Saturday, April 04, 2009

चुनाव-चक्र -रूपेश कुमार झा 'त्योंथ'

नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ
रहत ओतय मंच साजल, संगहि दू -चारिटा माइक लागल
बीच ठाम ओ अपने बैसता, चमचा बैसत कात रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
उजरा कुरता-धोती पहिरने , सौंसे मुंह मे पान गलोठने
जाति- पाति कें हम नहि मानी बजता नेता माइक पकड़ने
झोड़ा ल' ले , झंता ल' ले , शीघ्र धो मुंह -हाथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
विपक्षी कें चोर कहैत अपना कें ओ साउध बतौता
गरैज -गरैज क' ओ पॉँच वर्षक घटना सुनौता
हमरा - तोरा समझ मे नहि अओंतौ कोनो बात रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ।
भाषण खाहे खराप लगौ वा लगौ तोरा नीमन
देता नगदी नरायण जाहि सं कीनब किछु तरकारी - तीमन
टोपी देता , गमछा देता आ देता गंजी साथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
आगां नारा बजता नेता , पाछां - पाछां जनता बाजत
उपर बला कें बिसरि सब , हुनके देवता मानत
वादा करता जाओं ओ जीतता , देता कम्बल -खाट रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
चिकरि- चिकरि जहन ओ थकता , भरी गिलास पानि गटकता
नाक - मुंह चमका - चमका क' अपन चुनावी चिह्न देखओता
अपन चुनावी नारा बाजि ओ जोडि लेता हाथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
एहन प्रलोभन कें बूते निश्चय जीत जेता ओ नेता
कुर्सी पबिते ओ सब मिलिक' देश - जनता कें लूटि - लूटि खेता
जनता पीटैत रहि जायत फेरो पॉँच साल माथ रौ
नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।

7 comments:

  1. नीक सामयिक प्रस्तुति। मुदा नेतो तँ समाजे सँ अबैत छथि।

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  2. rupesh ji ehina likhait rahoo

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  3. badhait rahoo, likhait rahoo

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  4. neek

    चिकरि- चिकरि जहन ओ थकता , भरी गिलास पानि गटकता
    नाक - मुंह चमका - चमका क' अपन चुनावी चिह्न देखओता
    अपन चुनावी नारा बाजि ओ जोडि लेता हाथ रौ
    नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।
    एहन प्रलोभन कें बूते निश्चय जीत जेता ओ नेता
    कुर्सी पबिते ओ सब मिलिक' देश - जनता कें लूटि - लूटि खेता
    जनता पीटैत रहि जायत फेरो पॉँच साल माथ रौ
    नेता अयता भाषण दैलय, चल-चल भाइ हाट रौ ।

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  5. chunavak chakra ke nik varnan

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  6. बहुत नीक प्रस्तुति

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'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

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