Friday, February 29, 2008

बजट भ गेल पेश

चलू, एही सरकार के,
अन्तिम बजट भ गेल पेश,
जे आशा छल, वैह भेटल,
बड नई लागल ठेस॥

गाडी-मोटर भ गेल सस्ता,
रोड पर बढ़त रेस,
धुआं उडेनाय महग भेलैन
जे सिगरेट लेता लेस॥

मोबाईल, कंप्यूटर, भ गेल सस्ता,
सब ब्लॉगर करू ऐश,
कर्जा माफी सं पता नई,
किसान के कते खत्म हतैइन क्लेश॥

देखी चुनाव अगिला बरख,
चिदंबरम धेलाईथ दानी के भेष,
देखल जाय महगाई स कहिया तक,
त्रस्त रहत ई देश॥

बजट के स्वाद लिय ....

बजट २००८ - २००९ (व्यापार)

आई दिनांक २९/०२/२००८ कs वित्तमंत्री पी.चिदंबरम २००८ / २००९ के बजट पेश केलैठ ! देखल जाई त बजट के मुख्य केन्द्र बिंदु रहा किसान आर अल्पसंख्यक वोट बैंक ! आगामी लोकसभा चुनाव कs ध्यान म राखेत कर्ज के दलदल मए डुबल किसान लोकेन के लेल ६० हजार कड़ोर रुपैया कर्ज माफ करे के घोषणा केलेथ वित्तमंत्री पी.चिदंबरम ! वेतन भोगी लोकेन कs आयकर म बहुत राहत मिललेंन दलित, पिछरल, आर अल्पसंख्यक के कल्याण के वास्ते योजना के लेल खजाना खोइल देल गेल अछि ! वित्तमंत्री पी.चिदंबरम संप्रग सरकार के बजट म चैर कड़ोर किसान के कर्ज माफ करे के ऋण राहत आर माफी योजना के घोषणा केलेथ ! कर्मचारी आर मध्य वर्ग कs खुश राखै के लेल डेढ़ लाख रुपैया सालाना के व्यक्तिगत आय कs कर सs पूर्ण रूप स मुक्त के देलखिन ! महिला क आब १.८० लाख आर बुजुर्ग क २.२५ लाख तक कुनू कर नै दिया परतेंन ! सही मायने म देखल जाए त इ बजट मए गरीब आर मध्य वर्ग लोकेन के लेल बहुत किछ करै के प्रयाश केलैथ वित्तमंत्री पी.चिदंबरम !


नीचा बजट के मुख्य अंश प्रस्तुत अछि !!

~* आयकर*~
* आयकर सीमा १ लाख ५० हजार भेल
* महिला के लेल आयकर सीमा १ लाख ८० हजार भेल
* बुजुर्ग के लेल आयकर सीमा २ लाख २५ हजार भेल
* ५ लाख स ऊपर ३० फीसदी टैक्स
* १.५ स ३ लाख तक १० फीसदी टैक्स
* ३ स ५ तक २० फीसदी टैक्स
* माँ - बाबूजी के इलाज पर १५००० के खर्च म ८० - डी के तहत छुट
* बैंक स पैसा निकाले पार टैक्स खत्म

~*सस्ता हेत*~

* जीवन रक्षक दवाई

* सेट टॉप बॉक्स

* डेयरी उत्पाद

* दोपहिया , तिपहिया वाहन

* बस आर कार

~*महग हेत*~

* सिगरेट, तम्बाकू , सॉफ्टवेयर


~*अन्य मुख्य बजट बिंदु*~

* रक्षा बजट १० फीसदी बैढ़ क १ लाख ५६ हजार कड़ोर भेल

* ३०० आई आई टी के विकास हेतु ७५० कड़ोर

* दु गो नया साइंस सेंटर खुलत

* बिजली उत्पाद पर जोर, २८ हजार कड़ोर के निवेश

* इंदिरा आवास योजना म हर आदमी के लेल ३५ हजार

* सिंचाई के लेल २० हजार कड़ोर के योजना

* बागवानी विकाश के लेल ११०० कड़ोर के योजना

* कृषि बीमा योजना के लेल ६४४ कड़ोर के योजना

* विज्ञान के छात्र के लेल ८५ कड़ोर के योजना

* बाल विकाश योजना के लेल ६३०० कड़ोर

* सर्वशिक्षा अभियान हेतु १३१०० कड़ोर

* दुपहर भोजन के लेल ८ हजार कड़ोर

* पोलिया अभियान हेतु १०२२ कड़ोर

* तीन नया आई आई टी खुलत

* आंध्र प्रदेश, राजस्थान, आर अपन बिहार म आई आई टी खुलत

* भारत निर्माण के लेल ३१ हजार कड़ोर के योजना

* ४१० कस्तूरबा गाँधी कन्या स्कूल बनत

केना बची आलोचना के तीर सs

मिथिला "बहिन"

लोकेन के लेल खाश"

