Sunday, July 27, 2008

विदेह 01 मई 2008 वर्ष 1 मास 5 अंक 9 14. मैथिली भाषापाक

14. मैथिली भाषापाक
भाषा आ’ प्रौद्यगिकी

कखनो काल मंगल फॉन्टमे टाइप कएलाक उत्तर pdf मे परिवर्त्तित करबाक काल किछु दिक्कत होइत छैक। एहि स्थितिमे दूटा काज करू। पहिल जे वर्डक फाइल खोलू, फेर प्रिंट विकल्पमे जाऊ। प्रिंटरमे एडोब एक्रोबेट सेलेक्ट करू, फेर आगू बढ़बासँ पहिने प्रोपेर्टीजमे जाऊ। ओहिमे do not send fonts to acrobat distiller चेक कएल होयत। एकरा अनचेक करू( टिक केर चेन्हकेँ हटाऊ) । एकर बाद ओके करू तँ pdf फाइल बनि जायत। एहि फाइलमे कखनो काल घ हलन्त आ’ ज कखनो काल चतुर्भुज रूपमे नञि पढ़बा योग्य अबैत अछि। एकरा दूर करबाक हेतु शुरूमे कंट्रोल ए सँ संपूर्ण वर्ड फाइलकेँ खोललाक बाद सेलेक्ट कए लिअ आ’ फोंन्टमे मंगल केर बदलामे ‘एरियल यूनीकोड एम एस’ फॉन्ट सेलेक्ट कए लिअ, तकरा बाद प्रिंट ऑप्शन फेर प्रिंटरमे अडोब एक्रोबेट आ’ आँगा प्रोपेर्टीजमे do not send fonts to acrobat distiller चेक कएल होयत। एकरा अनचेक करू( टिक केर चेन्हकेँ हटाऊ)। आब जे pdf फाइल बनत ताहिमे कोनो प्रकारक दिक्कत नहि होयत। पी.डी.एफ. स्प्लिटर आ’ मर्जर सॉफ्टवेयर ( जेना फ्रीवेयर सॉफ्टवेयर ‘पी.डी.एफ. हेल्पर) केर मदतिसँ आसानीसँ पी.डी.एफ. फाइल जोड़ि आ’ तोड़ि सकैत छी।


. मैथिली भाषापाक (२)- गजेन्द्र ठाकुर/ नागेन्द्र कुमार झा

मूल्यांकन
अत्युत्तम- 14-15
उत्तम- 12-13
बड़-बढ़िया- 09-11

1.गतानब: क. खाट तानब ख. खाट खोलब. ग. खाट तोड़ब घ. एहिमे सँ कोनो नहि।
2. पलानिकेँ: क. कुमनसँ ख. यत्नपूर्बक ग. सोचि कए. घ. एहिमे सँ कोनो नहि।
3. टोनब: क. गाछ रोपब ख. गाछ जरायब ग.गाछ रोपब घ. डारि खण्ड करब।
4. अकानब: क. कान काटब. ख.कान लग बाजब. ग. ध्यान नहि देब. घ. कान पाथब ।
5. गुदानब: क. देखब. ख. ध्यान राखब. ग. उपेक्षा करब. घ. मोजर देब।
6. उसनब: क. पानिमे आगिसँ सिद्ध करब ख. भुजब. ग. सुखायब. घ. एहिमे सँ कोनो नहि।।
7.बिधुनब: क. सरियायब ख.फेंकब. ग. उनटब-पुनटब घ. गेंटब।
8. पटब: क. लड़ब. ख. झगड़ा होएब. ग. मिलान नहि होयब. घ. मिलान होयब।
9. बिनब: क. नुआ बीनब-बनाएब. ख. नुआ सुखायब. ग. नुआ जराएब. घ. नुआ धोब।
10. खुनब: क. कोड़ब ख. चास देब. ग. पटाएब. घ. जोतब।
11. तुनब: क. कपड़ा बीनब. ख. कपड़ा सीब. ग. तूर तुनब. घ.भाड़ घोंटब।
12. बुनब: क. बीआ बाउग करब ख. बीआ उखाड़ब.ग. बीआ दहाएब. घ. एहिमे सँ कोनो नहि।
13. लुबधब: क. अरबधब. ख. सोहड़ि जाएब. ग. विहीन होएब घ. दुलार करब।
14. अरबधब: क. अवश्य करब. ख. फुर्ती करब. ग. अनवरत कार्य करब. घ. एहिमे सँ कोनो नहि।
15. छपब: क. तिरोधान होएब. ख. दूर जायब. ग. दबाड़ब. घ. हँसायब।
उत्तर
मैथिली भाषापाक (२) केर उत्तर:
1. क. खाट तानब ।
2. ख. यत्नपूर्बक ।
3. घ. डारि खण्ड करब।
4. घ. कान पाथब ।
5. ग. उपेक्षा करब ।
6. क. पानिमे आगिसँ सिद्ध करब ।
7. ग. उनटब-पुनटब ।
8. घ. मिलान होयब।
9. क. नुआ बीनब-बनाएब ।
10. क. कोड़ब ।
11. ग. तूर तुनब ।
12. क. बीआ बाउग करब ।
13. ख. सोहड़ि जाएब ।
14. क. अवश्य करब ।
15. क. तिरोधान होएब ।
मूल्यांकन
अत्युत्तम- 14-15
उत्तम- 12-13
बड़-बढ़िया- 09-11
c)२००८. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ’ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

विदेह (पाक्षिक) संपादक- गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ आर्काइवक/ अंग्रेजी-संस्कृत अनुवादक ई-प्रकाशन/ आर्काइवक अधिकार एहि ई पत्रिकाकेँ छैक। रचनाकार अपन मौलिक आऽ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in आकि ggajendra@videha.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx आ’ .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ’ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आऽ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक 1 आ’ 15 तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

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'विदेह' २३१ म अंक ०१ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३१)

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