Thursday, December 18, 2008

रेडिमेडक जमाना - मदन कुमार ठाकुर

( रेडिमेडक मतलब जे काम चलाऊ, कमसँ कम समय मे, कमसँ कम खर्चा मे, कमसँ कम मेहनत मे, निकसँ निक समान, निकसँ निक व्यवस्था निकसँ निक मनोरंजन होइत अछि ! रेडिमेड सभ तरहे सभ लोककें अपना तरफ आकर्षित करैत अछि ! जकर किछ उदहारण हम मैथिल आर मिथिला (मैथिली ब्लॉग) पाठक गन के बिच प्रस्तुत करे चाहय छी ) ....




() हमर विवाह छल पंडितजी के देखलियैन डेढ़ घंटाक अन्दर s विवाह दान सब करा' देलथि ! हम पंडितजी सँ कहलियनि पंडितजी हम छंदोगी ब्रह्मण छी, हमरा सभक विवाह कमसँ कम छः सात घंटा मेs समाप्त होइत छैक ! मुदा अहां दुई घंटाक भीतर सब किछ कोनाक करबा देलियइ ? पंडितजी बजलाह .... सुनु जमाय बाबु " आब अहां के नै बुझल अछि जे रेडिमेडक जमाना छैक " तहि द्वारे झट मंगनी पट विवाह होइत छैक !




() हमर काकाक एगो बेटा लंदन मे रहैत छल ! पढाई लिखाई मे बहुत होनहार छल ! ओकरा पर सभके विस्वास छल जे एक दिन खान्दानक नाम रोशन जरुर करत ! दुई सालक बाद गाम आयल संग मे ऐगो फोर्नर लड़की के सेहो s s आबी गेल छल ! तेँ ओकरा बाबु पुछलखिन्ह जे रौ बोउवा तू विवाह हमरा बिना कहने पंडितजी के बिना दिन तकेनै कोनाक s लेला ? बोउवा बजल ... "बाबु आहां के आब नै बुझल अछि जे रेडिमेडक जमाना छैक " बाबु हमर विवाह नै भेल हन हमर गर्लफ्रेंड छी !




() हम दिल्ली नए - नए आयल छलहुँ ! हम आर हमर भैया एगो विवाह मे सामिल भेल छलहुँ ! विवाह मे देखलहुँ सभकियो नाचैत छल ! सब कियो ठारे - ठार भोजन करैत छल ! हम भैयासँ पूछलहुँ भैया अहिठाम की s रहल छैक ? भैया कहलक ... रे बुरबक " आब तोरा नै बुझल छो जे रेदिमेडक जमाना छैक " आब लोकक पास ओतेक समय नै छैक जे बैस के भोजन चारि घंटा बैस के प्रोग्राम देखता !




() साउथ अफ्रीका मे क्रिकेट मैच चलैत छल ! धोनीक टिम मैच खेलैत छल ! तहिसँ सभ टी.वी. समाचार चेनल पर धुवा - धार जय - जय कार होइत छल ! कियेकी २० - २० क्रिकेट मेच इंडिया जीत गेल छल ! हम अपन काका से पुछलियनि काका पहिने ५० - ५० ओभरक क्रिकेट मेच होइत छल ! आब २० - २० ओभरक खेल किये होइत अछि ? काका बजलाह ... बोउवा " आब अहाँ के नै बुझल अछि जे आब रेडिमेडक जमाना छैक " लोगक पास आब ओतेक समय नै छैक जे बैस केs पूरा ५० ओभर के खेलक आनंद लेता !




() एगो हमर साथी छलथि हुनकर विवाह के मात्र पाँचे महिना भेल छलनि ! ताहिक उपरांत हुनकर घरवाली के एगो बच्चा जनमलनि ! ओही बातसँ आस - पासक जतेक पड़ोसी छलनि सभ केs लगलनि कोना केs s गेल यो एखन विवाह के मात्र पाँचे महिना भेल हएँ ! हमर साथी बजला ... " आब अपने सभ के नै बुझल अछि जे रेडिमेडक जमाना छैक " जे जन्मल धिया पुता बसायल घर सब के मिलैत छैक !




() एक दिनक बात अछि ... बाबा आर हम दुनु आदमी दिल्ली गेलो ! लालकिला कुतुबमीनार देखैक लेल ! आबैत काल मे बाबा के लघुसंका लागी गेलनि ! बाबा हमरा कहलथि जे कनी पानिक व्यवस्था s दिअ जे हम लघुसंका करब ! हम एगो दूकान से १० रुपैया मे पानिक बोतल लेलहुँ बाबा के रोडक साइड मे जगह देखा देलियनि ! बाबा पानि s केs रोड के साइड मे बैस के लघुसंका करैय लागला ! ताबे मे किम्हरो से ऐगो सफाई करैय बला जमेदार आबिगेल बाबासँ कहलकनि ... आपको " अब मालूम नहीं हैं जो अब रेडिमेड का जमाना हैं " जो आप रोड को गन्दा करते हो ! इसके लिए सरकार ने रेडिमेड सुलभ सौचालय का व्यवस्था किया हैं !


