Thursday, May 07, 2009

भाषा आ प्रौद्योगिकी (संगणक,छायांकन,कुँजी पटल/ टंकणक तकनीक): गजेन्द्र ठाकुर

भाषा आ प्रौद्योगिकी (संगणक,छायांकन,कुँजी पटल/ टंकणक तकनीक) , अन्तर्जालपर मैथिलीविश्वव्यापी अन्तर्जालपर लेखन आ ई-प्रकाशन

 

गूगल आ वर्डप्रेस द्वारा जालवृत्त खोलबाक लेल बहुत रास बनल बनाएल परिकल्पित नमूना स्थल निर्माण लेल उपलब्ध अछि आ ओतए लेखन, संदेश आ टिप्पणीक लेल असीमित दत्तांशनिधि उपलब्ध अछि जतए जालोद्वहन मँगनीमे देल जा रहल अछि। ई सभ जालवृत्त निर्माण स्थल उपभोक्ता केन्द्रित अछि आ एतए सरल लेखन-पद्धतिक व्यवस्था सेहो कएल गेल अछि मुदा जे अहाँ संविहित पृच्छन भाषा (एस.क्यू.एल.) आधारित जालस्थलक निर्माण आ प्रबन्धन करए चाहैत छी तँ ओहि लेल ई निबन्ध अहाँक लेल उपयोगी रहत। पहिने मिथिलाक्षर आ देवनागरीक यूनीकोडमे लिखल जएबाक प्रक्रम दए रहल छी आ से अन्तर्जालपर पढ़ल जा सकबा योग्य कोना होएत तकरो चरचा होएत। तकर बाद जालस्थल निर्माण पद्धतिपर विस्तृत चरचा होएत।

 

 

देवनागरी लिपिकेँ रोमन टाइपराइटरपर कोन टाइप करी-

पहिने www.bhashaindia.com पर जा कए  हिन्दी IME V.5 अवारोपित (डाउनलोड) करू । एहि विधि (प्रोग्राम) केँ अपना संगणक (कंप्युटर) पर प्रतिष्ठापित (इंस्टॉल) करू । फेर नियन्त्रण पटल (कंट्रोल पैनल) मे क्षेत्रीय आ भाषा (रेजनल आ लंग्वेज) पर जा कए लंग्वेज प्लावक (टैब) केँ दबाऊ । देखू जे कॉम्प्लेक्स स्क्रिप्ट/ राइट टू लेफ्ट लैंगुएज पर सही केर निशान लागल छैक आकि नहि । नहि छैक तँ करू आ  संगणक ( कंप्युटर)  ताहि लेल जे जे कहैत अछि से करू । एकरा बाद लंग्वेज प्लावक (टैबकेँ) आ  डिटेल्स केँ दबाऊ । फेर ओतए  ऐड क्लिक करू आ ओतए  लंग्वेज मे हिन्दी आ  कीबोर्ड मे HINDI INDIC IME 1[V.5.1] सेलेक्ट कए  अप्लाइ दबाऊ । कंप्युटरकेँ रीस्टार्ट करू । आब वर्ड डोक्युमेंट खोलू । वाम Alt+Shift केँ  सम्मिलित दबेला उत्तर H कुँजीपटल (कीबोर्ड) आओत नहि तँ नीचाँ  लंग्वेजक़ेँ क्लिक करू आ  हिन्दी  चुनि लिअ । कुँजीपटलमे  हिन्दी transliteration आ आन तरहक विकल्प जेना रेमिंगटन/ इन्सक्रिप्ट कुँजीपटल उपलब्ध अछि  । चुनि  कए टाइप शुरू करू ।

आब transliteration कुँजीपटलपर राम टाइप करबा लए  raama टाइप करए पड़त । क् (हलन्त सहित)  टाइप करबाक हेतु k दबाऊ आ  माउसक लेफ्ट बटन क्लिक करू  अन्यथा स्पेस पिञ्जक  आकि एंटर  पिञ्जक दबेला पर हलंत उड़ि जाएत ।

 

 

विकीपीडिया पर मैथिली पर लेख तँ छल मुदा मैथिलीमे लेख नहि छल,कारण मैथिलीक विकीपीडियाक स्वीकृति नहि भेटल छल । हम बहुत दिनसँ एहिमे लागल रही आ ई सूचित करैत हर्षित छी जे २७.१०.२००८  केँ  मैथिली भाषामे  विकी शुरू करबाक हेतु स्वीकृति भेटल छैक । एतए संगणक शब्द सभक स्थानीयकरणमे बहुत रास अंग्रेजी शब्दक अनुवाद हम कएने रही आ ताहिसँ एह क्रयमे रुचि बढ़ल आ मदति सेहो भेटल ।

