Tuesday, December 23, 2008

नीक लोक

नीक लोक ओ
जे रहैत छैक ईमानदार
बेइमानी जखन धरि
रहैत अछि नुकायल

नीक लोक ओ
जे रहैत छैक सत्यवादी
पकड़ल नहि जाइत छैक
जखन धरि झूठ

नीक लोक ओ
जे रहैत छैक संस्कारी
जखन धरि आगू नहि
आबैत अछि राक्षसी प्रवृति
नीक लोक ओ
जे रहैत छैक विश्वासी
जखन धरि मुंह नहि
खोलैत अछि धोखा पाउल लोक
नीक लोक ओ
जे नहि करत अश्लील गप
जखन धरि आगू नहि
आबैत अछि कामक प्रस्ताव

नीक लोक ओ
जे करत लोक संग मीठ गप
जखन धरि आगू नहि
आबैत छैक प्रताड़ित पत्नी.

'विदेह' २२४ म अंक १५ अप्रैल २०१७ (वर्ष १० मास ११२ अंक २२४)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. डॉ. कैलाश कुमार मिश्र -    मैथिलानी केर उपराग राम सं आ समाज ...