Friday, May 08, 2009

सन्तोष मिश्र

सन्तोष मिश्र


एना किए ?

 

एकटा स्‍त्री,

हमर घरकेँ सबहे काज कऽ दैअ

समयसमय पर आबिकऽ

हमर जरुरत पुरा क दैअ

एहिके बाध ओ

परतरि दैअ

मुदा एना किए ?

 

जहिया हम असगरे रहैछी

तहिया ओ हमरा संग राति बितऽबैय

कखनो तिर त कखनो तार

कहियो राईके बनादै पहाड़

कखनो हमरा लेल आाखिमे नोर

आ कखनो हमरासँ दूर

मुदा एना किए ?

 

कि ईहे त प्रेम नहि ?

कि ईहो प्रेम छै ?

हमरा कोनो बेगरता होए

ओ सेहो पुरा कऽ दैअ

 

गलती जौ भऽगेल हमरासँ

त डटबो करैए

मुदा एना किए ?

 

ओकर आँखिमे,

एकटा भावना रहैछैक

ओकरा विश्‍वास रहैछैक हमरे पर

तैयो ओ हमरा डटैत रहैए

मुदा एना किए ?

 

किछु जौं कहि दिऐ त

भऽजाइए टोकाचाली बन्‍द

ओकर मूँह बन्‍द भइयोक

ओकर आँखि,

अपन प्रेमक गीत कहैए

मुदा एना किए ?

 

किछु समय बाद

जेना किछु भेले नहि हुए

जेना ओ हमरासँ चिन्‍तीते नहि हुए

तहिना ब्‍यवहार करैए

मुदा एना किए ?


 

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'विदेह' २३१ म अंक ०१ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३१)

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