देवनागरीमे टाइप करबाक हेतु एकटा आर तन्त्रांश साधन (सॉफ्टवेअर टूल) उपलब्ध अछि टूल अछि जे  http://www.baraha.com/BarahaIME.htm  लिंक पर उपलब्ध अछि । एकर विशेषता अछि एकर संस्कृत कुञ्जी फलक  जे आन कोनो तन्त्रांशमे उपलब्ध नहि अछि ।  एहिमे उदात्त, अनुदात्त स्वरित   किछु आन संस्कृत अक्षर उपलब्ध अछि मुदा एतहु स्वास्तिक, ग्वाङ, अञ्जी इत्यादि उपलब्ध नहि अछि । स॑ , स॒ , स॓ , सऽ केँ  स लिखलाक बाद सिफ्ट ३,,४ आ ७ दबेलासँ लिखि सकैत छी ।

तिरहुता लिपि लिखबाक हेतु एहि लिंक पर जाऊ।

http://www.tirhutalipi.4t.com/

मुदा एकरा हेतु एहि लिंक पर जे प्रीति फॉंन्ट छैक तकरा सेहो अवारोपित कए  प्रतिकृति करू   दुनू केँ ध्रुववृत्त चालक (हार्डडिस्क ड्राइव)  C/windows/fonts मे लेपन करू । एहिमे जे फॉन्ट अछि से Ascii मे अछि । क्रुतदेव , शुशा ई सभ फॉण्ट सेहो एहि तरहक अछि, पहिने उपयोगी छल मुदा आब सर्च इंजिनमे यूनिकोड-यू.टी.एफ.8 केर सर्च होइत छैक आ  Ascii  मे लिखल देवनागरीक सर्च नहि भए पबैत अछि । विन्डोजमे मंगल वर्णमुख (फॉन्ट) अबैत छैक से यूनीकोडमे छैक  आ एहिमे लिखल देवनागरी सर्च भए जाइत अछि । मिथिलाक्षरक यूनीकोड रूपक आवेदन (अंशुमन पाण्डेय द्वारा देल गेल) लंबित अछि जाहिमे बर्कले विश्वविद्यालयक प्रोफेसर डेबोराह एन्डरसन, Project Leader, Script Encoding Initiative, Dept. of Linguistics, UC Berkeley क आग्रहपर हमहुँ योगदान देने रही ।

आब किछु बात यूनीकोड आ  जालस्थल (वेबसाइट)  केर संबंधमे ।

कोनो फाइलकेँ पढ़बाक हेतु कंप्युटरमे आवश्यक फॉंट होएब जरूरी अछि, नहि तँ सभसँ सरल उपाय अछि, शब्द-संसाधकमे बनल लेख (वर्ड डोक्युमेंट) केँ पी.डी.एफ. फाइलमे परिवर्त्तित करू । एहिमे नफा नुकसान दुनू अछि । नफा जे बिना कोनो फांटक झंझटिक पी.डी.एफ.फाइल जाइ काँटा/ वर्णमुख/ लिपिमे लिखल गेल अछि, ताहिमे पढ़ल जा  सकैत अछि । एकर नुकसान जे जखने फाइलमे जा  कए सेव एज टेक्स्ट करब तँ अंग्रेजीतँ सेव भए जाएत  मुदा देवनागरी तेहन सेव होएत जे पढ़ि नहि सकी । दोसर यूनीकोडक मंगलमे टाइप कएल लेखकेँ एडोब अक्रोबेटसँ पी.डी.एफ.मे परिवर्त्तित करबामे दिक्कत होए तँ संपूर्ण फाइलकेँ खोलि कए  सभटा चयन करू, यूनीवर्सल यूनीकोड एम.एस.फांट ड्रॉप डाउन मेनूसँ सेलेक्ट करू फेर प्रिंटमे जा कए प्रिंटर (मुद्रक) एडोब एक्रोबेट सेलेक्ट करू । आब ई फाइल परिवर्त्तित भए जाएत पी. डी. एफ.मे । माइक्रोसॉफ्ट वर्डसँ pdf मे परिवर्त्तनक सोझ तरीका अछि, फाइल, प्रिंटमे जाऊ,  फेर प्रिंटरमे एक्रोबेट डिस्टीलर सेलेक्ट कए प्रिंट कमांड दए दिअ । मुदा एहिमे कखनो काल pdf डॉक्युमेंट नहि बनैत छैक । तखन प्रिंटर एक्रोबेट डिस्टीलर सेलेक्ट कए प्रोपर्टीज मे जाऊ । ओतए अडोब pdfसेटिंग सेलेक्ट करू । ओतए ऑपशन डू नॉट सेंड फॉन्ट्स टू डिस्टिलर मे टिक लगाएल होएत । ओकरा अनचेक करू । आ  से कए बाहर आऊ आ  प्रिंट कमांड दिअ । आब pdf डॉक्युमेन्ट बनि जाएत । एहि फाइलमे कखनो काल घ हलन्त आ  ज कखनो काल चतुर्भुज रूपमे नञि पढ़बा योग्य अबैत अछि ।

