Monday, September 07, 2009

नेना भुटका - दयावान बालकक कहानी

दयावान बालकक कहानी

फ्रांस शहरमे एकटा लड़का आर एकटा ओकर बहिन छल। दुनू भाइ-बहिनक बीचमे बड़ प्रेम छल। लड़काक नाम नेपोलियन छल आर लड़कीक नाम इलायजा छल। दुनू गोटे बड़ नटखट छल। एक दिन दुनू भाइ-बहिनक बीचमे तय भेल जे सभसँ तेज के दौड़ब।
ई बातपर दुनुक बीच तय भेल जे- जे जीतब से पार्टी देब। दुनू भाइ-बहिन दौड़ै लागल। दौड़ैत-दौड़ैत दुनू गोटे एकटा लड़कीसँ टकरा गेल। से ऊ लड़की केर माथापर एकटा टोकरी छल। लड़की आर ओकरा माथापरक टोकरी जकरामे फल सब रहै से रोडपर खसि गेल। लड़कीकेँ क्सि कए चोट लागल। दुनू भाइ-बहिन मिलि कऽ ऊ लड़की केँ उठेलक आर पुछ्लक- चोटो लगल ये अहाँकेँ। ई बातपर लड़की कहलक जे कसि कऽ लागल छल। दुनू भाइ-बहिन मिलि केँ लड़की केर टोकड़ी आर ओकरामे फल छलै सेहो, सभकेँ उठाय, ओकरा अपन संगे अपन घर लेलै चल गेल। ओतए ओकर माँ छै, से कहलक जे ई अहाँ ककरा अपन संगमे लेले ऐलो ये। तँ दुनू भाइ बहिन कहलक जे हम दुनू गोटे दौड़ैत छलौ, ई हमरासँ टकरा गेल आर एकर माथा परक टोकरीमे छ्लै फल, सब सड़कपर बिखरि गेल आर एकरा चोट सेहो लागि गेल छलै। से हम एकरा अपन संगेमे लेले ऐलोँ। एकरा एकर फलक पैसा दऽ दियौ। ई बातपर हुनकर माँ गुस्सा गेल आर कहलक- एना अहाँ सब किए करैत छी। आर घरक अन्दर गेल, पैसा आनिकऽ ऊ लड़कीकेँ दैत पुछलक जे अहाँ एतना कम उम्रमे एहन भारी समानकेँ ठा कऽ कतए जाइ छलौँ। तँ जाएकऽ लड़की कहलक- हमर बाबू बड़ बीमार छल। एकरा बेच कऽ हम अपन बाबूकेँ डॉक्टरक पास लै जेतौँ। लड़कीकेँ ई बात सुनिकऽ दुनू भाइ-बहिन आर हुनकर माएकेँ बड़ दया लागल आर कहलक जे अहाँ केर घर कतए ये, से हम सब अहाँक संगमे अहाँक घर चलब। ई बातपर लड़की केर आँखिमे आँसु आबि गेल आर कहलक- चलू, अहाँ सभ हमर घरक लेल। दुनू भाइ-बहिन, हुनकर माए, ऊ लड़की केर संग बिदा भेल आर लड़कीक घर पहुँचल तँ देखलक जे एकटा अधवयसू आदमी एकटा चौकीपर सुतल ये आर खाँसि रहल ये, जकरा देखने से लागैत छल जे ई आब नै बचत। दुनू भाइ-बहिन आर हुनकर माए ओकरा अपन गाड़ीमे डालि कऽ अस्पताल लेले गेल। ओकरा अस्पतालमे भरती करबाएकऽ कहलक- जे खर्च आएत हिनका ठीक होएबाकमे, सब हम देब। आर दुनू भाइ-बहिन मिलिकऽ हुनकर खूब सेवा कएलन्हि। लड़कीक बाबू जल्दीए ठीक भऽ गेलाह आर अपनासँ चलिकऽ घर पहुँचलाह। आर ऊ दुनू भाइ-बहिनकेँ ओ सभ बड़ आशीर्वाद दैत छलै। ई लड़का आगू चलै केर बाद फ्रांस देशक शासक बनल। आर बहुत दिन तक राज केलक।





आशिष चौधरी गाम – चरैया,
जिला – अररिया।

निवेदन:-

१.धीमेश्वर स्थान- बनमनखीसँ उत्तर ३ किलोमीटरपर धीमा गाँव अछि। एहि स्थानक बारेमे जे ई बहुत पुरान अछि, से सुनै छी। पहिले एतए मन्दिर नै रहै मुदा बादमे एत्तऽ विशाल मन्दिर बनल आर एकटा पोखरि सेहो अछि। आर एक बात जे ई अपने आप प्रकट भेला-ए। ई मन्दिरसँ सटल एकटा माँ दुर्गाक सेहो प्राचीन मन्दिर ये। जे मन्दिरक बारेमे ओइ अगल-बगल गामक लोक सब कहै ये जे कोनो प्रार्थना अगर मनसँकरल जाइ-ए, ते माँ भगवती जरूर पूर्ण कए दैत अछि।

२.अररिया जिलासँ ३० किलोमीटरपर भरगामा प्रखण्ड अछि। वैह प्रखण्डमे भरगामा गाममे एकटा चण्डी स्थान बाधमे अछि, जकर बारेमे बुजुर्ग सभ कहै ये जे ई अपने-आप प्रकट भेल अछि आर ओए ठाम कोनो प्रार्थना आइ तक पूरा नञि होबए के प्रश्न ने अछि। एकटा खास बात ये जे ओइ ठाम के भगवती के गेट मंगलवार दिन टा खुलै ये। आर गाछ सभ जे ये, अगर ओकरा कियो काटए के कोशिश करै ये से खुन बहे लगे ये, जेना मनुखक खून बहै ये ओहिना। ओत्तऽ आइ वरु जेना मन्दिर बनल अछि वैहने। ओत्तऽ मंदिर अगर बनाबे चाहे ये ते नै बनबे सके ये।
हुनके समर्जपित, जय मां।

1 comment:

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'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

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