Friday, May 08, 2009

ज्योति प्रकाश लाल

ज्योति प्रकाश लाल

ग्राम-जगतपुर, सुपौल, बिहार (भारत)।

ज्योतिप्रकाश लाल विप्रो टेक्नोलोजी, हैदराबादमे सॉफ्टवेअर अभियन्ता छथि, स्पेन आ यू.एस.ए.मे पहिने काज कए चुकल छथि। एप्लिकेशन आ वेब आधारित सॉफ्टवेअरक निर्माणमे संलग्न। माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन, वाशिंगटनमे विन्डोज ऑपेरेटिंग सिस्टमपर शोध आ विकासमे योगदान। स्कूल, कम्प्य़ुटर इंस्टीट्यूट आ सरकारी पोलीटेकनिकमे शिक्षणक पूर्व अनुभव। वर्तमानमे साक्षातकार आ व्यक्तित्व विकासपर पोथी लिखबामे व्यस्त।

श्री लालमे संगठनात्मक शक्ति छन्हि आ ओऽ विभिन्न ग्रुप आ फोरमसँ जुड़ल छथि। किछु आर अनुभवी सहयोगीक संग ओऽ www.jyoticonsultant.com द्वारा मुफ्त कैरिअर सुझाव दए रहल छथि।सम्‍पादक


आजुक समय मे कम्प्युटर शिक्षाक महत्व

 कम्प्युटर: कि आ किएक?

आजुक दिन मेड कम्प्युटर शब्द किनको सँ बाँचल नहि अछि। ओना तँ हिन्दी वा मैथिली मे कम्प्युटरक नाम अछि संगणकमुदा ऍहि नाम सँ बहुतो लोकनि अनभिञ होयब आओर ई शब्द किछु अनगराईल बुझायल जायति। खैर…. अपन मातृभाषा मैथिली मे एहेन ढेर अंग्रेजी शब्दक प्रयोग करैत छी जे विशुद्ध मैथिली मे विचित्र बुझाएल जायति छैक। आइ केँ दिन मे सभ केँ कम्प्युटर साक्षर‘ (Computer Literate) होवाक चाही। कम्प्युटर साक्षरता‘ (Computer Literacy) सँ मतलब जेँ कोनो भी आदमी कम्प्युटर अनुप्रयोग‘ (Computer Applications) केँ प्रयोग मे लाबि सकैथि। दोसर तरहेँ यदि एहि बात केँ कही तेँ एकटा ऐहेन आदमी जेँ कम्प्युटर कँ प्रयोग कड केँ कोनो काम कड सकैथि।

 कम्प्युटर सँ लगभग सभ काम भड सकैति अछि। जाहि कारणे वर्तमान समय मे कम्प्युटर एकटा महत्वपुर्ण अंग बैनि गेइल छैक। आजुक छोट मोट व्यापारीयो एकटा कम्प्युटर खरीदबाक आ कम्प्युटर ऑपरेटर रखवाक हिम्मत करैत छैथि। एकर लोकप्रियता आ माँगक पाँछा ढेर कारण अछि। उदाहरणक तौर पर देखि तड: जेना कोनो दरख्वास्त वा चिठ्ठी कोनो ओफिस मे देबाक जरुरत होयत अछि तड दरख्वास्त कँ टाइपराइटर (Typewriter) पर टाइप करा कँ देति छी, मुदा इ टाइप करायल दरख्वास्त मे बहुतो कमी आ अपुर्णताक संभावना रहैति छैक, जेना Spelling Mistakes के संभावना, पाराग्राफक Alignment मे समस्या, पृष्टक Margins मे समस्या, इत्यादि।

 इ सभटा समस्याक समाधान अपने कम्प्युटर सँ बिना बहुत कठिनाई सँ कँ सकैत छी। कम्प्युटर मे Spelling Checking केँ सुबिधा अछि जेँ अपने आप बता दैत जे कोन कोन शब्द्क हिज्जै (Spelling) गलत अछि। एकर अलावा कम्प्युटर Grammatical Errors सेहो पकैर सकैति अछि। इ सब सुविधा प‍करि (Facilities) सँ लिखल दरख्वास्त वा चिठ्ठी मे कोनो Spelling Mistakes Grammatical Errors केँ संवाभना कम अछि। पाराग्राफक Alignment Margins केँ तरीका बहुत सुविधाजनक अछि। एकर अलावे एकटा दरख्वास्त वा चिठ्ठी लिखवाक आ ओकर छायाप्रति (Printouts) निकलवाक तक जेजे सुविधा (Facilities) होएबाक चाही वो सभटा कम्प्युटरक सोफ़्ट्वेयर पैकेज (Software Package) मे छैक।

 वर्तमान समय मे कम्प्युटर बहुत आगाँ बढि गेल अछि। Banking Sector मे जहिना धुम धडाका सँ प्रयोग मे अछि तहिना Medical क्षैत्र मे। जहिना रेलक सवारी आरक्षण मे कम्प्युटरक Whistle बाजि रहल अछि तहिना हवाई जहाज केँ सेहो उड़ा रहल अछि। मोटा मोटी यदि एक लाईन मे कही तँ नवयुग मे कम्प्युटर ओहिना सब क्षैत्रमें मे जरुरी अछि जहिना तरकारी मे नोन।

 वर्तमान समय मे कम्प्युटरक आवश्यकता केँ आधार पर इ कहल जा सकैति अछि जे यदि अहाँ कम्प्युटर नहि जानैत छी तँ अहाँ निरभर छी। अंग्रेजी मे सेहो मुहावरा (Proverb) बनि गेल अछि If you are not a computer literate it means you are illiterate.

आइ केर समय मे जिनका संगमे Internet के सुविधा उपलव्ध अछि तँ हुनका लेल बहुतो चीज बदैलि गेल छैकि। यदि आइ केँ समय सँ दस बारह साल पाँछा केँ समय मे जाई आ पत्राचारक माध्यम केँ बारे मे सोची तँ पहिले स्मृति-पट्ल पर थोक मे पोस्टकार्ड, अन्तरदेशी आ लिफाफाक खरीदवाक बात आबि जायति। एकर पाँछा एकटा कारण अछि जे ओहि समय मे पत्राचारक माध्यम लेल जे पोस्ट केँ ऒफिश छलेक प्रखर भुमिका छलैक। आओर सबहक लेल डाकक माध्यमे सुगम आ सरल छलि। पत्र कें अलावे गाम गाम मे मनीओडर पहुँचेबाक मे सेहो डाक अग्रणी छल। एवम प्रकारे डाक पत्राचारक आ मनीओडर वास्ते एक मात्र साधन बुझला जायति छलि। मुदा नहुँए नहुँए समय आ दुनिया मे परिवर्तनक लीला जारी रहैत अछि। ई पत्राचारक परिवर्तनक लीला मे कुरियर (Courier) आ ई-मेल (E-mail / Electronic - Mail) आयलि आ धुमधड़ाका सँ पत्राचारक माध्यम पर कब्जा कँ लेलक। आजुक दिन मे जिनका कुरियर वा ई मेलक सुविधा अछि वो सब पोस्ट ऒफिश केर रास्ता पेरा बिसरि गेल छैथि। सब लोकनि जेँ प्रत्येक दिन डाकिया केर इंतजार मे दरवाजा पर एकटक लगा केँ बैठल रहैति छलाह वो सब आई डाकिया केँ चिन्हेतो नहि छैथि। कारण बहुतो पत्राचार ई मेल सँ ही सम्भव भड जायति अछि, खास कड केँ शहरी परिवेश मे। क्रमश:


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'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

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