समाज मs आहा कतो जाओ आहा क किछ लोग अई तरह के मिलये जेत जिनकर काजे सिर्फ दोसर के किछ नै किछ बुराई करब होई छैन ! इ हुनकर आदत होई छैन जकरा सूइन कs सायद आहा क गुस्सा होइत हेत ! हमर इ ब्लोग लिखे के मकसदे इ अछि की ओई समय आहा गुस्सा नै के क हुनकर बात कs नया मोड़ दीयोंन फेर हुनकर हालत देखु ! वास्तव मs अई तरहक लोग के उद्देश्य इये होई छैन की कुन तरह आहा के भाड़काबे ता की गुस्सा मs अपने हुनका किछ अनर्गल बात कैह दीयों ताकि हुनका आहा के बुराई दोसर लग करै के मोका मिलैंन ! ताहि लेल कहे छी यदि ओई समय आहा अपन गुस्सा पर काबू के लाई छी तस समझू आहा किला फतह के देलो ! किछ ऐहना हमर परोसी के संग भेल रहैंन, एक दिन ओ अपन ननद कs सबके सामना मए दुत्कारलखींन ताहिए सs हुनकर ख़ुशी क ग्रहण लैग गेलेंन ! दरअसल हुनकर ननद हुनका किछ स किछ गाहे - बगाहे सुनबैत रहथिन, बस एक दिन जखन घर म मेहमान रहैंन ओही समय ननद के कटाक्ष के ओ तहेंन जबाब देलखिन की ओही दिन सs ननद के नज़र म बुरा बैंन गेली ! सब मेहमान हुनकर बुराई केलखिन आर फेर त हर कियो हुनका स बात करे स पहिने इ धारणा बने लेल्खिं की ओ बहुत ख़राब छैथ ! हुनकर ककरो स नै बने छैन, हुनका स बात करबे बेकार अछि ! जखन की वास्तव म आई तरह के कुनू बात नै रहेंन ! दरअसल हर आदमी के तम्मना होई छैन की सब हुनका निक कहैंन ! असल म हम सब हमेशा इये समझे छी की सामनेवला जेहेंन हम चाहे छी ओहिना व्यवहार हमरा संग करैथ ! मुदा हमर सभक विरुद्ध कियो यदि किछ बाजेत छैथ ताए हमर सभक दिल तुइट जैत अछि ! हुनका स रिश्ता फीका परे लागे य ! यदि आहा अपन रिश्ता म खटास लाबे स बचे लाय चाहे छी, त किनको प्रति कुनू प्रतिक्रिया व्यक्त करे स पहिने इ जरुर सोइच ली की हुनका की पसंद छैन, आर की नापसंद, इ बात स अपने क खाली हुनकर खुबिया आर खामिया के बारे म पता नै चलत, बल्कि हुनका आहा स्वाभाविक गुण के साथ स्वीकारो के सकब ! आहा के अपेक्षा नै हेत नै टूटत, मगर एकर मतलब इ नै अछि की किन्कारो कुनू भी अनर्गल बात बर्दाश्त करेत रहू ! खाली आहा अपन मन म इ धारणा बने ली की आहा हुनकर बात कखन तक बर्दाश्त के सके छी ! बात सीमा पार होई स पहिने हुनका बाते दीयोंन की आहा हुनकर बहुत बात बर्दाश्त केलियेंन आब बर्दाश्त नै हेत ! आई स सामने बला क अपन गलती के अहसास भे जेतेंन आर आहा के रिश्ता बिगड़े स बैच जेत ! बहिन हमरा समझ स निक इये अछि की यदि कुनू तरहक विवाद स घिरल बात कियो कहा त निक इये हेत की अपने चूपी सैधली, सामने वला निराश भो क खुदे बाजब बंद के देती ! ओनैयो हर बात पार सवाल - जबाब करब कुनू निक बात थोरे न अछि ! एकर बावजुदो यदि अपने क गुस्सा आबे त अपन ध्यान कतो आर मोइड़ देल करू, जना की यदि घर म छी त बहर आँगन मए निकैल क किछ काज के लेल करू, टीवी खोइल क बैस सके छी ताकि ओई समय चलाई बला बात के रुख बदैल जाय ! कतेक बेर देखल गेल अछि की हम सब कुनू बात के प्रतिक्रिया क नकारात्मक ढंग स लैत छलो ! इ बात ठीक नै अछि ! ठंढा दिमाग स हमरा सब क सोच्बाक चाही की हम अपन आप कई कोना सुधारी कहावत अछि "आप भला तो जग भला" यदि कियो अपने स किछ कहेत अछि त पहिने हुनका बात पर नाराज़ होई के बदला अमल करैत सोचबाक चाही की बात म कतेक सत्यता अछि ! मिठास के संग जबाब दै के कला के साथे - साथ विनम्रता क अपन व्यक्तितत्व के अंग बनाबी इये हमर सब मिथिला बहिन स आग्रह अछि ! हमर धारणा यदि अपने क पसंद हुवे त टिप्पणी देब नै भुलब धन्यवाद !!

'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

ऐ  अंकमे अछि :- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१. जगदीश प्रसाद मण्‍डलक  दूटा लघु कथा   कोढ़िया सरधुआ  आ  त्रिकालदर ्शी २.२. नन...