पी.डी.एफ. स्प्लिटर आमर्जर सॉफ्टवेयर ( जेना फ्रीवेयर सॉफ्टवेयर पी.डी.एफ. हेल्पर/ सैम) केर मदतिसँ आसानीसँ पी.डी.एफ. फाइल जोड़ि आ तोड़ि सकैत छी।

 

 

 

आब वेबसाइट बनेबाक पूर्व किछु मुख्य बातकेँ देखि लिअ । पाँच तरहक अन्तरजाल गवेषक (इंटरनेट ब्राउजर) अछि, शेष सभटा एकरा सभकेँ आधार बना कए रचित अछि । तखन सभसँ पहिने ई चारू अपना कंप्युटरमे प्रतिष्ठापित (इंस्टॉल) करू-

.ओपेरा , २.मोजिल्ला , ३. माइक्रोसॉफ्टक इंटरनेट एक्सप्लोरर (ई तँ होएबे करत) , ४. गूगल क्रोम आ ५. एपलक,अखन धरि ई मेकिनटोसक लेल छल आब विन्डो लेल सेहो अछि, सफारी । आब जखन जाल पृष्ठ (वेब पेज) उपारोपित (अपलोड) करू वा पहिनहुँ  तँ एहि सभपर खोलि कए अवश्य देखि लिअ ।

देवनागरी लिखबामे बराह आइ.एम.ई. केर योगदान विशिष्ट अछि । एहिमे संस्कृतक उदात्त , अनुदात्त आ  स्वरित केर संगे बिकारी, देवनागरी अंक आ किछु संगीतक स्वरलिपि  लिखबाक सुविधा अछि । विदेहक संगीत शिक्षा स्तंभ बिना एकर सहयोगक संभव नहि छल । मंद्र सप्तक, तीव्र आ  कोमल स्वरक नोटेशन एहिमे अछि । ऋ,ॠ आ  ,ॡ आ  , ऎ अ, ~ हलन्तक बाद जोड़क सुविधा एहिमे सुविधा छैक । अनुदात्त क॒ उदात्त क॑ आ स्वरित क॓ सेहो उपलब्ध अछि । ई विस्टामे सेहो कार्य करैत अछि । आ  यूनीकोड फॉंटमे रहबाक कारण इंटरनेट पर पठनीय अछि ।

अ सँ ह तक वर्णमाला अछि । क्ष, त्र ,ज्ञ ओनातँ संयुक्त्त अक्षर अछि  मुदा बच्चेसँ हमरा सभ अ सँ ज्ञ तक वर्णमालाक रूपमे पढ़ने छी । श्र सेहो क्ष, त्र, ज्ञ जेकाँ संयुक्त अक्षर अछि । ज्ञ केर उच्चारण ताहि द्वारे हमरा सभ ग आ  य केर मिश्रण द्वारा करैत छी से धरि गलत अछि । ई अछि ज आ  ञ केर संयुक्त । ऋ केर उच्चारण हमर सभ करैत छी, री । लृ केर उच्चारण करैत छी, , र आ  ई केर संयुक्त्त । मुदा ऋ आ  लृ स्वयं स्वर अछि, संयुक्ताक्षर नहि ।  विदेहक आर्काइवमे शुद्ध उच्चारणक आवश्यकताकेँ देखि कए अ सँ ज्ञ तक सभ वर्णक उच्चारण देल गेल अछि । भारतीय अंकक अंतर्राष्ट्रीय रूपक प्रयोगक देवनागरीमे चलन भऽ  गेल अछि । भारतीय संविधानक अनुच्छेद 343(1) कहैत अछि जे संघक राजकीय प्रयोजनक हेतु प्रयुक्त होमए बला अंकक रूप, भारतीय अंकक अंतर्राष्ट्रीय रूप होएत।  मुदा राष्ट्रपति अंकक देवनागरी रूपकेँ सेहो प्राधिकृत कऽ  सकैत छथि ।

