Wednesday, March 18, 2009

हमर गाम-प्रवीण झा

उत्‍तर मे अछि डेवढ., फुलपरास
दक्षिण, पश्चिम सुदै, तरडीहा
पूब में बहै छ‍थि मातु कौशिकी
मध्‍य हमर गाम घोघरडीहा

पूर्वकाल मे गोमाताक डीह तेँ
नाम एकर छल “गोघरडीहा”
कालक्रमे अपभ्रंश शब्‍द मे
नाम बदलि भेल “घोघरडीहा”

मधुबनी जिलाक ई थिक गौरव
पुष्‍पवाटिका मे जेना चम्‍पाक सौरभ
अतिरूद्र, लक्षचण्‍डी यज्ञक महाप्रयाण
हमर गाम कहायल “यज्ञग्राम”

सन् 89 क महायज्ञकेँ अभिनन्‍दन
स्‍तुति केलक बी.बी.सी. लंदन
चौबिस मन्दिर, तेइसटा पोखरि
बाग-बगीचा भेटत सभतरि

दलाने-दलान सत्‍संग आ प्रवचन
दुर्गापूजा मे नाटक आ प्रहसन
“काली”, “दुर्गा”, “भोला बाबू”
फेर सँ ओहने यज्ञ कराबू


रेलवे स्‍टेशन, हाट-बाजार
हमरा गामक जमल व्‍यापार
सत्‍यनारायण सर्राफ, फूस सुल्‍तानियॉं
मारवाडी बंधु आ देशवाली दोकानियॉं

अधिसूचित क्षेत्र, प्रखंड मुख्‍यालय
आई.टी.आई, स्‍कूल, महाविद्यालय
राजनीति आ ज्ञान-विज्ञान
रहन-सहन आ खान-पान


शिक्षा-दीक्षा, कला-संस्‍कृति
हमर गाम वास्‍तविक अनुकृति
सब सँ सुन्‍दर अछि महान्
हमर गाम आ मिथिलाधाम ।

दिल्लीमे बिहारक संस्कृतिक झलक

दिल्लीमे पिछला दिन लागल जेना बिहारमे आबि गेल छी. होली आओर महिला दिवसक अवसर पर बिहार उत्सवक आयोजन कएल गेल. लोक बिहारक लोकगीत आओर लोकनाटकक संग कत्थक नृत्यक आनंद उठएलन्हि. नृत्यांगना पुनीता शर्मा अपन बेहतरीन नृत्यसँ लोककेँ झूमय लेल मजबूर क' देलखिन्ह. कत्थक नृत्य यात्रा थीम पर छल. एहिमे जीवन यात्राक मर्मकेँ खूबसूरतीसँ पेश कएल गेल. कत्थक नृत्यक फ्यूजनमे बचपन...युवा आओर प्रौढावस्थाक संग सुख-दुख...राग-द्वेष...प्रेम-नफरत जैसन विविध रंगसँ जीवनक मर्म समझाबय के कोशिश कएल गेल.
ई कार्यक्रम दिल्लीक सामाजिक संस्था राग विराग एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी क ओर सँ कएल गेल. कार्यक्रमक शुरूआत संतोष नागर जीक वायलिन वादनसँ भेल. एहि के बाद भेल छल यात्रा. पुनीता जीक कोरियोग्राफीमे भेल एहि नृत्य नाटिका राग भटियार... बागेश्वरी... दरबारीसँ होइत राज जोगसँ खत्म भेल. एहिमे सविता अधिकारी... साक्षी कुमार आओर सुलगना राय अपन नृत्यसँ मन मोहि लेलखिन्ह. एहि नृत्य नाटिका यात्राकेँ संगीत देलन्हि कासिफ खान.
उत्सवक आखिरमे युवा कलाकार अंशुमाला बिहारमे पावनि... त्योहार...खुशीक मौका पर गाबय जाए वाला गीत पेश कएलन्हि। एहिमे कजरी... जट-जटिन... शादी-विवाह आओर होली पर गाबय जाय वाला गीत छल. लोक नाटक वाला हिस्सामे जयशंकरजी खुशबू आओर वंदनाक संग 'जट-जटिन' प्रस्तुत कएलन्हि.

'विदेह' २२८ म अंक १५ जून २०१७ (वर्ष १० मास ११४ अंक २२८)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. डॉ. कैलाश कुमार मिश्र -  गौरी चोरनी ,  गौरी डाईन आ गौरी छिनारि: मधुश्रावणी कथा केर ...