्तक)
प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०५७ आ २०५८
हिन्दी (कक्षा १० क ऐच्छिक हिन्दी विषयक पाठ्यपुस्तक)
प्रकाशकः पाठ्यक्रम विकास केन्द्र, सानोठिमी, भक्तपुरः २०५८
साङ्गीतिक कृतिः
डेग (शान्तिक लेल युवा जागरण तथा सशक्तिकरणसम्बन्धी मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः संस्कार मिथिला, गोविन्दपुर, सिरहाः २०६६ बैशाख
भोर (सकारात्मक सोच तथा शान्तिसद्भाव सम्बर्द्धनसम्बन्धी मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः सम्झौता नेपाल, काठमाण्डू, २०६५ जेठ
नेहक बएन (शान्ति तथा सद्भाव सम्बर्द्धनसम्बन्धी मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः सम्झौता नेपाल, काठमाण्डू, २०६४ कार्तिक
गाना-बजाना (विविध मनोरञ्जनात्मक मैथिली गीतक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः गंगा कैसेट, नयादिल्लीः २०६३ बैशाख
भजन दिव्यानन्द (चट्याङ मास्टर रचित नेपाली भजनसभक सङ्गीत-निर्देशन एवं गायन)
प्रकाशकः श्रीमती कान्ता गौतमः २०६१ आसिन
वन-गीत (संरक्षणसम्बन्धी चेतनामूलक मैथिली आ भोजपुरी गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः बाइसेप एसटी, काठमाण्डू, नेपालः २०६१
चेतना (सामाजिक परिवर्तनक दिस उन्मुख मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः एक्सनएड नेपालक सहयोगमे संस्कार मिथिलाः २०६० अगहन
Song of Light : प्रियतम हमर कमौआ (सार्थक गीति क्यासेट तथा पहिल मैथिली सीडी)
प्रकाशकः म्यूजिक नेपालः २०५८, सीडीक प्रकाशकः म्यूजिक मिथिला
प्रेम भेल तरघुस्कीमे (विविध मनोरञ्जक मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह, क्यासेट तथा सीडी)
प्रकाशकः मास्टर क्यासेटः २०५८
सिस्नु 2000.COM (हास्यव्ङग्यात्मक क्यासेट)
प्रकाशकः सिस्नुपानी नेपाल आ रीमा क्यासेटः २०५७
सिस्नुपानी (हास्यव्ङग्यात्मक क्यासेट)
प्रकाशकः सिस्नुपानी नेपाल आ रीमा क्यासेटः २०५६
सिस्नुपानीले (उद्देश्यमूलक हास्यव्यङ्ग्यात्मक गीतसभक सङग्रह)
प्रकाशकः सिस्नुपानी नेपाल, हास्यव्यङ्ग्य सदनः २०५५
सुरक्षित मातृत्व गीतमाला (सन्देशमूलक नेपाली, मैथिली, भोजपुरी गीतसभक सङग्रह)
प्रकाशकः सुरक्षित मातृत्व नेटवर्क, नेपालः २०५५
सुखक सनेस (बालस्वास्थ्य तथा परिवार कल्याणसम्बन्धी मैथिली गीतसभक सङ्ग्रह)
प्रकाशकः सेभ द चिल्ड्रेन, यूएसएः २०५४
कलियुगी दुनिया (नेपालसँ बहराएल मैथिलीक पहिल गीति क्यासेट)
प्रकाशकः सिम्फनिक रेकर्डिङ प्रा.लि.: २०४७
प्रकाशोन्मुख कृतिः
सूत्रधार (मैथिली हाइकू-सङ्ग्रह)
शब्द-सारथी (मैथिली गजलसङ्ग्रह)
एमकीक जतरा (मैथिली गीत-सङ्ग्रह)
साँपक पएर (मैथिली निबन्ध-सङ्कलन)
ओ गीत कोन गाबए? (मैथिली कथा-सङ्ग्रह)
सिनुराएल सुरूजदिस (मैथिली कवितासङ्ग्रह)
नेताको मुसावतार (नेपाली हास्यव्यङ्ग्य-सङ्ग्रह)
The मुड्की (संयुक्त नेपाली हास्यव्यङ्ग्यक सङ्ग्रह)
श्यामप्रसादक निबन्ध (मैथिलीमे अनुवाद कएल गेल)
मैथिली कथा-संसार (प्रतिनिधिमूलक कथासभक सङ्ग्रह)
रचनात्मक कार्यानुभव तथा संलग्नताः
रेडियो नेपाल, समाचार-वाचक तथा सम्पादक (मैथिली, नेपाली आ हिन्दी समाचार)
अवधिः वि.सं. २०४९ पुससँ वि.सं. २०६१ चैत्र मसान्तधरि
कान्तिपुर एफ.एम., मैथिली कार्यक्रम हेल्लो मिथिलाआ ३ अन्य, परिकल्पना तथा प्रस्तुति
अवधिः वि.सं. २०५८ फागुनसँ वर्तमानधरि
नेपाल एफ.एम., समावेशी लोकतन्त्रसम्बन्धी कार्यक्रम आवाज’, संयोजन आ निर्देशन
अवधिः वि.सं. २०६३ अखाढ़सँ वर्तमानधरि
नेपाल 1 टेलिभिजन, नेपाली साहित्यिक कार्यक्रम राम्रो कस्तो राम्रोक प्रस्तुति
अवधिः वि.सं. २०६४ साओनसँ एक सालधरि
गोरखापत्र दैनिक, ‘नयाँ नेपालपरिशिष्टअन्तर्गत मैथिली खण्डक संस्थापक संयोजक
अवधिः वि.सं. २०६४ आसिनसँ छओ मासधरि
पल्लव, मैथिली साहित्यिक मासिक पत्रिका, सम्पादक तथा प्रकाशक
अवधिः वि.सं. २०५० अखाढ़सँ वर्तमानधरि
पल्लवमिथिला, दोसर मैथिली इन्टरनेट पत्रिका (साहित्यिक), सम्पादक तथा प्रकाशक
अवधिः वि.सं. २०५९ माघ
मैथिल समाज, सामाजिक तथा सांस्कृतिक त्रैमासिक, सम्पादक
अवधिः वि.सं. २०५८ असोजदेखि वर्तमानधरि
फित्कौली, नेपाली हास्यव्यङ्ग्यसम्बन्धी मासिक पत्रिका, संयुक्त सम्पादक
अवधिः वि.सं. २०६२ अखाढ़सँ वर्तमानधरि
कामना, नेपाली सिनेमासिक पत्रिका, सम्पादक
अवधिः वि.सं. २०५३ चैत्रसँ २०५५ माघधरि
ज्ञान-गङ्गा, साहित्य तथा विविध समसामयिक विषयसभक पत्रिका, संयुक्त सम्पादक
अवधिः वि.सं. २०५९ बैशाखसँ वर्तमानधरि
यती, स्वास्थ्य, यौन तथा परिवार कल्याणसम्बन्धी त्रैमासिक पत्रिका, कार्यकारी सम्पादक
अवधिः वि.सं. २०५४ अगहनसँ २०५५ पुसधरि
अन्य उल्लेख्य गतिविधिः