(७) इलहाबादक एगो हमर पड़ोसी शर्माजी छलथि ! हुनका एगो २५ वर्षक लड़की छलनि जे डिग्री प्राप्त कs केs घर मे बैसल छलथि ! मुदा शर्माजी के अपन काज धंधा सँ फुरसते नै भेटैत छलनि जे ओ अपन बेटी मुन्नी के लेल वर तकता ! ओ बार बार हमरा परेसान करैत रहैत छलाह जे मदनजी कतौ हमरा मुन्नीक लेल योग्य लड़का देखियो ...... हम कहलियनि .... अपने केs " आब ई नै बुझल अछि जे आब रेडिमेडक जमाना छैक " आब इन्टरनेट के 'Shadi.com' पर वर आ कनियाँ रेडिमेड भेटैत छैक ! मुन्नी से कहबई जे अपन योग्य लड़का ताकि लेट !


(८) एकटा हमर डॉक्टर काका छलथि ! हुनका दिल्लीमे घर आँगन नै छलैन तहि सs ओ अपन परिवारक लेल काफी परेसान रहैत छलैथ ! एक दिन ओ हमरा कहलैथ जे मदनजी हमरा कतौ जमीं खरीद दिअ जे हम दू सालमे अपन घर आँगन बनबा लेब कियेकी आब हमहूँ वृद्ध अवस्थामे आयल जायत छी ..... हम कहलियनि .... काका जी अहाँ के " आब ई नै बुझल अछि जे रेडिमेडक जमाना छैक " कतेक आदमी के रेडिमेड घर आँगन रियल स्टेट कम्पनी द्वारा मिलैत छैक !


(९) हम टी.वी. पर आजतक समाचारक चेनक देखैत छलहुँ ! विषय छल मंत्री परिषद् मे चिंता .... कांग्रेस के पूर्ण रूपसँ बहुमत प्राप्त भs गेल छल ! मुदा विरोधी दल बी.जे.पी. ओही के समर्थन नै करैत छल ! कहैत छल जे विदेशी नेता सोनिया गाँधी हमर मंत्री आ हमर सरकार नै बनि सकैत अछि ! ओही सम्मेलन मे श्री लालू प्रसाद यादव सेहो बैसल छलथि ! लालू जी अंत मे बजलाह ... " आपलोगों को मालूम नहीं हैं की अब रेडिमेड का जमाना हैं " बहुमत किसी को भी मिले मंत्री कोई भी बन सकता हैं ! जैसे मैं जब चारा घोटाला के केस में जेल जाने वाला था तो अपनी पत्नी को मुखमंत्री का कुर्शी पर बैठा कर जेल गया था !


(१०) किछ दिन पहिनेक बात अछि ! हम गामे मs रही हमर काका अपन बेटिक कन्यादान ठीक केलथि ! मुदा वर पक्ष बला कहलकनि जे सरकार हमरा दहेजक पाई काल्हि साँझ तक चाही तखने हम विवाह करब ! नै तेँ दोसर गाम के घटक तैयार छथि ! ई बात शनिक साँझ के छी ! सब कियो परेसान भोs गेला कारण की काल्हि रवि छले आ रवि के बैंक बंद रहैत अछि, साँझ तक एक लाख रुपैया के कोना व्यवस्था हेत ! दोसर दिन काका गाम मे दुई चारी आदमी के पुछल्खिन सभ कियो कहलकनि जे हम सोम दिन बैंक सs पाई आनी के देब ! मुदा वर पक्षक शर्त रवि दिनक साँझ तक छलनि ! अंत मे हम कहलियनि.... " अहां सभ के ई नै बुझल अछि जे आब रेडिमेडक जमाना छैक " आब पाई मशीन सs निकलैत अछि ! तखने हम दू आदमी झंझार पूर ATM मशीन पर गेलहुँ आ चारि टा कार्ड के एक लाख रुपैया निकाली के आबि गेलहुँ सब गाम मे देखते रही गेल ....



जय मैथिली, जय मिथिला,


मदन कुमार ठाकुर, कोठिया पट्टीटोल, झंझारपुर (मधुबनी) बिहार - ८४७४०४,

मोबाईल +919312460150 , ईमेल - madanjagdamba@rediffmail.com

'विदेह' २२४ म अंक १५ अप्रैल २०१७ (वर्ष १० मास ११२ अंक २२४)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. डॉ. कैलाश कुमार मिश्र -    मैथिलानी केर उपराग राम सं आ समाज ...