Monday, July 28, 2008

'विदेह' १ जुलाई २००८ ( वर्ष १ मास ७ अंक १३ )३.उपन्यास सहस्रबाढ़नि -गजेन्द्र ठाकुर

३.उपन्यास
सहस्रबाढ़नि -गजेन्द्र ठाकुर

एहि घटनाक चरचा बहुत दिन धरि होइत रहल। नन्दक आदर अपन नीचाँक कर्मचारीक बीच एहि घटनासँ बढ़ि गेल छलन्हि, मुदा आब ठिकेदार आऽ अभियन्ता लोकनिक बीच नन्द रावण बनि गेल छलाह।
सभ टा चीज ठीक-ठाक चलि रहल छल। नन्दक बच्चा सभ गणित आऽ विज्ञानक अंकगणितीय प्रश्न सभ जनबरीसँ मार्च धरि बना लैत छलन्हि। मुदा घरक सभ काज किएक तँ नन्द स्वयं कए लैत छलाह, नन्दक बच्चा सभ स्कूल गेनाइ आऽ घर अएनाइक अतिरिक्त्त बाहरी दुनियासँ अनभिज्ञ छलाह। कतओ घुमए जाथि तँ नन्दक संगे, एक तरहेँ बुझू जे नन्दक बच्चा सभक व्यक्त्तित्व एकटा विभिन्न प्रकारसँ निर्मित भए रहल छलन्हि। नञि तँ कोनो दोस्त-महीम, नञि तँ कोनो दोस्तक घर अएनाइ-गेनाइ। ओहि समयमे मीडिअम वेभक एकटा जापानी ट्रांजिस्टर नन्दक घरमे छलन्हि, वैह मनोरंजनक एकमात्र साधन छल। हुनकर बच्चा सभ एकरा रेडियो कहैत जाइ छलाह, आऽ नन्द बुझबैत छलखिन्ह जे रेडियो बड्ड पैघ होइत अछि, ट्रांजिस्टर आकारमे छोट होइत अछि। नन्द जखन नोकरी शुरू कएने रहथि तँ बुश कम्पनीक एकटा रेडियो गाम लए गेल छलाह। सौँसे टोलबैय्याक भीड़ जुमि गेल छल रेडियो सुनबाक लेल। ओऽ जापानी मीडिअम वेभ रेडियो मझोला आकारक बैटरीसँ चलैत छल, खूब बैटरी खाइत छल ई ट्रांजिस्टर। बैटरी प्रायशः महिनाक दस तिथि धरि चलैत छल। बैटरी एक महिनामे एक बेर अबैत छल, महिनबारी किरानाक वस्तुजातक संग। से नन्दक बच्चा लोकनिक मनोरंजनक ओऽ साधन महिनामे बीस दिन काज नहि करैत छल, आऽ ताहि लेल बच्चा सभ पलंगक दुनू कात दू टा गोल पोस्ट बनबैत छलाह। ई गोल पोस्ट प्लास्टिकक एक-दोसरामे जुड़य बला खेल सामग्रीसँ बनैत छल, ई खेल सामग्री पता नहि कतेक दिनसँ घरमे पड़ल छल, प्रायः गंगा ब्रिज कॉलोनीमे क्यो गोटे देने छलखिन्ह। नन्दक दुनू बेटा दुनू दिशि ककबाक स्टिकसँ खेलाइत छलाह। ए बी सी डी क कचकाराक खेल सामग्री बॉल बनैत छल। खेलक निअम सेहो भिन्न छल। मात्र एक शॉटमे एक गोल पोस्टसँ दोसर गोल पोस्टमे गोल करए पड़ैत छल। एहि तरहक कैकटा नूतन क्रीड़ाक जनक छलाह नन्दक दुनू पुत्र।
नन्द सामान्य जीवन व्यतीत कए रहल छलाह, मुदा गंगा पुलक कोनो चरचा हुनकर अन्तरमनमे हुलिमालि शुरू कए दैत छलन्हि।

(अनुवर्तते)
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