नेपालक अधिकांश राष्ट्रीय अखबार तथा साहित्यिक पत्रपत्रिकामे नियमित रूपेँ कथा, कविता, गीत-गजल, हास्यव्यङ्ग्यसन साहित्यिक तथा अन्य समसामयिक लेखन।
नेपाल, भारत, अमेरिका आ यूएइसँ प्रकाशित भेनिहार विभिन्न पत्रपत्रिका एवं नेट म्याग्जिनमे मैथिली, नेपाली आ हिन्दी भाषाक एक हजारसँ बेसी लेख-रचना प्रकाशित।
बीबीसी नेपाली सेवा आ अल इण्डिया रेडियोसहित अनेको पत्रपत्रिका, रेडियो तथा टेलिभिजन कार्यक्रममे साहित्यकार तथा भाषा अभियानी / संस्कृतिकर्मीक रूपमे अन्तर्वार्ता प्रसारित।
कामना प्रकाशनक नेपाल समाचारपत्रमे एक वर्षधरि सम्पादकीय पृष्ठक संयोजन।
कान्तिपुर एफ.एम. मे हास्यव्यङ्ग्यसम्बन्धी नेपाली भाषाक साप्ताहिक कार्यक्रम कुर्सीमाथि फर्सी’, एच.बी.सी. एफ.एम. मे साप्ताहिक मैथिली कार्यक्रम चौबटिया’, मेट्रो एफ.एम. मे दैनिक विश्लेषणात्मक नेपाली कार्यक्रम मन्थनक निर्देशन तथा सञ्चालन।
स्वतन्त्र समाचार सेवाक insonline.net मे पहिल नेपाली अनलाइन श्रव्य समाचारक शुरुआत।
हिमालय टाइम्स’, साप्ताहिक नेपाल’ ‘दृष्टि’, ‘बुधबार’, ‘हिमालआदि पत्रिकामे स्तम्भ लेखन।
लेकाली सङ्गीत-यात्रासमेत अनेको महत्त्वपूर्ण पोथीक भाषा-सम्पादन एवं भूमिका लेखन।
कथा, पटकथा, संवाद लेखन- मैथिली टेलिशृङ्खलाः अन्हरजाली’, ‘आशीर्वाददूमहला
नेपाली कथानक चलचित्र दुलहीक लेल कथाविचार तथा गीतलेखन।
जङ्गल साहित्यिक गोष्ठीसमेत कतिपय साहित्यिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमक संयोजन।
नेपाली टेलिशृङ्खला आगन्तुक’, नेपाली टेलिशृङ्खला गोनू झामे गीत, सङ्गीत, गायन।
नेपाल, भारत तथा कतारमे अनेको साहित्यिक / साङ्गीतिक समारोहमे सहभागी।
पहिल मैथिली टेलिफिल्म मिथिलाक व्यथा’, ऐतिहासिक मैथिली टेलिशृङ्खला महाकवि विद्यापतितथा नेपाली टेलिशृङ्खला मदनबहादुर-हरिबहादुर भाग २मे अभिनय।
विकट हिमाली जिला हुम्लाक इतिहासमे पहिलबेर नाटक मञ्चन एवं अन्य विभिन्न स्थानपर नेपाली, मैथिली तथा हिन्दी भाषाक नाटकसभक निर्देशन, लेखन तथा मञ्चन।
प्रज्ञा-प्रतिष्ठानक नृत्य-सङ्गीत समिति तथा लोकसाहित्य समितिक सदस्य रहि क्रियाशील।
जगदम्बाश्री पुरस्कार (२०५८) तथा नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठानद्वारा आयोजित प्रथम मिथिला चित्रकला प्रतियोगितासहित कतोक कविता तथा गजल प्रतियोगितामे निर्णायकक भूमिका निर्वहन।
संस्थागत आबद्धताः
संस्थापक अध्यक्ष, कला-संस्कृति-सञ्चार संस्थाः संस्कार मिथिला
संस्थापक अध्यक्ष तथा संरक्षक, मैथिली विकास मञ्च
संस्थापक तथा उपाध्यक्ष, सिस्नुपानी नेपाल, हास्यव्यङ्ग्य सदन
सदस्य-सचिव, फूलकुमारी महतो मैथिली सम्मान समिति, काठमाण्डू
सदस्य-सचिव, वैद्यनाथ-सियादेवी मैथिली पुरस्कार प्रतिष्ठान, काठमाण्डू
कार्यसमिति सदस्य, नेपाल मैथिल समाज, काठमाण्डू
केन्द्रीय सदस्य, नेपाल साहित्यिक पत्रकार सङ्घ
केन्द्रीय सदस्य, भाषिक अधिकार संयुक्त सङ्घर्ष समिति
अन्य कतोक सङ्घ-संस्थामे आजीवन तथा मानार्थ सदस्य एवं सलाहकार
पदक तथा सम्मानः
राष्ट्रिय स्रष्टा सम्मान- २०६८ (प्रगतिशील तथा देशभक्त सांस्कृतिक मञ्च )
सशक्त सञ्चारकर्मी पत्रकारिता पुरस्कार- २०६८ (प्रेस काउन्सिल नेपाल )
जन-अभिनन्दन- २०६८ (सिरहा समाज सेवा, काठमाडौँ )
मिथिला दूत सम्मान- २०६७ (मैथिली सेवा समितिसहित दर्जनभरि संघ-संस्था, काठमाण्डू)
मधुरिमा फूलकुमारी महतो सांस्कृतिक सम्मान- २०६५ (मधुरिमा कला केन्द्र, काठमाण्डू)
लोकतान्त्रिक स्रष्टा सम्मान- २०६४ (अविरल साहित्य समाज, सिन्धुपाल्चोक)
विद्या-वाचस्पति (D.Lit.)- ई. २००७ (विक्रमशिला विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार)
मैथिली सङ्घर्षशील व्यक्तित्व सम्मान- २०६३ (मैथिली साहित्य परिषद्, लहान)
साहित्य भास्कर- ई. २००६ (अखिल भारतीय भाषा-साहित्य सम्मेलन, भोपाल, म.प्र.)
उत्कृष्ट सङ्गीतकार सम्मान- ई. २००६ (संस्कृति मिथिला, सहरसा, बिहार)
जनअभिनन्दन- २०६२ (मैथिली सेवा समितिसहितक सङ्घ-संस्था, विराटनगर)
मिथिलारत्न सम्मान- ई. २००५ (अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन, नयादिल्ली)
वागेश्वरी सम्मान- २०६२ (वागेश्वरी सेवा समिति, राजविराज, सप्तरी)
सलहेस महोत्सव सम्मान- २०६१ (सलहेस संरक्षण समिति, सिरहा)
माटी की गंधकथा पुरस्कार- ई. २००३ (अभिव्यक्ति प्रकाशन, शारजाह, यूएई)
नवरङ्ग सम्मान- २०५७ (नवरङ्ग साहित्य प्रतिष्ठान, धरमपुर, झापा)
भानु पदक- २०५४ (भानु कला केन्द्र, विराटनगर)
विदेश-भ्रमणः
भारत, चीन आ कतार।
सम्पर्क पताः
पोष्टहार्भेष्ट व्यवस्थापन निर्देशनालय,
श्रीमहल, पुल्चोक, ललितपुर, नेपाल।
फोन नं.: ९७७-१-५५३६९९४ / ९८४१२८०७३३
ईमेल- dhipre@yahoo.com  dhipre@gmail.com