 

http://www.bhashaindia.com पर tbil converter सॉफ्टवेयर डाउनलोड करू । मंगल फॉंटमे आन फॉटसँ परिवर्त्तन करबाक अछि तँ डॉक्युमेन्ट .doc चयन करू इनपुट भाषामे हिन्दी आ  ascii फॉन्टमे फॉन्ट चयन करू । आउटपुटमे भाषा हिन्दी आ  फॉन्ट Unicode mangal चयन करू । आब ब्राउज कऽ  कए  फाइल सेलेक्ट करू । अहाँक कम्प्युटर मे ऑफिस २००७ अछि आ  वर्ड डॉक्युमेन्ट .docx एक्सटेंशन अछि , तखन एक्सटेंशनकेँ रिनेम करू .docआब ब्राउजमे डॉक्युमेन्ट आबि जाएत ।  अहाँक कम्प्युटर मे ऑफिस २००७ नहि अछि तखन रिनेम केलासँ कोनो फाएदा नहि । आब कंवर्ट क्लिक करू । नूतन फाइल Unicode Mangal फॉन्टमे बनि जाएत । अहाँक शब्द संसाधक सञ्चिका )(वर्ड डॉक्युमेन्ट फाइल) मे यूनीलोड आ ascii वर्णमुख (फॉन्ट) मिलल अछि, तखन अंदाजीसँ ascii वा  बेशी प्रयुक्त होएबला ascii  केर चयन करू । कंवर्ट क्लिक करू कन्वर्ट भऽ   जाएत यूनीकोड मंगल वर्णमुखमे।

 

 

जालस्थल निर्माण

पहिने कोनो ऑनलाइन प्रतिष्ठित संस्थासँ प्रदेश नाम (डोमेन नेम)  कीनू । उदाहरणस्वरूप रिडिफ डॉट कॉम पर जाऊ आ रिडिफ होस्टिंगपर क्लिक करू । ओतए बुक यूअर डोमेन पर जा कए इच्छित नाम ट्कित कए देखू जे ओ उपलब्ध अछि आकि नहि । अहाँ अपन जालस्थलक हेतु उपयुक्त डोमेन नेम क्रेडिट कार्डसँ ऑनलाइन कीनि सकैत छी  । ई  सस्ता छैक  दश डॉलर प्रतिवर्ष एकर अधिकतम मूल्य छैक । तकरा बाद  जालोद्वहन सेवा (वेब होस्टिंग सर्विस) केर लिंकपर जाऊ । ५ वा दस साल लेल १०० एम.बी. स्थानक संग जालोद्वहन सेवा लिअ आ एकरा संग माय एस.क्यू.एल. सेवा मुप्त छैक मुदा ओहिमे लाइनक्सपर काज करए पड़त जे कनेक कठिनाह/ तकनीकी भए सकैत अछि से माइक्रोसॉफ्ट एस.क्यू.एल. सेवा किछु आर पाइ लगा कए अहाँ कीनि सकैत छी । आब अहाँ लग २० एम. बी. केर एस.क्यू.एल. दत्तनिधि (डाटाबेस) आ ८० एम.बी.केर साइट लेल जगह बाँचत (माने पूरा १०० एम.बी.) आ से पर्याप्त अछि। आर स्पेसक जोगार मँगनीमे भए जाएत, तकर चरचा आगाँ होएत। माइक्रोसॉफ्ट एस.क्यू.एल. सेवा लेबाक उपरान्त अहाँ अपन माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल सञ्चिका ओतए चढ़ा सकैत छी आ तकर उपयोग अपन जालस्थलपर एकटा मध्यस्थ (इन्टरफेस) बना कए अहाँ कए सकैत छी ।

 

आब जालस्थल (वेबसाइट) बनेबाक विधिपर विचार करी।

माइक्रोसॉफ्ट फ्रन्टपेज  ऑफिस एक्स.पी. क संग अबैत अछि । ऑफिस २००३ मे सेहो ई अलग सँ उपलब्ध अछि ।

