Friday, May 08, 2009

श्यामल किशोर झा

श्यामल किशोर झा

लेखकीय नाम श्यामल सुमन, जन्म १०।०१।१९६० चैनपुर जिला सहरसा बिहार, स्नातक। शिक्षा:अर्थशास्त्र राजनीति शास्त्र एवं अंग्रेजी, विद्युत अभियंत्रणमे डिपलोमा, प्रशासनिक पदाधिकारी,टाटा स्टील, जमशेदपुर,स्थानीय समाचार पत्र सहित देशक अनेक पत्रिकामे समसामयिक आलेख, कविता, गीत, गजल, हास्य-व्यंग्य आदि प्रकाशित, स्थानीय टी वी चैनल एवं रेडियो स्टेशनमे गीत गजल प्रसारण, कैकटा कवि सम्मेलनमे सहभागिता ओ मंच संचालन। सम्‍पादक


प्यास

हमर गाम छूटि गेल, पेट भरवाक लेल!

भूख लागल अछि एखनहुँ, उमरि बीत गेल!!

हमर गाम छूटि गेल, पेट भरवाक लेल! 

नौकरी की भेटल, अपनापन छूटल!

नेह डूबल वचन केर आश टूटल!!

दोस्त यार कतऽ गेल, नव-लोक अपन भेल!

गाम केर हम बुधियार, एतऽ बलेल!!

हमर गाम छूटि गेल, पेट भरवाक लेल! 

आयल पावनि-त्योहार, गाम जाय केर विचार!

घर मे चर्चा केलहुँ तऽ, भेटल फटकार!!

नहि नीक कुनु रेल, रहय लोक ठेलम ठेल!

कनियाँ कहली जाऊ असगर, बन्द करू खेल!!

हमर गाम छूटि गेल, पेट भरवाक लेल! 

की कहू मन के बात, छी पड़ल काते कात!

लागय छाती पर आबि कियो राखि देलक लात!!

घर लागय अछि जेल, मुदा करब नहि फेल!

नवका रस्ता निकालत, सुमन ढ़हलेल!!

हमर गाम छूटि गेल, पेट भरवाक लेल!

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'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. जगदीश प्रसाद मण्‍डलक  दूटा लघु कथा   कोढ़िया सरधुआ  आ  त्रिकालदर ्शी २.२. नन...