नोट: पल्लवमिथिला मैथिलीक दोसर इंटरनेट पत्रिका अछि जखन की वास्तविकता ई थिक जे भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल आ अखनो ५ जुलाइ २००४ सँhttp://www.videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html लिंकपर अछि, मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ" विदेह " पड़लै। ई टिप्पणी मात्र इतिहास शुद्धता लेल अछि। मैथिलीक पहिलसँ लए क' एखन धरिक हरेक इंटरनेट पत्रिकाक नाम, यूआरएल, ओकर पहिल पोस्टक तारीख ऐ ठाम देखल जा सकैए---http://www.videha.co.in/feedback.htm जँ किनको लग 5/7/2004 सँ पहिनुक लिंक छन्हि तँ प्रस्तुत कएल जाए।

( ऐ फोटोमे धीरेन्द्र प्रेमर्षि, हुनक पत्नी रूपा झा आ हुनक दू गोट बालक।)


विदेहक फेसबुक भर्सन http://www.facebook.com/groups/videha/ पर भेल टिप्पणी देल जा रहल अछि। ई इतिहास शुद्धता लेल नीक अछि।

You, Ashutosh Mishra, Prabin Chaudhary Pratik, Rajeev Ranjan Mishra and12 others like this.

Jan Anand Mishra Premarshiji ekta star bain chukal chhaith
6 hours ago via Mobile · Unlike ·  1
Ashish Anchinhar आ हमर कोशिश रहल अछि जे स्टारक स्टार सभ सेहो ऐ फोटोमे आबथि से आबि गेल छथि।.
6 hours ago · Like ·  4

Dhirendra Premarshi आशिषजी, धन्यवाद परिचय शृङ्खलामे हमरा रखबाक लेल। पल्लवमिथिलाक सन्दर्भमे हम पहिनहु कहने रही जे वर्ष २००३ जनवरीसँ शुरू भेल छल मुदा ओकरा हम निरन्तरता नहि दऽ सकलहुँ। तेँ ओइपर हमर कोनो दाबा नहि अछि। हँ ओहिमे वर्तमानधरि सेहो लिखाएल अछि जे सर्वथा गलत अछि। अइ बायोडाटामे कने सम्पादन जरूरी छलै से नहि भऽ पाएल अछि। ओना पल्लवमिथिलाकेँ भाषाविद डा रामावतार यादव सार्वजिनक कएने छलाह से समाचारो छपल छल। मुदा हमरा ओ कटिंग तकबामे सेहो भाङठ हएत। कारण हम व्यवस्थापनक मामलामे बड्ड कमजोर छी।
3 hours ago · Unlike ·  3

Dhirendra Premarshi २०५९ माघे संक्रान्तिदेखि नेपालको मैथिली भाषाको पहिलो इन्टरनेट पत्रिका
पल्लव www.pallavmithila.mainpage.net सुरु गरिएको छ। यो पत्रिका
काठमाडौँस्थित मैथिली विकास मंचको तर्फबाट धीरेन्द्र प्रेमर्षीद्वारा सम्पादन तथा
प्रकाशन गरिन्छ। यसमा मैथिली भाषामा विविध साहित्यिक सामग्री राखिएका
छन्। हरेक महिना यसका सामग्रीहरू अद्यावधिक गरिन्छ।
(सम्प्रति नेपालक सूचना आयोगक अध्यक्ष विनय कसजूद्वारा लिखित पुस्तकमे सेहो पल्लवके बात राखल गेल अछि। एकर जे लिंक छै से अस्थायी प्रकृतिक भेलाक कारणे आब नइ भेटैत अछि। डा कसजूक किताबक लिंक अइठाम दऽ रहल छी-http://www.kasajoo.com/itbook_vinaya.pdf)
mainpage.net: The Leading Main Page Site on the Net
2 hours ago · Like · 
Ashish Anchinhar हम http://www.pallavmithila.mainpage.net/ http://www.pallavmithila.net/ दुनू खोलबाक प्रयास केलौं मुदा नै खुजलhttp://pallav.blogsome.com/ खुजल आ ओ १७ मइ २००६ केर अछि आhttp://hellomithila.blogspot.com/सेहो खुजल जे ३ मइ २००६ केर अछि। भऽ सकैए ओ डोमेन नेम डिलीट भऽ गेल हुअए, मुदा जँ डिलीट भेल डेटा देखी तँ तै हिसाबे सेहो भालसरिक गाछ २००० ई.सँ yahoogeocities पर निरन्तर छल, मुदा याहू द्वारा geocities सर्विस बन्द भऽ गेलाक बाद ओहो डोमेन नेम बन्द भऽ गेल,  http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  http://www.videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html ५ जुलाइ २००४ सँ निरन्तर मैथिलीक सभसँ पुरान स्वरूपमे उपलब्ध अछि, नचिकेताक नाटक विदेहक आठम अंकसँ धारावाहिक प्रकाशित भेलै आ ओ जखन २००८ मे पोथी रूपमे एलै तखन इन्टरनेटपर मैथिलीक प्रारम्भ २००० ई. मे गजेन्द्र ठाकुर जी द्वारा कएल जेबाक चर्च ओतए छै। (लिंकhttp://sites.google.com/a/shruti-publication.com/shruti-publication/Home/NO_ENTRY_MA_PRAVISH.pdf?attredirects=0) अहाँक दुनू लिंक जे खुजि रहल अछि ओकर चर्च सेहो अंतिकाक इन्टरनेट पत्रिका विशेषांकमे गजेन्द्र ठाकुरजी केने छथि। ओना अहाँक देल सूचना महत्वपूर्ण अछि आ भालसरिक गाछक बाद दोसर इन्टरनेट पत्रिका पल्लवकेँ मानल जा सकैए। तदनुसार अहाँक बायोडाटामे सम्पादन कऽ रहल छी।
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Dhirendra Premarshi अहाँ सही कहै छी आशिषजी। ई बात हम उपरका कमेंटमे सेहो लिखने छी। (एकर जे लिंक छै से अस्थायी प्रकृतिक भेलाक कारणे आब नइ भेटैत अछि।) ओना एकटा बात हम कहि दी जे हमर ई दावा नइ अछि मात्र जानकारीभरि अछि। आब जेँ कि ओकर प्रमाणो खतम भेल जा रहल छै तेँ भऽ सकैए जे हम ओ विवरणो हटा दी।
22 minutes ago · Unlike ·  1
Ashish Anchinhar हँ मेनपेज डॉट नेट डोमेन नेम प्रायः खतम भऽ गेल छै, तकरा बाद कियो दोसर गोटे ओकरा लेने छथि प्रायः। तै दुआरे मेनपेज डॉट नेटक सब डोमेन पल्लव सेहो खतम भऽ गेल हेतै। तै हिसाबे सेहो भालसरिक गाछ आ आर किछु साइट जे याहूसिटीज केर अन्तर्गत २०००मे गजेन्द्र ठाकुर जी द्वारा शुरू भेल सेहो याहू द्वारा जियोसिटीज बन्द कऽ देलाक बाद खतम भऽ गेलै मुदा अखनो एकर सभ सँ पुरान लिंक ५ जुलाइ २००४ अखनो अछिये। ओइ हिसाबे सेहो भालसरिक गाछ पहिल आ पल्लव दोसर इन्टरनेट पत्रिका सिद्ध होइए आ तदनुसारे परिवर्तन/ सम्पादन कऽ देने छी.. सादर।
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गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-22