प्रन्टपेजमे बनल-बनाओल वेबसाइट विजार्ड चलाऊ । मोटा-मोटी पाँच पृष्ठक जाल-स्थल बनि जाएत। एहिमे वाम कात राइट क्लिक कए पृष्ठक संख्या बढ़ा सकैत छी । ऊपरमे स्थित थीमसँ अपन इच्छा मोताबिक बनल-बनाओल डिजाइन सेहो लए सकैत छी । साइटक कोनो पृष्ठकेँ अहाँ फोटो एलीमेन्ट द्वारा फोटो गैलरीमे परिवर्तित कए सकैत छी आ ३-४-६ स्तम्भमे फोटो सभ सजा सकैत छी । ओहि पृष्ठपर डबल क्लिक कए अपन संगणकसँ फोटोकेँ आनू आ यूनीकोड टाइपराइटर द्वारा वर्णन टंकित करू । पृष्ठ सुरक्षित करबा काल चित्रक गुणवत्ता जे.पी.जी. फोटोमे १ सँ १०० धरि चुनबाक विकल्प छैक । जतेक पैघ फाइल चुनब ततेक बेशी जगह छेकत ।वाम आ नीचाँमे लिक लेल चिल्ड्रेन सेटिंग विकल्प चयन कएला उत्तर जालस्थलक सभ पृष्ठक सूचना ओतए आबि जाएत । बेशी पृष्ठ भेला उत्तर कोनो पृष्ठक भीतर पृष्ठ सभक श्रृंखला दए सकैत छी । आब अहाँक संगणकमे अहाँक जालस्थल माय डोक्युमेन्ट्स/ माय वेबमे सुरक्षित अछि ।

अपन वेबसाइटक वास्तविक स्वरूप प्रीव्यू विकल्प द्वारा ऊपर वर्णित ५ प्रकारक गवेषकमे देखू । किछु आवश्यक परिवर्तन प्रन्टपेजपर कएला उत्तर एहि साइटकेँ अपन सर्वरपर उपारोपित कए दियौक। एहि लेल फाइलजिला डॉट कॉम पर जाऊ जे मुफ्त तंत्रांश उपलब्ध करबैत अछि । एतए क्लाइन्ट आ सर्वर मे सँ क्लाइन्ट विकल्प चुनू आ तंत्रांश अपन कम्प्यूटरमे प्रतिष्ठापित करू । एकरा बाद यूजर नेम आ पासवर्ड दिअ आ एफ.टी.पी. डॉट डोमेन नेम पर पूर्ण जालस्थल वितरक (सर्वर) केर मूल फोल्डरमे पर उपारोपित कए दिअ। अहाँक जालस्थल अन्तरजालपर नियत जालस्थल पतापर देखाइ पड् लागत।

अपन अपन दत्तसङ्ग्रह कोनो तन्त्रांश जेना ई.एम.एस. एस.क्यू.एल.मैनेजर केर माध्यमसँ अपन वितरकपर चढ़ाऊ आ एहि लेल अपन सेवा प्रदातासँ दूरभाषपर गप कए किछु विशेष ओर्टक जानकारी लिअ। सभटा सामग्री चढ़ि गेलाक बाद अपन जालस्थलक पृष्ठपर बनाओल मध्यस्थ पृष्ठपर कोडमे यूजर नेम आ पसवर्ड देनाइ नहि बिसरू।

कोनो पृष्ठपर पृष्ठसँ संगीत अन्बाक लेल कम्प्यूटरसँ ओहि पृष्ठपर संगीतक सञ्चिका आयात करू मुदा आइ काल्हि मात्र ओपेरा आ इन्टरनेट एक्सप्लोररपर प्रन्टपेजसँ बनल जालस्थलमे संगीत बजैत अछि।

आब किछु गप पृष्ठ शैली (स्टाइल शीट) पर।

अहाँ सम्पूर्ण जालस्थलक डिजाइन जे एक्के रंगक राखए चाही तँ  एहि लेल सभ पृष्ठमे एकर विधिलेख दए दियौक आ एकटा फोल्डरमे डिजाइन राखि दियौक। एहिमे पृष्ठभूमिमे बाजए बला संगीत सेहो रहि सकैत अछि । एहिसँ ई फायदा अछि जे सभ पृष्ठ खुजबा काल फेरसँ तागति नहि लगबए पड़त मात्र एक बेर डिजाइन आ संगीत खुजबामे जे समय लागत सएह टा। दोसर पृष्ठपर जे लिखित अंश वा फोटो आदि रहत ताहिमे जतेक देरी लागत सएह समय मात्र लागत। माने अहाँक जालस्थल हल्लुक भए जाएत आ जल्दीसँ खुजत।

 

