Wednesday, June 18, 2008

बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

बाट जोहि जोहि ,
मोन ऐछ थाकल ,
मुंह देखे लेल,
मोन ऐछ लागल,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

बीटल बसंत पंचमी, आ,
गेल होली कहिया नै ,
सब पाबैइन अहाँ बिनु बीतल ,
कुन कुन के लिय नाम यौ,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

सहर्षा बाला काका एला,
दुमका बला आईब क गेला,
कहिया आयत अहांके बेटा,
सब पूछैत ऐछ, सब ठाम यौ,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

पाहिले लिखित छलों चिट्ठी-पत्री,
कखनो पठ्बैईत छलौं सनेश,
आब त फ़ोन पर,
क लैएत छी छोट सन राम राम यौ,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

मानल, परदेस बहुत कमेलौं,
हमरो सब लेल खूब पठेलौं,
मुदा माय-बाप के प्रेम सन पैघ,
के द देत दाम यौ,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

कलम-गाछी , अंगना-दालान,
बिनु अहाँ, सब सुनसान,
गाछ मजरल, बाट ताके लगलौं,
आब त पाईक रहल ऐछ आम यौ,
बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?


आय मिथिलांचल के हेरेक माँ , अपना बौवा सन येह पूईछ रहल छाई.......



6 comments:

  1. माँ के ममता सs सराबोर इ कविता

    "बौवा, कहिया आयब गाम यौ"

    बहुत निक लागल संगे अपने'क लेखनी लाजबाब अछि, अहिना मैथिल और मिथिला के लेल लीखैत रहू !!
    हमर शुभ-कामना अपने के संग अछि !!

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  2. dhanvaad jeetu jee,
    ham prayaas mein chhee je kichh vyangya seho ahan sab lel prastut karee, home woek chail rahal aichh.

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  3. आत्मासँ हृदयसँ लिखल एहि ब्लॉगक सभ पद्य हृदयकेँ छुबैत अछि।

    গজেন্দ্র ঠাকুব

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  4. सहर्षा बाला काका एला,
    दुमका बला आईब क गेला,
    कहिया आयत अहांके बेटा,
    सब पूछैत ऐछ, सब ठाम यौ,
    बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?

    पाहिले लिखित छलों चिट्ठी-पत्री,
    कखनो पठ्बैईत छलौं सनेश,
    आब त फ़ोन पर,
    क लैएत छी छोट सन राम राम यौ,
    बौवा, कहिया आयब गाम यौ ?
    wah

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  5. bahut nik lagal aaha k kavita su k ahena lagal rahoo mithila k naam aanhi sab rosan karab

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  6. ee blog samanya aa gambhir dunu tarahak pathakak lel achhi, maithilik bahut paigh seva ahan lokani kay rahal chhi, takar jatek charchaa hoy se kam achhi.

    dr palan jha

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'विदेह' २३२ म अंक १५ अगस्त २०१७ (वर्ष १० मास ११६ अंक २३२)

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