विजय नाथ झा

प्रकाशित गीत-गजल संग्रह---- अहींक लेल ( प्रकाशन साल 2008, प्रकाशक -शेखर प्रकाशन)


पिता-प. रतिनाथ झा ( पूर्व विभागाध्यक्ष प्राच्य दर्शन विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)
गाम---ग्रम-पोस्ट---तलपुरवा, बाँसी, सिद्यार्थनगर,( उत्तर प्रदेश)
शिक्षा---विज्ञान स्नातक ( काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)
वृति---पत्रकारिता आ स्वतंत्र लेखन, आर्यावर्तक संपादकीय विभागमे विविध सेवा, चुटकुलानंदक चिट्ठी केर लेखन, आकाशवाणी आ दूरदर्शन पटनामे कविता पाठ आ अन्यान्य तरहवक प्रसारण

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-23


राम भरोस कापड़ि भ्रमर, 1951

प्रकाशित गीत-गजल संग्रह----मोमक पघलैत अधर

जन्म-बघचौरा, जिला धनुषा (नेपाल)।बन्नकोठरी: औनाइत धुँआ (कविता संग्रह), नहि, आब नहि (दीर्घ कविता), तोरा संगे जएबौ रे कुजबा (कथा संग्रह, मैथिली अकादमी पटना, १९८४), मोमक पघलैत अधर (गीत, गजल संग्रह, १९८३), अप्पन अनचिन्हार (कविता संग्रह, १९९० ई.), रानी चन्द्रावती (नाटक), एकटा आओर बसन्त (नाटक), महिषासुर मुर्दाबाद एवं अन्य नाटक (नाटक संग्रह), अन्ततः (कथा-संग्रह), मैथिली संस्कृति बीच रमाउंदा (सांस्कृतिक निबन्ध सभक संग्रह), बिसरल-बिसरल सन (कविता-संग्रह), जनकपुर लोक चित्र (मिथिला पेंटिङ्गस), लोक नाट्य: जट-जटिन (अनुसन्धान), घरमूहाँ ( उपन्यास)२०१२। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता- श्री राम भरोस कापड़ि 'भ्रमर' (2010)

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-24


नरेश कुमार विकल



जन्म 27 जुलाइ 1950 भगवानपुर देसुआ (समस्तीपुर)
प्रकाशित कृति---- अरिपन, महुआ मदन रस टपकय, बिन बाती दीप जरय ( काव्य-) कथा-संग्रह- भरि गेल दर्दक इनार। उपन्यास- टहकैत टीस। नाटक- चोखगर खौंच।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-25

योगानंद हीरा
ई पहिल गजलकार छथि जे मैथिलीमे पूर्ण रूपेण आ पहिल बेर अरबी बहरक पालन केलथि। मुदा एही कारणे मैथिली संपादक सभ हिनका कात कए देलकन्हि

मूल नाम---योगानंद दास हीरा
जन्म-30-1-1940
गाम--डुमरी, पत्रालय-गणपतगंज, थाना-राघोपुर, जिला सुपौल
शिक्षा-- हिन्दी भाषामे मास्टर डिग्री
लेखन---मैथिली आ हिन्दी दूनूमे
प्रकाशित पोथी--- नीड़ की तलाश, भले आदमी की तलाश ( उपन्यासिका), सिमटती छाया ( कहानी संग्रह), एक अच्छा मैं ( एकांकी संग्रह), आज की कहानी ( नाटक)। सभ प्रकाशित पोथी हिन्दीमे। मैथिलीमे जल्दिये हिनक पोथी आएत।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-26


गजेन्द्र ठाकुर,

पिता-स्वर्गीय कृपानन्द ठाकुर, माता-श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर,जन्म-स्थान-भागलपुर 30 मार्च 1971 ई., मूल-गाम-मेंहथ, भाया-झंझारपुर,जिला-मधुबनी (बिहार)।
शिक्षा: एम.बी.ए. (फाइनेन्स), सी.आइ.सी., सी.एल.डी., कोविद।

विदेहक http://www.videha.co.in प्रधान संपादक सहित अनेको वेबसाइटक संचालक आ पथप्रदर्शक।

प्रकाशित गजल संग्रह----धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ

विशेष------ हिनक चारिटा मुख्य विशेषता अछि---
1) ई मैथिलीक पहिल अरूजी छथि,
2) हिनका माध्यमे मात्र बारह सालमे कुल ३५०-४००टा नवलेखक आ कतिआएल लेखक सामने अएलाह।
3) अन्तर-महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगितामे "मैन ऑफ द सीरीज" (1991), सम्प्रति अमेच्योर गोल्फर|
4)अंतर्जाल लेल तिरहुता आ कैथी यूनीकोडक विकासमे योगदान आ मैथिलीभाषामे अंतर्जाल आ संगणकक शब्दावलीक विकास, मैथिली विकीपीडियाक स्थापक। गूगल मैथिली ट्रान्सलेटमे योगदान आ शब्दकोषक वृहत संकलन ओ प्रकाशन। संस्कृत वीथी नाटकक निर्देशन आ ओइमे अभिनय।