आब आर.एस.एस.फीडक विषयमे जानकारी ली।

जालस्थल तँ बनि गेल आब एकर प्रचार प्रसार सेहो होएबाक चाही। आर.एस.एस. फीड अछि रिअल सिम्पल सिन्डिकेशन फीड केर संक्षिप्त रूप। एकटा वा कैक टा .xml फाइल बना कए अहाँ अपन वितरकपर चढ़ा दियौक। अहाँ .css  डिजाइन तकर बाद ई एक तरहेँ जालस्थलक नक्शा बना दैत अछि आ जखने एहिमे कोनो परिवर्तन अबैत छैक तँ फीड-रीडर/ एग्रीगेटरकेँ जालस्थलपर नव सामग्री अएबाक सूचना भेटि जाइत छैक। एहिमेमे मुख्य घटनाक/ लेखक सारांश रहैत छैक जे लिंकसँ जुड़ल रहैत अछि। ओहि लिंककेँ क्लिक केला उत्तर अहाँ विस्तृत जानकारी प्राप्त कए सकैत छी। .xml युक्त पृष्ठकेँ जालवृत्त (ब्लॉग) पर ऐड गाडजेट/ फीड/ मे पताक रूपमे लिखि कए ५ सँ २० धरि नूतन सामग्रीक (क्रमशः गूगल आ वर्डप्रेस ब्लॉगमे) अद्यतन जानकारी लेल जालवृत्त (ब्लॉग) पर राखल जा सकैत अछि। एकर आर उपयोग छैक जेना फीडबर्नर केर माध्यमसँ ई-पत्र द्वारा सदस्यकेँ सूचना देब, हेडलाइन एनीमेटर जालस्थल/ जालवृत्तपर लगाएब/ ई-पत्र द्वारा इच्छित सामग्रीक लिंक संगीकेँ पठाएब आ गवेषक वा फीड/ न्यूज रीडरक माध्यमसँ पढ़ब।

तकर बाद अपन जालस्थकेँ गूगल, याहूसर्च, लाइव सर्च आ आस्क डॉट कॉमपर सबमिट युअर साइट केर अन्तर्गत दए दियौक जाहिसँ ई सभ अन्वेषण यन्त्र अहाँक साइटकेँ ताकि सकए। .xml फाइलबला विश्वव्यापी अन्तर्जाल पता/ संकेत तकबामे एहि यन्त्र सभकेँ आर सुविधा होएतैक से अहाँ साइटक मुफत प्रचार होएत। .xml फाइल .htm केर स्थान लेत से नहि छैक मुदा एहिसँ फीड एग्रीगेटर/ अन्वेषण यन्त्र सभकेँ जालस्थलपर नव सामग्री तकबामे सुविधा होइत छैक। जखन अहाँक जालस्थलमे परिवर्तन आबए तँ अपन मूल .xml फाइलकेँ परिवर्तित कए वितरकपर चढ़ाऊ, शेष कार्य फीड एग्रीगेटर/ अन्वेषण यन्त्र स्वयं कए लेत। अहाँक अन्तर्जाल गवेषक सेहो साइटमे फीड रहला उत्तर विकल्प चुनलाक बाद जालस्थलक पृष्ठकेँ रिफ्रेश कए लैत अछि, कारण कखनो काल कऽ टेम्परोरी फाइल संगणकमे रहने पुरनके सामग्री इन्टरनेटपर देखाएल जाइत रहैत अछि।  मुदा एहि लेल सभ पृष्ठमे एकटा कूटसंकेत देमए पड़त।

आब किछु चरचा ४०४ एरर पृष्ठक। अहाँक जालस्थपर कोनो फोटो/ लिंक जे पहिने छल मुदा आब नहि अछि केँ टाइप कएला उत्तर ४०४ एरर संकेत अन्तर्जाल गवेषक दैत अछि। अपन सेवा प्रदातासँ कन्फ्युगरेशन सम्बन्धी जानकारी लऽ कए अपन जालस्थलक स्टाइलसीटक हिसाबसँ एरर पृष्ठ बनाऊ जतए किछु व्यक्तिगत संदेश जेना- अहाँ द्वारा ताकल सामग्री आब उपलब्ध नहि अछि केर संग जालस्थलक दोसर लिंक सभ राखू। मुदा एकर ध्यान राखू जे एहि पृष्ठपर एहन कूटसंकेत रहए जाहिसँ अन्वेषण यन्त्र ओकरा सर्च नहि करए।

अपन जालस्थलपर girgit.chitthajagat.in वा google translate गाडजेट राखि सकैत छी जाहिसँ मैथिलीक सामग्री दोसरलिपि सभमे एक क्लिकमे परिवर्तित भए जाए।

साइटक प्रचार अपन ब्लॉग/ ग्रुप बना कए आ ऑनलाइन कमेन्ट सबमिशन लेल सेवा प्रदातासँ डॉट नेट सुविधा लए-जाहिसँ वितरक कमेन्ट अहाँक ई-पत्र संकेतपर पाठकक कमेन्ट प्रेषित कए सकए आ फीड एग्रीगेटरमे अपन फीड पंजीकृत कराए पाठकक संख्या बढ़ाओल जा सकैत अछि। कमेन्ट सबमिशन टाइपपैड डॉट कॉम (पेड ब्लॉगर सेवा प्रदाता) सँ सेहो प्राप्त कएल जा सकैत अछि, ई ब्लॉग लेल तँ पाइ लैत अछि मुदा प्रोफाइल बनबए लेल नहि आ ओहि संगे ब्लॉग आ साइट लेल कमेंट फॉर्मक कोड आ सुविधा दुनू उपलब्ध करबैत अछि, एहिमे अहाँ जालस्थलपर कमेंटक एक पृष्ठपर सँख्या, कमेंटपर आपसी वार्तालाप, आ कमेंट मॉडेरेशन विकल्प चुनि सकैत छी।

अपन जालस्थलक आर्काइव लेल गूगल साइट आ वर्डप्रेस १० आ ३ जी.बी. क्रमशः स्थान मुफ्त दैत अछि। फाइल ओतए अपलोड करू मुदा अपन साइटपर ओकर लिंक दए दियौक। एहिसँ अहाँ अपन बजट ठीक कए सकैत छी।

ब्लॉगक यू.आर.एल. यदि नीक नहि लागए तँ मोनमाफिक यू.आर.एल. सुविधा १० डॉलर सालानापर उपलब्ध अछि, मुदा ब्लॉगक सुविधाक अतिरिक्त कोनो आर सुविधा एहिसँ नहि भेटत। मुदा जे अहाँक बजट बहुत कम अछि तँ एकर उपयोग करू।

अहाँ लग जे पूर्ण साइट अछि तँ ओकर एकटा पृष्ठ पर एफ.टी.पी. अपलोडसँ डिसकसन फोरम आदि अपन साइटक ऊपर राखि सकैत छी आ ब्लॉगकेँ अपन साइटमे सम्मिलित कए सकैत छी। ब्लॉगरक भीतर प्रकाशनक अन्तर्गत यू.आर.एल. सुविधा १० डॉलर सालानापर आ  एफ.टी.पी. अपलोड ई दुनू सुविधा उपलब्ध छैक।

आब चरचा फेव आइकनक। अपन लोगो ब्राउजरक पताक संग देबाक लेल .ico प्रारूपमे लोगोक चित्र बनाऊ आ अपलोड करू, संगमे स्टाइलसीटपर एकर विवरण दए दियौक।

अपन ई-पत्रमे सिगनेचर, माय स्पेस, फेसबुक, ओरकुट, ट्विटर,यू ट्यूब, पिकासा, याहूग्रुप आ गूगलग्रुप केर माध्यमसँ, आर.एस.एस.फीड आ हेडलाइन एनीमेटर जे ई-पत्र सिगनेचरमे सेहो राखल जा सकैत अछि केर माध्यमसँ सेहो एकर प्रचार कए सकैत छी।

गूगल एनेलेटिक्स आ वेबमास्टर टूलक सेहो उपयोग करू। एनेलेटिक्सक ट्रैकर कोड सभ पृष्ठपर दिअ जाहिसँ प्रतिदिन कतएसँ के आ कोना अहाँक जालस्थलपर अएलाह तकर जानकारी भेटि सकवे आ वेबमास्टर टूलसँ जालस्थल वेरीफाइ करू आ .xml फाइल सबमिट करू।

यदि कोनो पृष्ठपर कोनो फोटो/ लिंककेँ दोसर टैब/ गवेषकमे खोलए चाही तँ टारगेट फ्रेम/ न्यू विन्डो-ब्लैंक चुनू।

सी-डैक पुणेक अओजार आ फान्ट सेहो छैक मुदा ओहिसँ विशेष लाभ परिलक्षित नहि भए रहल अछि, उनटे बहुत रास दिक्कत जेना “द् ध” आ “ग् र” क्रमशः द्ध आ ग्र केर बदलामे देखबामे आओत।

विदेह ई-पत्रिका http://www.videha.co.in/ पर ऑनलाइन यूनीकोड टाइपराइटर उपलब्ध अछि। विशेष दिक्कत भेलापर/ वा एकर ऑफलाइन रूप हमरासँ ggajendra@videha.com पर ई-मेल कए मँगबा सकैत छी/ पूछि सकैत छी।

पी.डी.एफ.सँ सव एज टेक्स्ट केलापर देवनागरी रूप यूनीकोडमे आ कखनो काल आनोमे नहि सेव होइत छैक। यूनीनगरीमे पी.डी.एफ.सँ कॉपी कए पेस्ट केलासँ देवनागरी रूप आबि जाइत छैक। आस्की कन्वर्टरक सहायतासँ पी.डी.एफसँ यूनीकोडमे बदलैत छैक मुदा प्रारूपण खतम भए जाइत छैक।