अन्य लेखन:
प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग-१
सहस्रबाढ़नि (उपन्यास)
सहस्राब्दीक चौपड़पर (पद्य संग्रह)
गल्प-गुच्छ (विहनि आ लघु कथा संग्रह)
संकर्षण (नाटक)
त्वञ्चाहञ्च आ असञ्जाति मन (दूटा गीत प्रबन्ध)
बाल मण्डली/ किशोर जगत (बाल नाटक, कथा, कविता आदि)
उल्कामुख (नाटक)
सहस्रशीर्षा (उपन्यास)
प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग दू (कुरुक्षेत्रम अन्तर्मनक-२)
धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ (गजल संग्रह)
शब्दशास्त्रम (कथा संग्रह)
जलोदीप (बाल-नाटक संग्रह)
कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक
देवनागरी वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur.pdf
तिरहुता वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur_Tirhuta.pdf
ब्रेल वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur_Braille.pdf
सहस्रबाढ़नि_ब्रेल मैथिली (पी.डी.एफ.)
सहस्रबाढ़नि_ब्रेल-मैथिली
मिथिलाक इतिहास- भाग-२ (शीघ्र)
जगदीश प्रसाद मण्डल- एकटा बायोग्राफी (शीघ्र)
The Comet
The_Science_of_Words
On_the_dice-board_of_the_millennium
A Survey of Maithili Literature- Vol.II- GAJENDRA THAKUR (soon)

Learn Mithilakshar Script तिरहुता (मिथिलाक्षर) सीखू

Learn_MithilakShara_GajendraThakur.pdf

Learn Braille through Mithilakshar Script ब्रेल सीखू
LearnBraille_through_Mithilakshara.pdf
Learn International Phonetic Script through Mithilakshar Script अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला सीखू
Learn_International_Phonetic_Alphabet_through_Mithilakshara.pdf
सह-लेखन:
गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा
MAITHILI-ENGLISH DICTIONARIES
Maithili_English_Dictionary_Vol.I.pdf
MaithiliEnglishDictionary_Vol.II_GajendraThakur.pdf
ENGLISH-MAITHILI DICTIONARIES
VIDEHA ENGLISH MAITHILI DICTIONARY
EnglishMaithiliDictionary_Vol.I_GajendraThakur.pdf
जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध
जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध (Click this link to download)

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पंजी (मूल मिथिलाक्षर ताड़पत्र)
दूषण पंजी
मोदानन्द झा शाखा पंजी
मंडार- मरड़े कश्यप-प्राचीन
प्राचीन पंजी (लेमीनेट कएल)
उतेढ़ पंजी
पनिचोभे बीरपुर
दरभंगा राज आदेश उतेढ आदि
छोटी झा पुस्तक निर्देशिका
पत्र पंजी
मूलग्राम पंजी
मूलग्राम परगना हिसाबे पंजी
मूल पंजी-२
मूल पंजी-३
मूल पंजी-४
मूल पंजी-५
मूल पंजी-६
मूल पंजी-७

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-27


मु्न्ना जी

प्रकाशित गजल संग्रह----माँझ आँगनमे कतिआएल छी।

अन्य प्रकाशित पोथी----प्रतीक ( विहनि कथा ), हम पुछैत छी ( साक्षात्कार)
शीघ्र प्रकाश्य पोथी---- भैया जी ( उपन्यास) आ एकटा हाइकू संग्रह
हिनक अन्य विवरण एना अछि------मूलनाम- मनोज कुमार कर्ण, जन्म–27 जनवरी 1971 (हटाढ़ रूपौली, मधुबनी), शिक्षास्नातक प्रतिष्ठा, मैथिली साहित्य। वृतअभिकर्त्ता, भारतीय जीवन बीमा निगम। पहिल विहनि कथा–‘काँटभारती मण्डनमे 1995 पकाशित। पहिल कथाकुकुर आ हम, ‘भरि रात भोरमे 1997मे प्रकाशित। एखन धरि दर्जनो विहनि कथा, लघु कथा, क्षणिका, गजल आ विहनि कथा सम्बन्धी आलेख प्रकाशित। मुख्यतः मैथिली विहनि कथाकेँ स्वतंत्र विधा रूपेँ स्थापित करबाक दिशामे संघर्षरत।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-28


शान्तिलक्ष्मी चौधरी


ई श्रीमती शेफालिका वर्मा जीक बाद मैथिलीक दोसर महिला गजलकार छथि आ सभसँ पहिने अनचिन्हार आखर द्वारा हिनका गजल लिखबाक लेल प्रेरित कएल गेल। मने ई अनचिन्हार आखरक खोज थिकीह।

श्रीमति शांतिलक्ष्मी चौधरी, ग्राम गोविन्दपुर, जिला सुपौल निवासी आ राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा मे कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्ष श्री श्यामानन्द झाक जेष्ठ सुपुत्री, आओर ग्राम महिषी (पुनर्वास आरापट्टी), जिला सहरसा निवासी आ दिल्ली स्कूल ऑफ इकानोमिक्स सँ जुड़ल अन्वेषक आ समाजशास्त्री श्री अक्षय कुमार चौधरीक अर्धांगिनी छथि। प्राणीशास्त्र सँ स्नातकोत्तर रहितो शिक्षाशास्त्रक स्नातक शिक्षार्थी आ एकटा समाजशास्त्री सँ सानिध्यक चलिते आम जीवनक सामाजिक बिषय-बौस्तु आ खास कऽ महिलाजन्य सामाजिक समस्या आ प्रघटनामे हिनक विशेष अभिरूचि स्वभाविक।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-29


सदरे आलम "गौहर"


विशेष---अनचिन्हार आखर द्वारा प्रयोजित मैथिली गजल लेल देल जाए बला " गजल कमला-कोसी-बागमती-महानंदा सम्मान" बर्ख 2011क विजेता छथि। धातव्य अछि जे ई ऐ सम्मानक पहिल विजेता छथि।

गाम-पुरसौलिया, भाया- जयनगर, जिला मधुबनी।


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-30


अनिल कुमार मल्लिक ( अनचिन्हार आखर पर " अनिल " नामसँ उपस्थित )

हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

हम अनिल कुमार मल्लिक पिता श्री सुरेन्द्र लाल मल्लिक माता श्रीमती सुशिला देबी मल्लिक l हमर जन्म २२ दिसम्बर १९६२ मे झापा जिला, मेची अंचल, नेपाल मे भेल l हमर पुर्खा ग्राम महिशारि, थाना सिंघबारा, जिला दरिभंगा सॉ छलाह, करिब ११० साल पहिने राणा शासन के समय हमर बाबा स्व. जिवनाथ मल्लिक नेपाल अयलाह, सरकारी नोकरी गोश्वारा मे भेटलन्हि आ बाद मे पटवरिका भेटलन्हि त नेपाल के भ' ' रहि गेलहूँ हम सभ l हमर १० कक्षा तक के शिक्षा झापा के इस्कुल मे भेल, स्नातक तक के शिक्षा हमरा बिरगंज आ काठमाण्डु मे भेटल, जन प्रशासन बिषय मे स्नातकोत्तर के अन्तिम बरख छल मुदा कारण बस पुरा नहि क' सकलहूँ l २ भाई छी, ४ बहिनहम सभ सॉ जेठ छी भाई के बिबाह बिदेह ग्रुप मे सदस्य छथि श्री बृषेश चन्द्र लाल, हुनकर जेष्ठ कन्या सॉ भेल l हमर मातृक समैला, ग्राम पोष्ट पचाढी, जिला दरिभंगा भेल l हमरा मैथिली भाषा आ अपन संस्कृती प्रति के प्रेम हमरा अपन दादी स्व.जोगमाया देबी सॉ भेटल ओ हमर आदर्श छथि l हम कओलेज के समय मे नाटक सभ लिखैत छलहूँ, गीत इ सभ गबैत छलहूँ सांस्कृतीक कार्यक्रम सभ मे नेपाली, हिन्दी, बाङ्ला या त फेर राजबंशी भाषा मे l मैथिली मे लिखनाई बुझू विदेह सॉ जुडला'क बाद मात्र सुरु भेल l मास साइत अक्टूबर २०११ मे पहिल पोष्ट छल "आखर आखर शब्द लिखै छी" l २ पुत्र'क पिता छी, पत्नी संगीता कुमारी कर्ण छथि l आशिष जी'क बताओल बेसीक कॉन्सेप्ट पर सरल बर्ण पर गजल लिखैत छी, एकटा दबाई के कम्पनि मे ब्यवस्थापक छी आ अपनो नीजी ब्यवसाय अछि त समय के कने कमी रहैत अछि l अन्चिन्हार आखर त कय बेर इ सोचि भिजिट करैत रहलौं की संभवतः हमहूँ सिख जायब मुदा नै सिख सकलहूँ अखनि धरि l हमरा नेपाल मे लोक मैथिली मे लिखैथ, पढैथ, भाषा के सम्मान भेटै से नीक लगैत अछि त जे समय भेटैत अछि कोशिष करैत छी, एकर अलावा अपन जन्म स्थान के बच्चा सभ'क शिक्षा प्रति सचेत छी आ जे संभव होइत अछि करवा'क चेष्टा करैत छी

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-31


मिहिर झा
ई अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

विशेष---- मिहिर जी " अनचिन्हार आखर " द्वारा आयोजित पहिल आन-लाइन मोशायराक विजेता छथि।

हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

गाम - लखनौर (झंझारपुर)
जन्म - २ जून १९६३
शिक्षा - स्नातक (विज्ञान) , स्नातकोत्तर (प्रबंधन)
संप्रति - जे. आई. आई. टी विश्वविद्यालय. नोएडा मे डिप्टी रजिस्ट्रार
परिवार - पत्नी - श्रीमती वंदना झा, पुत्री - श्रुति आ श्रिया , पुत्र - आशीष
अभिरुचि - साहित्य ( पद्य ), "अनचिन्हार आखर" के प्रेरणा सों गजल विधा मे प्रारंभिक प्रयास
आकांक्षा - विश्व स्तरीय साहित्य मे मैथिली साहित्य के शीर्षस्थ देखब

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-32


ओमप्रकाश



हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

हमर नाम ओम प्रकाश झा अछि। हम ओम प्रकाश नाम सँ गजल लिखैत छी। हमर बाबूजीक नाम श्री पीताम्बर झा आ माताजीक नाम श्रीमती रामकुमारी झा अछि। हमर जन्म ०५ दिसम्बर १९६९ ईस्वी मे हमर नानीगाम चुन्नी, पत्रालय मधेपुर, जिला मधुबनी मे भेल अछि। हमर पैतृक गाम ड्योढ, पत्रालय घोगरडीहा, जिला मधुबनी अछि। हम छह भाई बहिन मे सब सँ जेठ छी। दसवींक इम्तहान १९८४ मे बीरपुर, जिला सुपौल सँ पास केने छी। अन्तरस्नातक १९८६ मे सी. एम. साइंस कओलेज, दरिभंगा सँ आ स्नातक १९९० मे लंगट सिंह कओलेज, मुजफ्फरपुर सँ पास केलहुँ। सरकारी सेवा मे १९९२ मे अयलहुँ। २००१ मे प्रोन्नति भेंटला पर आयकर अधिकारी भेलहुँ आ विभिन्न स्थान सँ होइत एखन भागलपुर मे पदस्थापित छी।
साहित्यक प्रति प्रेम पिता सँ भेंटल अछि। ओहो साहित्य अध्ययन मे बहुत रूचि राखै छथि आ गोट आध रचना सेहो करैत रहै छथि। हमर पढाई केर विषय विज्ञान रहल मुदा साहित्यक प्रति प्रेम ओहो समय उत्कट छल आ अपन डायरी मे किछु किछु लिखैत रहै छलौं। मुदा नै ककरो ओ रचना देखेलियै आ नै सुनेलियै। हम २०१० सँ फेसबुक पर सक्रिय भेलौं आ २०११ मे विदेह ग्रुप मे शामिल कएल गेलौं। इ घटना हमरा लेल परिवर्तनक घटना छल। विदेह पर आदरणीय गजेन्द्र भाई आ अनुज आशीष भाई (हमरा सदिखन लागैए जे इ हमर हराएल अनुज छथि, जे एकाएक भेंटला) सँ सम्पर्क भेल। इ दुनू गोटे हमर भीतर मे नुकाएल गजलकार केँ बाहर आनि दुनियाक सामने ठाढ कऽ देलखिन्ह। ओहि समय आशीष भाई हमरा अनचिन्हार आखर मे योगदान लेल आमन्त्रित केलथि। अनचिन्हार आखर पर हमरा गजलशास्त्रक नियम सब पढबाक अवसर भेंटल, जे हमरा लेल बहुत उपयोगी सिद्ध भेल। आशीष भाईक प्रेरणा पर हम अरबी बहर मे गजल लिखनाई शुरू कएलौं। हमर लिखल गजल अनचिन्हार आखर ब्लाग पर पढल जा सकैए। हम गजलक अलावे कथा, पद्य आ समीक्षा सेहो लिखै छी, मुदा मुख्य रूप सँ हम गजलकार छी।

गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-33


अमित मिश्र

हिनक परिचय हिनकेँ शब्दमे----


बाबू जी-श्री नविन कुमार मिश्र
माँ- श्रीमती विभा देवी हम सम्तीपुर जिलाक रोसड़ा थाना अंतर्गत करियन नाम क गाम के रहनिहार छी ।हमर जन्म 11 / 1/1993 मे भेल। बाबू जी एकटा किसान छथि तेँए हमर प्रारंभीक पढ़ाइ गामक इस्कूल मे भेल आ हाइ इस्कूल बैद्यनाथ पूर सँ 2008 मे मैट्रीक केलौँ । इंटर सी .एम .साइंस काँलेज दरभंगा सँ भेल आ एतै सँ गणीत सँ स्नातक क रहल छी । हमरा भाषा सँ कोनो विषेश प्रेम नै रहल । आ मैथिली आफसनल रहबाक कारण कहियो नै पढ़लौँ मुदा हमर बाबा स्बर्गीय भोला ईसर {हमर बाबा तक ईसर लिखाइ छल मुदा बाबू जी सँ मिश्र भ गेल जे की हमर फरीकक आनो चाचा सब लिखै छथि } शिक्षक छलथिन तेँए हम भाषा सँ बेसी दूरो नै छलौं । 2008 मे हम पहिल बेर लिखलौँ जे की एकटा मैथिली मे भगवती गीत छल आ तेकर बाद प्राय: मैथिली , हिन्दी , भोजपुरी मे गीत आ बाद मे मैथिली मे किछु कविता लिखलौं । हमर किछु मित्र किछु गीत सब सुनने छलथि आ किछु गामक किर्तन मे गेने छलौँ बाद बाँकी सब डायरीये मे समेटल छल मुदा 2012 के जनवरी मे विदेह सँ जुड़ला के बाद हमर रचना अपने सबहक संग भेटल । जनवरीक अन्त मे श्री आशीष अनचिन्हार जीक आशीर्वाद भेटल आ अनचिन्हार आखर सँ भेँट भेल ।


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-34


चंदन कुमार झा
ई अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

हिनक परिचय हिनकहि शब्दमे----

पिता-श्री अरूण झा
माता-मीना देवी
जन्म-०५-०२-१९८५
ग्राम-सड़रा,मदनेश्चर स्थान
पोस्ट-मदना
थाना-बाबूबरही
जिला-मधुबनी
जन्म-स्थान-सिसवार (मामा गाम मे)
नाना-स्व० शुशील झा (राजाजी)
आरंभिक शिक्षा-मामा गाम मे (१०वाँ धरि)
आँगाक शिक्षा- अन्तर-स्नातक (वाणिज्य) एवं स्नातक (वाणिज्य) दरिभंगा सँ, चंद्रधारी महाविद्यालय.,वित्तीय-प्रबंधन मे डिप्लोमा (वेलिंगकर इन्सटीच्युट आफ मैनेजमेन्ट,मुम्बई)
व्यवसायिक जीवन- एकटा बहुराष्ट्रीय कंपनी मे लेखा-विभाग मे कार्यरत
परिवार-निम्न मध्यम वर्गीय कृषक परिवार
रुचि-अध्ययन-अध्यापन,नाटक-संगीत,सामाजिक सरोकार सँ जुड़ब आ' साहित्यिक गतिविधि.
साहित्य लेखन-२००० ईस्वी सँ.कएक गोट कविता,लेख ईत्यादि दरभंगा रेडियो स्टेशन एवं विभिन्न पत्र-पत्रिका सभ सँ प्रकाशित-प्रसारित.
किछु व्यक्ति जिनकर अनुकंपा सँ कहियो उॠण नहि होयब- श्री विजयकांत मिश्र (अध्यापक)-कन्हई,श्री शंभूनाथ झा-सुसारी,श्री ताराकांत झा (संपादक,मिथिला समाद),डा० धिरेन्द्र नाथ मिश्र (मैथिली विभागाध्यक्ष,सी.एम.कालेज)
(हम ई त' नहि कहि सकब जे मैथिली सँ हमरा कहियो भेँट नहि छल किएक त' हम मैट्रिक सँ स्नातक धरि सभ दिन एच्छिक विषय के रूप मे एकरा पढलहु.हाँ तखन मैथिली व्याकरण सँ कहियो भेँट नहि भेल अवश्य. हमरा कहियो मैथिली पढब आ'कि लिखबा मे बेशी दिक्कत नहि भेल किएक तए जहिना बजैत-सुनैत छी ओहिना लिखैत छी आ' सभ दिन मैथिली साहित्य रुचिकर लगैत रहल अछि...मुदा, मैथिली मे कविता ईत्यादि हम लिखनाय चालू कएलहुँ एकरा पाँछा हमर पारिवारिक आर्थिक विपन्नता छल..एकटा एहन समय आयल जखन लगैत रहय जे पढाइ बिचहि मे छोड़य पड़त किएक त' अभिभावक पढौनिक खर्चा देबय मे असमर्थ भऽ गेल रहथि ..खोलि कय कहियो नहि कहलथि..सभदिन उत्साहित करैत रहलथि..मुदा जहिया दरभंगा सँ गाम जाइत छलौ मासक खर्च अनबा लेल माँ-बाबूजीक चिन्ता स्पष्टतः दृष्टिगोचर होइत छल..लोकक धिया-पुता गाम अबैछ त' माय-बाप हर्षित होइत छैक...हमर माय कनैत छल...मुदा, खून बेचि पढेबाक जिद्द आ तइँ पढाइ नहि छोडल भेल...एहि समय मे परमादरणीय श्री ताराकांत झा जी (संपादक-मिथिला समाद) एकटा सुझाव देलनि जे दरभंगा रेडियो-स्टेशन मे हरेक-मास किछु कार्यक्रम कऽ किछु धनार्जन कयल जा सकैत अछि आ' मासक खर्छ निकालल जा सकैत अछि. हमरा ई सुझाव सूट कयलक आ' फेर सँ नव-उत्साहक संग अपने धनार्जन कय पढबाक विचार ठनलहु. तत्काल एकटा प्राइवेट स्कूल मे मास्टरी पकडि लेलहु...फेर डा. धीरेन्द्रनाथ मिश्र (तत्काळीन बिभागाध्यक्ष-मैथिली , सी.एम.कालेज) के मार्गदर्शन भेटल..केन्द्रिय पुस्तकालय, दरभंगा मे भरि दुपहरिया अगबे मैथिली के पोथी पढी
....जे मोन मे अबैत गेल लिखैत गेलहु आ' एक साल मे पचास टा सँ बेशी कविता लिखलहु....आब मोनो लागय लागल..नित नव उल्लास ......रेडियो स्टेशन सेहो ३-४ टा कार्यक्रम करबाक अवसर देलक...स्नातक खतम भेल..आगाँ पढबाक मोन छल दू टा छोट भाइक भविष्य सोचि अपन भविष्य दाँव पर लगा देलियैक...रोजी-रोजगारक अवसर मे मुम्बई चलि गेलहु..क्रमशः दिन घुरल ..फेर अपनो जहाँ धरि सकलहु आगाँ पढलहु..(फाइनान्स सँ डिप्लोमा कयलहु).....एखनहु पढतहि छी...मझिला स्नातक कयलक..छोटका भाइ एखन इंजिनीयरिंग कय रहल अछि...आब संतोष अछि....त्यागक फल भेटल...हाँ एहि झमेला मे पछिला छह बरख मे साहित्यिक रचनात्मका जेना हेराय गेल छल..मुदा संजोग जे कलकत्ता स्थान्तरित भेलहुँ..फेर ताराकांजी भेटलाह आ' नवउत्साह पाबि किछु लिखबाक प्रयास शुरू कयलहु..किछु सफलता सेहो भेटल..आ' फेर विदेह भेटल..एकर सुधि पाठक भेटल..गुरूरूप मित्र भेटल ......आ' सभटा हेरायल सपना जेना भेट गेल...अरे बाप रे ई कथा त' अनावश्यक नमहर भेल जा रल अछि..एकरा एतहि खतम करू...अहाँ सभक स्नेह बेर-बेर किछु नव लिखबाक...जिनगीक गुनबाक लेल प्रेरित करैत रहैत अछि ...एहने स्नेह सभ दिन बनल रहय एतबहि भगवती "वैदेही"सँ कामना.)