फन्ट कन्वर्टरमे SIL कन्वर्टर एहन टूल अछि जाहिमे प्रारोपण खतम नहि होइत अछि आ ई अछियो फ्री तन्त्रांश। 

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"विदेह" मानुषिमिह संस्कृताम् :- मैथिली साहित्य आन्दोलनकेँ आगाँ बढ़ाऊ।- सम्पादक। http://www.videha.co.in/
पूर्वपीठिका : इंटरनेटपर मैथिलीक प्रारम्भ हम कएने रही 2000 ई. मे अपन भेल एक्सीडेंट केर बाद, याहू जियोसिटीजपर 2000-2001 मे ढेर रास साइट मैथिलीमे बनेलहुँ, मुदा ओ सभ फ्री साइट छल से किछु दिनमे अपने डिलीट भऽ जाइत छल। ५ जुलाई २००४ केँ बनाओल “भालसरिक गाछ” जे http://www.videha.com/ पर एखनो उपलब्ध अछि, मैथिलीक इंटरनेटपर प्रथम उपस्थितिक रूपमे अखनो विद्यमान अछि। फेर आएल “विदेह” प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका http://www.videha.co.in/पर। “विदेह” देश-विदेशक मैथिलीभाषीक बीच विभिन्न कारणसँ लोकप्रिय भेल। “विदेह” मैथिलक लेल मैथिली साहित्यक नवीन आन्दोलनक प्रारम्भ कएने अछि। प्रिंट फॉर्ममे, ऑडियो-विजुअल आ सूचनाक सभटा नवीनतम तकनीक द्वारा साहित्यक आदान-प्रदानक लेखकसँ पाठक धरि करबामे हमरा सभ जुटल छी। नीक साहित्यकेँ सेहो सभ फॉरमपर प्रचार चाही, लोकसँ आ माटिसँ स्नेह चाही। “विदेह” एहि कुप्रचारकेँ तोड़ि देलक, जे मैथिलीमे लेखक आ पाठक एके छथि। कथा, महाकाव्य,नाटक, एकाङ्की आ उपन्यासक संग, कला-चित्रकला, संगीत, पाबनि-तिहार, मिथिलाक-तीर्थ,मिथिला-रत्न, मिथिलाक-खोज आ सामाजिक-आर्थिक-राजनैतिक समस्यापर सारगर्भित मनन। “विदेह” मे संस्कृत आ इंग्लिश कॉलम सेहो देल गेल, कारण ई ई-पत्रिका मैथिलक लेल अछि, मैथिली शिक्षाक प्रारम्भ कएल गेल संस्कृत शिक्षाक संग। रचना लेखन आ शोध-प्रबंधक संग पञ्जी आ मैथिली-इंग्लिश कोषक डेटाबेस देखिते-देखिते ठाढ़ भए गेल। इंटरनेट पर ई-प्रकाशित करबाक उद्देश्य छल एकटा एहन फॉरम केर स्थापना जाहिमे लेखक आ पाठकक बीच एकटा एहन माध्यम होए जे कतहुसँ चौबीसो घंटा आ सातो दिन उपलब्ध होअए। जाहिमे प्रकाशनक नियमितता होअए आ जाहिसँ वितरण केर समस्या आ भौगोलिक दूरीक अंत भऽ जाय। फेर सूचना-प्रौद्योगिकीक क्षेत्रमे क्रांतिक फलस्वरूप एकटा नव पाठक आ लेखक वर्गक हेतु, पुरान पाठक आ लेखकक संग, फॉरम प्रदान कएनाइ सेहो एकर उद्देश्य छ्ल। एहि हेतु दू टा काज भेल। नव अंकक संग पुरान अंक सेहो देल जा रहल अछि। विदेहक सभटा पुरान अंक pdf स्वरूपमे देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेल, तीनू लिपिमे, डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि आ जतए इंटरनेटक स्पीड कम छैक वा इंटरनेट महग छैक ओतहु ग्राहक बड्ड कम समयमे ‘विदेह’ केर पुरान अंकक फाइल डाउनलोड कए अपन कंप्युटरमे सुरक्षित राखि सकैत छथि आ अपना सुविधानुसारे एकरा पढ़ि सकैत छथि।
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'विदेह' २३१ म अंक ०१ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३१)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. जगदीश प्रसाद मण्‍डलक चारिटा लघु कथ ा २.२. रबिन्‍द्र नारायण मिश्रक चारिटा आलेख ...