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-35


श्रीमती रूबी झा
ई अनचिन्हार आखरक खोज थिकीह।


पिता--स्व. ताराकान्त झा
नैहर--- बेला सिमरी, जिला खगड़िया
सासुर--ग्राम-पो. --- समसा मनसौरचक, जिला बेगूसराय
पति---श्री कमला कान्त झा
शिक्षा--- स्नातक ( संस्कृत )


गजलकार परिचय श्रृखंला भाग-36

प्रस्तुत अछि समवेत गजलकार परिचय। ऐमे कुल 27 गजलकार छथि। किछु गजलकारक विस्तृत परिचय देबाक इच्छा छल, मुदा बेर-बेर आग्रहक बबजूद ओ लोकनि नेट पर उपल्बध रहितो अपन परिचय नै पठा सकलाह तँए मात्र हुनक नामोल्लेखसँ काज चला रहल छी। ई सभ गजलकार अनचिन्हार आखरक खोज छथि।



त्रिपुरारी कुमार शर्मा,सुनील कुमार झा, विकास झा रंजन,रोशन,दीप नारायण विद्यार्थी,प्रवीन नारायण चौधरी प्रतीक, विनीत उत्पल, भावना नवीन, भाष्कर झा, रवि मिश्रा भारद्वाज, जगदानंद झा मनु, अजय ठाकुर मोहन, प्रभात राय भट्ट, श्रीमती इरा मल्लिक, मनोहर कुमार झा, प्रवीन नारायण चौधरी, स्वाती लाल, नितेश झा रौशन ,कुमार पंकज झा, उमेश मंडल, मनीष झा बौआ भाइ, अभय दीपराज, नवल श्री पंकज, मनोज, कुंदन कुमार कर्ण, मुकुंद मयंक, अविनाश झा अंशु|


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पूर्वपीठिका : इंटरनेटपर मैथिलीक प्रारम्भ हम कएने रही 2000 ई. मे अपन भेल एक्सीडेंट केर बाद, याहू जियोसिटीजपर 2000-2001 मे ढेर रास साइट मैथिलीमे बनेलहुँ, मुदा ओ सभ फ्री साइट छल से किछु दिनमे अपने डिलीट भऽ जाइत छल। ५ जुलाई २००४ केँ बनाओल “भालसरिक गाछ” जे http://www.videha.com/ पर एखनो उपलब्ध अछि, मैथिलीक इंटरनेटपर प्रथम उपस्थितिक रूपमे अखनो विद्यमान अछि। फेर आएल “विदेह” प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका http://www.videha.co.in/पर। “विदेह” देश-विदेशक मैथिलीभाषीक बीच विभिन्न कारणसँ लोकप्रिय भेल। “विदेह” मैथिलक लेल मैथिली साहित्यक नवीन आन्दोलनक प्रारम्भ कएने अछि। प्रिंट फॉर्ममे, ऑडियो-विजुअल आ सूचनाक सभटा नवीनतम तकनीक द्वारा साहित्यक आदान-प्रदानक लेखकसँ पाठक धरि करबामे हमरा सभ जुटल छी। नीक साहित्यकेँ सेहो सभ फॉरमपर प्रचार चाही, लोकसँ आ माटिसँ स्नेह चाही। “विदेह” एहि कुप्रचारकेँ तोड़ि देलक, जे मैथिलीमे लेखक आ पाठक एके छथि। कथा, महाकाव्य,नाटक, एकाङ्की आ उपन्यासक संग, कला-चित्रकला, संगीत, पाबनि-तिहार, मिथिलाक-तीर्थ,मिथिला-रत्न, मिथिलाक-खोज आ सामाजिक-आर्थिक-राजनैतिक समस्यापर सारगर्भित मनन। “विदेह” मे संस्कृत आ इंग्लिश कॉलम सेहो देल गेल, कारण ई ई-पत्रिका मैथिलक लेल अछि, मैथिली शिक्षाक प्रारम्भ कएल गेल संस्कृत शिक्षाक संग। रचना लेखन आ शोध-प्रबंधक संग पञ्जी आ मैथिली-इंग्लिश कोषक डेटाबेस देखिते-देखिते ठाढ़ भए गेल। इंटरनेट पर ई-प्रकाशित करबाक उद्देश्य छल एकटा एहन फॉरम केर स्थापना जाहिमे लेखक आ पाठकक बीच एकटा एहन माध्यम होए जे कतहुसँ चौबीसो घंटा आ सातो दिन उपलब्ध होअए। जाहिमे प्रकाशनक नियमितता होअए आ जाहिसँ वितरण केर समस्या आ भौगोलिक दूरीक अंत भऽ जाय। फेर सूचना-प्रौद्योगिकीक क्षेत्रमे क्रांतिक फलस्वरूप एकटा नव पाठक आ लेखक वर्गक हेतु, पुरान पाठक आ लेखकक संग, फॉरम प्रदान कएनाइ सेहो एकर उद्देश्य छ्ल। एहि हेतु दू टा काज भेल। नव अंकक संग पुरान अंक सेहो देल जा रहल अछि। विदेहक सभटा पुरान अंक pdf स्वरूपमे देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेल, तीनू लिपिमे, डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि आ जतए इंटरनेटक स्पीड कम छैक वा इंटरनेट महग छैक ओतहु ग्राहक बड्ड कम समयमे ‘विदेह’ केर पुरान अंकक फाइल डाउनलोड कए अपन कंप्युटरमे सुरक्षित राखि सकैत छथि आ अपना सुविधानुसारे एकरा पढ़ि सकैत छथि।
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'विदेह' २२४ म अंक १५ अप्रैल २०१७ (वर्ष १० मास ११२ अंक २२४)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. डॉ. कैलाश कुमार मिश्र -    मैथिलानी केर उपराग राम सं आ समाज ...